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UP: योगी समर्थकों का नया पोस्टर, CM को लिखा 'मुल्ला भ्रष्टाचारी'

पोस्टर पर पोस्टर आ रहा है. उत्तर प्रदेश में चुनाव इस बार फोटोशॉप से लड़ा जाएगा?

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9 मई 2016 (अपडेटेड: 8 मई 2016, 04:50 AM IST)
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फोटोशॉप राजनीति का नया हथियार है. अगले साल होने वाले चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में भी माहौल बांधा जा रहा है. राहुल गांधी के सिंघम वाले पोस्टर के बाद बीजेपी की तरफ से जवाब आया है. इस पोस्टर में योगी आदित्यनाथ को शेर पर सवार दिखाया गया है. मुलायम, राहुल, ओवैसी और मायावती को गधे पर सवार दिखा गया है. नीचे लिखा है, 'भागो, योगी जी आ रहे हैं'. पोस्टर के बाईं ओर ऊपर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य का फोटो है. सबसे ऊपर संकल्प 2017 के साथ 'अब की बार, योगी सरकार' वाली पिटी हुई लाइन लिखी है. यह पोस्टर गोरखपुर में बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा की ओर से लगाया गया है. इससे पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं की तरफ से जारी एक पोस्टर में राहुल गांधी को सिंघम के गेटअप में दिखाया गया था. अब ताजा पोस्टर में राहुल को 'देश को बांटने वाले' का टाइटल दिया गया है. मायावती को भी ताज घोटाले की याद दिलाकर भ्रष्टाचारी कहा गया है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के लिए 'मुल्ला भ्रष्टाचारी' शब्द का इस्तेमाल किया गया है. और MIM के असदुद्दीन ओवैसी को मुसलमानों को गुमराह करने वाला लिखा गया है.
पोस्टर्स बनाने में पार्टी समर्थक अपनी सारी क्रिएटिविटी झोंक देते हैं. पहले थीम सोचते होंगे, फिर डिज़ाइन और स्लोगन लिखते और बनाते होंगे. कुछ में तो नेताओं को भगवान ही बना दिया जाता है. ज्यादातर मामलों में मकसद बड़े नेताओं की नजर में नंबर बनाने का ही होता है. लेकिन जब उस पर बवाल होता है तो बड़े नेता भी पल्ला झाड़ लेते हैं. 
बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य इरफान अहमद सांसद महंत योगी आदित्यनाथ के बड़े समर्थक हैं. वह चाहते हैं कि योगी आदित्यनाथ को 2017 के चुनाव प्रदेश का मुख्यमंत्री कैंडिडेट घोषित किया जाए. इसी मकसद से गोरखपुर में जुलूस निकाला गया था. यह पोस्टर पहले जुलूस में इस्तेमाल किया गया. फिर पूरे गोरखपुर में इसे जगह जगह चस्पा कर दिया गया. राहुल गांधी का सिंघम वाला पोस्टर इससे पहले गोरखपुर में ही कांग्रेस ने एक पोस्टर लगाया था, जिसमें राहुल 'दबंग' वाले लुक में नजर आ रहे थे. Dabang rahul gandhi                       गोरखपुर कांग्रेस कमेटी की तरफ लगा था ये पोस्टर. जिसमें राहुल अत्याचार मिटाने वाले, जुर्म का खात्मा करने के लिए पधार रहे हैं. निशाने पर हैं अखिलेश यादव, मायावती, केशव प्रसाद मौर्या और ओवैसी. ये भी लिखा है कि 27 साल से जो प्रदेश को काट खाने में लगे हैं, उनकी छुट्टी होने वाली है. क्योंकि कांग्रेस सरकार सुशासन लेकर आ रही है. सन 2017 में. और हां, पोस्टर में स्पेलिंग मिस्टेक्स भी हैं.

इसके पहले आया था मायावती का बवाली पोस्टर

एक पोस्टर बीएसपी अध्यक्ष मायावती का भी आया था. इस पोस्टर में उन्हें ‘देवी काली’ के रूप में दिखाया गया है. उनके एक हाथ में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का कटा सिर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाथ जोड़कर उनसे प्रार्थना कर रहे हैं. पांव तले संघ प्रमुख मोहन भागवत हैं जो कह रहे हैं, ‘बहन जी हमें माफ करो, हम आरक्षण बंद नहीं करेंगे.’ MAYAWATI-POSTER_ मायावती और उनकी पार्टी अंबेडकर की अनुयायी है. वही अंबेडकर जिन्होंने 22 प्रतिज्ञाएं अपने अनुयायियों के लिए तय की थीं. जिनमें साफ था कि हिंदू धर्म के किसी देवी-देवता या प्रतीक में आस्था नहीं रखनी है.
लेकिन पोस्टर अकसर ‘भक्तों’ की ओर से बनाए जाते हैं और वे इतना वैचारिक अंतर्विरोध लिए होते हैं कि पार्टी के लिए शर्मिंदगी की वजह बन जाते हैं. केशव प्रसाद मौर्या तो कभी किसी संदर्भ में खुद को ‘कृष्ण’ कहला भी लेंगे, लेकिन क्या मायावती खुद को ‘मां काली’ के तौर पर स्वीकार करेंगी?
हाथरस के थाना सादावाद क्षेत्र के बाजार में अंबेडकर शोभा यात्रा के समय यह पोस्टर दिखा था. जैसे ही पुलिस को इसकी खबर मिली, तुरंत इस पोस्टर को झांकी सहित थाने ले जाकर हटवा दिया गया था. इस घटना से बीजेपी कार्यकर्ता गुस्से में आ गए थे और कार्रवाई की मांग कर रहे थे.

