'डॉन' तो गयो. यहां डॉन बॉलीवुड के शाहरुख खान या अमिताभ बच्चन नहीं. बल्किपाकिस्तान के 'डॉन' न्यूज़पेपर की बात हो रही है. अखबार है खबर तो छापेगा ही बस चेपदी थी एक खबर अपने ख़ुफ़िया सूत्रों के हवाले से. ये सूत्र बड़े ही काम के और जंजालवाले होते हैं. तो मियां जो खबर डॉन ने 6 अक्टूबर को चिपकाई उसमें पाकिस्तानीगवर्नमेंट की किरकिरी हो गई. या ये कहिये कि आतंक को सपोर्ट करने की पोल खोल दी थीडॉन ने. उसके बाद हुआ ये कि डॉन को देशद्रोही साबित किया जाने लगा था. ट्विटर परट्रेंड होने लगा था कि DawnIsaTraitor. अब डॉन को कुर्बानी का बकरा बनाया जा रहाहै. ऐसा हम नहीं कह रहे डॉन खुद कह रहा है. और जिसने ये खबर लिखी थी उस पत्रकार परतो देश से निकलने पर ही पाबंदी लगा दी गई है. ट्वीटर पर पत्रकार सायरिल अल्मिदा कोदेशद्रोही बताया जा रहा है. डॉन की लंका लगाने के लिए आर्मी चीफ राहिल शरीफ पहुंचगए नवाज शरीफ के घर. मीटिंग हुई. और फिर तय हुआ कि सरकार के खिलाफ खबर छापने वालेडॉन के जिम्मेदार लोगों पर सख्त से सख्त एक्शन लिया जाए. ऐसे खबर पढ़ने में मजा नहींआ रहा होगा. पहले ये जान लो आखिर डॉन ने छापा क्या था. जिसपर नवाज शरीफ इत्ते कल्लारहे हैं. 'डॉन अखबार' ने छह अक्टूबर को पहले पन्ने पर सूत्रों के हवाले से छापा किनवाज शरीफ ने हाई लेवल की मीटिंग बुलाई और अपनी फौज को अच्छे से समझा दिया कि देखो,जो बैन हो रखे मिलिटैंट ग्रुप हैं, उनका साथ देना बंद कर दो. नेशनल सिक्योरिटीएडवाइजरी की भी क्लास ली. कहा कि पठानकोट और 26/11 अटैक की जांच जल्दी से जल्दीपूरी कर दो. क्योंकि पाकिस्तान कथित आतंकवाद के समर्थन की वजह से इंटरनेशनल लेवल परअलग थलग पड़ रहा है. और पूरी खबर पढ़नी है तो इस लिंक पर क्लिक कर लेना.बाहर से धकियाए नवाज, घर में सबको गरियाएं नवाजबस ये छापना हुआ पाकिस्तान सरकार और आर्मी बौखला गई. पहले तो बयान जारी हुआ कि ऐसीकोई मीटिंग नहीं हुई है. आआं ऊं करके बात टाली गई. लेकिन सोशल मीडिया पर जब ट्रेंडहुआ तो कुछ लोगों ने डॉन के साथ-साथ सरकार पर भी शक किया. उसका लिंक ये रहा पढ़ हीलेना.मिलिए पाकिस्तान के देशद्रोही डॉन सेअब सरकार को अपनी इज्जत का फलूदा होने से बचाना था तो सोमवार को फिर मीटिग हुई,जिसमें नवाज शरीफ और राहिल शरीफ के अलावा फाइनेंस मिनिस्टर इशाक दार, होम मिनिस्टरनिसार अली खान, पंजाब के सीएम शाहबाज शरीफ और डीजी आईएसआई लेफ्टिनेंट जनरल रिजवानअख्तर मौजूद रहे है. मीटिंग में कहा गया कि प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया अटकलबाजीवाली रिपोर्टिंग, नेशनल सिक्योरिटी और देश के हितों को ताक पर रखने से परहेज करे.प्रधानमंत्री ने डॉन के खिलाफ सख्त एक्शन लिए जाने के आर्डर जारी कर दिए और खबर कोअटकलबाजी बताया.अब डॉन की भी सुन लोडॉन कह रहा है कि ये डॉन रॉन्ग नहीं होता. क्योंकि उसने अपने रीडर से वादा किया हुआहै कि वो सिर्फ सच छापेगा और आजादी के साथ सबसे पहले आप तक पहुंचाएगा. प्रधानमंत्रीके ऑफिस से तो स्टोरी को मनगढ़ंत बता दिया गया मगर डॉन ने इस खबर को छापने से पहलेपूरी तरह से तस्दीक कर ली थी, वो भी उन लोगों से जो उस मीटिंग में शामिल हुए थे. अबबात ऐसी है कि गवर्नमेंट एक मुहिम के तहत अख़बार को कुर्बानी का बकरा बनाने की कोशिशकर रही है. तो सरकार ऐसा करने से परहेज करे. और उसे रिपोर्टिंग करने दे.खबर लिखने वाले पर लगी पाबंदीजिसने ये खबर लिखी थी उस पत्रकार पर तो पाबंदी लग गई है. मतलब वो देश से बाहर नहींजा सकता है. ट्वीटर के जरिए सायरिल अल्मिदा ने इस बात की जानकारी दी. उनका नामएग्जिट कंट्रोल लिस्ट में डाल दिया गया. ताकि वो पाकिस्तान से बाहर नहीं जा सकें.https://twitter.com/cyalm/status/785559786519666688?ref_src=twsrc%5Etfw हमारी तोचुटकी लेने वाली ये ही सलाह थी कि डॉन की बेबाकी को देखकर पाकिस्तान सरकार और आर्मीको चुप्पी साध लेने में ही भलाई थी, क्यों गढ़े मुर्दे उखाड़ रहे हैं मियां नवाज. डॉनपर एक्शन लेंगे तो वो भी सबूत पेश कर देगा अपने बचाव में. और फिर जिस पाकिस्तानी कोआतंक के समर्थन वाली खबर का यकीन नहीं था उसे भी यकीन हो जाएगा.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ेंकश्मीर के लिए चिल्लाने वालों, पाकिस्तान में 4 औरतें मार दी गईंपता चल गया, नवाज शरीफ को बुरहान वानी की याद इत्ता क्यों सता रही है