सर्जिकल स्ट्राइक से अब तक मानसिक रूप से जुड़े लोगों के लिए एक और खबर है. इंडियाऔर पाकिस्तान के बीच पहले भी कई सर्जिकल स्ट्राइक हो चुकी हैं. इस बारे में हम आपकोपहले ही बता चुके हैं. लेकिन अब एक नया खुलासा हुआ है. बाकायदा ऑफिशियलडॉक्यूमेंट्स भी हैं. ये सर्जिकल स्ट्राइक इंडिया पाकिस्तान के बीच साल 2011 में दोबार हुई. पाकिस्तान हमारे दो फौजियों के सिर काटकर ले गया था. जवाब में ऑपरेशनजिंजर किया गया. खून का बदला खून और सिर का बदला सिर की तर्ज पर तीन पाकिस्तानीफौजियों के सिर काटकर इंडियन आर्मी इस पार ले आई थी. द हिंदू की खबर के मुताबिक,2011 की गर्मियों में हुए इन दो सर्जिकल स्ट्राइक्स में कुछ 13 फौजी मारे गए थे. इससर्जिकल स्ट्राइक के ऑफिशियल डॉक्यूमेंट्स, वीडियो और फोटोग्राफिक सबूत भी हैं. इसपूरे प्लान को मेजर जनरल एसके चर्कोवर्ती (रिटायर्ड) ने बनाया था. कुपवाड़ा के 28डिविजन के चीफ रहे मेजर साहेब ने ऑपरेशन को अंजाम तक पहुंचाया था. बताते हैं किमेजर साहेब भी ऑपरेशन जिंजर के होने की पुष्टि कर दी है. हालांकि ज्यादा गहराई मेंघुसकर डिटेल देने से मेजर साहेब ने इंकार किया. बता दें कि ये वो दौर था, जब केंद्रमें मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे. यूपीए की सरकार थी. और हां, इस ऑपरेशन का कोईवीडिया रिलीज नहीं हुआ है. इन नीचे लटके कागजों के अलावा कोई सबूत नहीं है. संजयनिरुपम, अरविंद केजरीवाल जी संतोष करें. पहले पाकिस्तान ने की सर्जिकल स्ट्राइकखबर की मानें तो पहले पाकिस्तानी बॉर्डर एक्शन टीम ने सर्जिकल स्ट्राइक की. ये जगहथी कुपवाड़ा का गुगलधर इलाके की आर्मी पोस्ट. पाक से आए हमलावरों ने कुमाऊं औरराजपूत रेजीमेंट के फौजियों पर हमला किया. ये वो वक्त था जब 19 राजपूत बटालियन को20 कुमाऊं में तबदील किया जाना था. बताते हैं कि पाक हमलावर हवलदार जैपाल सिंह औरलांस नायक देवेंद्र सिंह का सिर काटकर अपने साथ ले गए थे. इस पूरे हमले के बारे मेंबताने वाले फौजी की बाद में अस्पताल में मौत हो गई थी. जैसे को तैसा इस हमले के बादइंडिया ने जवाबी कार्रवाई की. आर्मी ने ऑपरेशन जिंजर प्लान किया. इंडिया ने सर्जिकलस्ट्राइक करने से पहले सात बार रेकी की गई. दो महीने रेकी की गई. ये ऑपरेशन साल2011 में ईद से ठीक एक दिन पहले किया गया था. इस ऑपरेशन के दिन चुना गया मंगलवार.ऐसा इसलिए क्योंकि 1999 में करगिल वॉर समेत कई लड़ाइयों में इसी दिन आर्मी को कईबार जीत मिली थी. ऑपरेशन जिंजर में कुछ 25 जवान चुने गए. ज्यादातर पैराकमांडोज थे.सभी जवान 29 अगस्त को सुबह 3 बजे लॉन्च पैड पर पहुंचे. रात 10 बजे तक जवान वहींछिपे रहे. इसके बाद सुबह 4 बजे बॉर्डर पार किया. सुबह 4 बजे हमारे फौजियों ने चारपाकिस्तानी जवान देखे. आर्मी ने वहां माइन्स बिछा दी थीं. जैसे ही ये चार फौजी वहांपहुंचे, रिमोट का बटन दबा. धांय से आवाज हुई. ऑपरेशन फौजियों के मन में ब्रेकिंगचली 4 पाकिस्तानी फौजी ढेर. धमाके की आवाज सुनते ही 2 पाकिस्तानी फौजी उल्टी तरफभाग लिए. वहां ऑलरेडी इंडियन आर्मी की एक टीम निशाना लगाए बैठी थी. उन दो फौजियोंको मरा देखकर दो पाकिस्तानी फौजी और भागे. तो क्या पाते हैं कि इंडियन आर्मी कीतीसरी टीम निशाना लगाए बैछे हैं. लिहाजा ये दो भी ढेर. अच्छा है इस सर्जिकलस्ट्राइक का लाइव कवरेज नहीं हुआ. वरना न्यूज चुन्नलों में टिकर पर बैठा बंदाइस्तीफा दे देता. रास्ते भूले जवाब का पाकिस्तानी फौजियों ने काटा था सिर साल था2008. जून का महीना था. गोरखा राइफल्स का एक जवान रास्त भटक कर उस पार पहुंच गया.वहां मिल गए पाकिस्तानी बॉर्डर एक्शन टीम के जवान. केल सेक्टर की बात थी. कुछ दिनोंबाद उस जवान का शरीर बिना सिर के पड़ा मिला. अपने जवान की सिर कटी लाश देखकर आर्मीमें गुस्सा भर गया. इंडियन आर्मी ने पाकिस्तानी पोस्ट पर अटैक किया. दावा है कि 4पाकिस्तानी फौजियों के सिर काटकल ले आए थे हमारे जवान. यही नहीं, करीब 8 पाकिस्तानीफौजी भी इस ऑपरेशन के दौरान मारे गए. हेमराज के कटे सिर का बदला जनवरी 2013 की बातथी. पाकिस्तानी बॉर्डर एक्शन टीम ने लांस नायक हेमराज का सिर काट लिया था. जवाब मेंइंडिया ने 'ऑपरेशन बदला' प्लान किया. हमारे जवानों ने एक पाकिस्तानी पोस्ट को पूरीतरह से तबाह कर दिया. करीब 6 पाकिस्तानी फौजी और कई आतंकवादी मारे गए. मनमोहनसिंह के शासनकाल में 9 बार की गई सर्जिकल स्ट्राइक