The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • orphaned HIV positive siblings denied ration in kendrapara, odisha

एचआईवी बना विलेन, अनाथ बच्चों को नहीं मिला राशन

जिन्हें प्रेसिडेंट कलाम ने सहायता दी, उन्हें सरकारी राशन कोटे वाले ने राशन देने से इंकार कर दिया.

Advertisement
Img The Lallantop
फोटो - thelallantop
pic
आशुतोष चचा
18 मार्च 2016 (अपडेटेड: 18 मार्च 2016, 11:56 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share
सरकार द्वारा चलाई जा रही फूड डिस्ट्रब्यूशन स्कीम के तहत राशन कार्ड वाले लोगों को अनाज मिलने का प्रावधान है. पर ऐसा हो रहा है या नहीं खुद ही देखिए. ओडिशा के केन्द्रपुरा जिले में दो अनाथ बच्चों को रीटेलर ने राशन देने से मना कर दिया. क्योंकि दोनों को एड्स है. इसकी जांच करने के आदेश दे दिए गए है. घटना बीते रविवार की है. दोनों बच्चे अनाज लेने गांव में सरकारी राशन की दुकान के रीटेलर अनंता बेहरी के पास गए. पर अनंता ने उन्हें अनाज देने से मना कर दिया. लड़के का कहना है कि जब मैं अपनी बहन के साथ राशन की दुकान पर गया, मुझे ठंड लग रही थी. मैं कांप रहा था और खांसी भी आ रही थी. इससे बेहरी चिढ़ गया. और उसने कहा कि दूर खड़े रहो. वरना मुझे भी एड्स के कीटाणु लग जाएंगे. फिर मैं अपनी बहन के साथ बिना अनाज लिए वापस आ गया. अनंता का कहना है कि उसने बच्चों को राशन देने से मना नहीं किया. बस बाद में आने को कहा. मसला जब जिले के कलक्टर देबराज सेनापति के कान में पड़ा तो उन्ने कहा कि अगर अनंता बेहरी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ क्रिमिनल ऐक्शन लिया जाएगा. दोनों बच्चे ओलावर गांव में रहते हैं. लड़के की उम्र 14 साल है और लड़की की उम्र 12 साल है. अनाथ है. पेरेंट्स 2005 में चल बसे. उनको एड्स था. पेरेंट्स के जाने के बाद बच्चों की देख-रेख का सवाल उठा. कुछ सूझा नहीं तो मदद के लिए लेटर लिख दिया उस वक्त के प्रेसिडेंट डा. एपीजे अब्दुल कलाम को. और अपनी आपबीती बताई. कलाम साहब पसीज गए लेटर पढ़कर. फौरन 20 हजार रुपये भिजवा दिए. और लोकल अधिकारियों को उनकी मदद के लिए भी बोल दिया. एड्स को लेकर अवेयरनेस बढ़ाने के लिए सरकार को कुछ कड़े कदम उठाने होंगे. मुनाफे के लिए विज्ञापन बनवाने बंद करने होंगे. वरना एड्स एक दिन सबके दिमाग को हो जाएगा.  

Advertisement

Advertisement

()