केशव प्रसाद मौर्या का पोस्टर

इसी बीजेपी के एक समर्थक ने बीते दिनों बनारस में यूपी बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य का पोस्टर लगाया था, जिसमें वो कृष्ण बनकर विपक्ष के बाकी नेताओं का चीर-हरण कर रहे थे. विपक्षियों को कौरव बताया गया था. Keshav_150416-110737 पोस्टर में दिखाया गया था कि कृष्ण के रूप में केशव विपक्षी कौरवों का संहार कर रहे है. पोस्टर में केशव को सुदर्शनधारी कृष्ण के रूप में दिखाया गया, जिसमें सभी विपक्षी दल के नेता आजम खान, मायावती, राहुल गांधी, मायावती और अखिलेश यादव मिलकर यूपी का चीरहरण कर रहे हैं और वे ‘रक्षमाम केशव:’ का जाप कर रहे हैं.   keshav-maurya-poster इलाहाबाद में भी केशव प्रसाद मौर्या का एक विवादित पोस्टर सामने आया था. इसमें पार्टी नेता डॉ. विक्रम की ओर से केशव मौर्या को महाभारत का अर्जुन और खुद को भगवान कृष्ण के तौर पर दिखाया गया था. हालांकि, मामला तूल पकड़ता देख केशव प्रसाद मौर्या ने खुद को इस विवाद से अलग कर लिया और कहा कि इस पोस्टर से पार्टी और उनका लेना-देना नहीं है.

'राम मंदिर बिना नहीं मिलेंगे वोट'

एक पोस्टर लखनऊ में लगाया है अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने. लिखा था, 'अगर 2016 में राम मन्दिर का निर्माण नहीं, तो 2017 में भाजपा को मतदान नहीं.' अब हिंदू महासभा ने लखनऊ में कई जगह पोस्टर लगाया है. पोस्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भागवत, अमित शाह और तोगड़िया पर निशाना साधा है. आगे लिखा है, 'भूल गये मन्दिर का वादा, फिर हो गये उससे अनजाने, गौ भक्षक हो मंत्री जिसके, उसको क्या हिन्दू पहचाने?' पोस्टर पर स्वामी चक्रपाणि, राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय हिन्दू महासभा का नाम लिखा है. कांग्रेस भी पीछे नहीं है. कानपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं ने केशव, मोदी और अमित शाह की तस्वीरों पर चाल, चरित्र और चेहरा लिख दिया. दरअसल कानपुर दौरे पर जा रहे केशव मौर्य के स्वागत में बीजेपी की कानपुर यूनिट जुटी हुई थी, तभी कांग्रेस वालों ने ये पोस्टर टांग दिए.

'चाय बेचने वाले केशव भैया, करोड़पति बनने का राज तो बताओ'

इसी तरह एक और पोस्टर इलाहाबाद में सामने आया था. तुकबंदी भी थी. लिखा था, 'चाय बेचने वाले केशव भईया रहस्य से पर्दा हटाओ, करोड़पति बनने का राज तो बताओ.' इसी पोस्टर में बीजेपी पर भी निशाना साधा गया था. पोस्टर के खिलाफ बीजेपी ने प्रदर्शन किया और फिर मामला भी दर्ज करवाया था. phpThumb_generated_thumbnail.jpeg केशव प्रसाद मौर्या के कृष्णावतार वाले पोस्टर के अगले दिन की घटना है. केशव प्रसाद वाराणसी दौरे पर थे. इस दौरान कांग्रेसियों ने कालिख से लिखकर कई चौराहों पर होर्डिंग लगाई. इसमें उनके साथ नरेंद्र मोदी और अमि‍त शाह भी थे. इन पोस्टर में मोदी के फोटो नीचे लि‍खा था- 'ले लो अच्छे दिन.' शाह की फोटो के नीचे लि‍खा है- 'गुजरात में इशरत जहां एनकाउंटर.' मौर्या की फोटो के नीचे लि‍खा था, '11 आपराधिक केस (302 हत्या सहित) आपराधिक चेहरा.' ये होर्डिंग्स और पोस्टर कानपुर महानगर कांग्रेस कमेटी के महासचिव रवि पांडेय ने लगवाए थे.

यूथ कांग्रेस का नेता हुआ पार्टी से निष्कासित

इलाहाबाद में यूथ कांग्रेस के लोकसभा क्षेत्र के एक प्रभारी जितेंद्र तिवारी और मीडिया प्रभारी फारूक खान ने कन्हैया कुमार के खिलाफ एक पोस्टर लगवाया था. सेना पर उनकी बयानबाजी से नाराज थे. पोस्टर में सैनिकों के प्रति सम्मान जताते हुए कन्हैया के इस बयान का विरोध किया गया था. लेकिन पार्टी ने दोनों पदाधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी सस्पेंड कर दिया.

मोदी-शाह-केशव: चाल-चरित्र-चेहरा

cong-poster इसी साल नहीं, इससे पहले भी यूपी में पोस्टर वॉर चलता रहा है. कानपुर में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करने के लिए कार्टून को हथियार बनाया. शहर में जगह-जगह कार्टून वाले पोस्टर के साथ 'पोल-खोल' रैली निकाली गई. इस दौरान बिठूर के युवा कांग्रेस नेता की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन भी किया. इस रैली में पीएम के कामों और योजनाओं को लेकर बैनर-पोस्टर शामिल किए गए थे. अच्छे दिन के वादों का मजाक उड़ाते हुए कार्टून वाले पोस्टर कारों पर लगाए गए थे.

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