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कट्टरपंथ की आग में चलती ट्रेन में 4 लोगों की हत्या करने वाले RPF जवान चेतन सिंह का हाल पता है?

31 जुलाई, 2023 की सुबह जयपुर-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन में चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इसका आरोप एक RPF कॉन्स्टेबल चेतन सिंह पर लगा था.

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31 जुलाई 2024 (पब्लिश्ड: 11:16 PM IST)
jaipur mumbai express train firing incident
आरोपी RPF कॉन्स्टेबल चेतनसिंह चौधरी को घटना के बाद बर्खास्त कर दिया गया था.
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एक साल पहले जयपुर-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन में गोलीबारी हुई थी. मुंबई के बोरीवली के पास चलती ट्रेन में चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. आरोप एक RPF (रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स) कॉन्स्टेबल पर लगा. चेतन सिंह चौधरी, जिसे घटना के बाद बर्खास्त कर दिया गया था. आरोपी अभी अकोला जेल में बंद है. उसके परिवार के मुताबिक वो खुद को जेल से बाहर निकलवाने की ‘भीख’ मांग रहा है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में मुकदमा शुरू होना अभी बाकी है. वहीं जिनकी हत्या हुई, उनके परिवारवाले कह रहे हैं कि जल्दी सुनवाई के आश्वासन के बावजूद ये केस बहुत धीमी गति से आगे बढ़ रहा है.

RPF कॉन्स्टेबल ने चलती ट्रेन में 4 लोगों को मार दिया था

घटना 31 जुलाई, 2023 की है. ट्रेन नंबर 12956. जयपुर-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन. सुबह-सुबह 5 बजे से 5:15 के बीच इस चलती ट्रेन में गोलीबारी हुई थी. आरोप लगा कि RPF कॉन्स्टेबल चेतन सिंह ने अपने सीनियर एसिस्टेंट सब-इंस्पेक्टकर टीकाराम और तीन यात्रियों की गोली मारकर हत्या कर दी. तीनों मृतक यात्रियों का नाम अब्दुल कादिरभाई मुहम्मद हुसैन, असगर अब्बास शेख और सैयद सैफुद्दीन था.

ये भी पढ़ें- ट्रेन में मर्डर करने वाले चेतन सिंह की मानसिक हालत ठीक, पुलिस ने कौन से सबूत दिखाए?

रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में लगभग 39 चश्मदीद गवाहों के बयानों के साथ 1,097 पेजों की चार्जशीट अक्टूबर, 2023 में दायर की गई थी. हालांकि, मामले में चार्जशीट दाखिल करने के बाद कोई खास प्रगति नहीं हुई है. रिपोर्ट में पुलिस के एक सूत्र ने कहा,

"आरोपी (चेतन सिंह) पर आरोप तय करने की प्रक्रिया अभी तक नहीं हुई है. मामले में मुकदमा शुरू होना बाकी है."

सरकार ने घोषणा की थी कि मामले को फास्ट ट्रैक आधार पर चलाया जाएगा. हालांकि, एक दूसरे सूत्र ने कहा कि अभी तक मामले में स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त नहीं किया गया है.

पीड़ितों के परिवार की मांग- आरोपी को सख्त सजा हो

मामले में जान गंवाने वाले सैयद सैफुद्दीन (44) के भाई यूनुस सैयद (25) का कहना है कि मामला धीमी गति से आगे बढ़ रहा है. यूनुस का ये भी आरोप है कि पुलिस पीड़ित के परिवार को मामले की कोई जानकारी नहीं दे रही है.

हैदराबाद के रहने वाले यूनुस ने कहा,

"मेरे भाई परिवार में अकेले कमाने वाले थे. उनकी पत्नी हैं और तीन बच्चे हैं. बच्चे छोटे हैं और अभी भी अपने पिता को याद करते हैं... आरोपी RPF कॉन्स्टेबल ने पूरे परिवार को तबाह कर दिया. उसे अधिक से अधिक सजा मिलनी चाहिए."

मृतक असगर अब्बास अली शेख (48) के परिवार ने कहा कि ये एक 'रक्षक से भक्षक' बनने का मामला है और आरोपी को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए. नागपुर में रहने वाले असगर अब्बास अली शेख के सौतेले भाई मोहम्मद जिकरउल्लाह सैयद (29) ने कहा,

"आरोपी RPF कॉन्स्टेबल को फांसी की सजा मिलनी चाहिए. उसने चार परिवारों को बर्बाद कर दिया. उसका काम यात्रियों की रक्षा करना थी, लेकिन उसने खुद यात्रियों को मार डाला. उसे मौत की सजा मिलनी चाहिए. अगर ऐसे जघन्य अपराध के दोषियों को सख्त सजा नहीं दी जाती है, तो अपराधियों को ऐसे और अपराध करने की हिम्मत मिलेगी."

अब्बास अली शेख बिहार के मधुबनी के रहने वाले थे. वो नागपुर में चूड़ी बेचते थे और पिछले साल 31 जुलाई को अपने भाई से मिलने मुंबई जा रहे थे.

चार लोगों की हत्या करने के बाद, आरोपी ने कथित तौर पर 'हेट स्पीच' दी थी. इसका कथित वीडियो भी आया था, जिसकी फॉरेंसिक जांच की गई थी. इसके बाद पुलिस ने IPC की धारा 153A (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) को जोड़ा था.

परिवार से बोला आरोपी, 'मुझे बाहर निकालो'

आरोपी की मां ने कहा कि उनके बेटे ने बहुत बड़ा पाप किया है, जिसकी कीमत अब उनका परिवार चुका रहा है. उन्होंने बताया कि जब वो और उनकी बेटी जेल में अपने आरोपी बेटे से मिली थीं, तब वो खुद को जेल से बाहर निकलवाने की भीख मांग रहा था.

उन्होंने कहा,

"मैंने उससे ज्यादा बातचीत नहीं की और अपनी बेटी से उससे बात करने को कहा. उसने बेटी से कहा कि उसे नहीं पता कि उसने चार लोगों की हत्या कैसे कर दी. वो गिड़गिड़ाया और रोते हुए कहा 'मुझे बाहर निकालो'."

आरोपी चेतन सिंह की मां यूपी की रहने वाली हैं. उन्होंने भी माना है कि उनके बेटे ने चार परिवारों को बर्बाद कर दिया. उसने अपने दिवंगत पिता का नाम बदनाम कर दिया. अब पूरा परिवार गुजारे के लिए संघर्ष कर रहा है. उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि उनके बेटे के मन में कट्टरपंथी विचार कैसे आ गए. उन्होंने उसके सीनियर अधिकारियों को भी जिम्मेदार बताया. कहा कि अधिकारियों को उसके बर्ताव में बदलाव क्यों नहीं दिखा और अगर उसके बर्ताव में कुछ बदलाव था, तो उसे बंदूक क्यों दी गई.

वीडियो: ये हैं ट्रेन हत्याकांड वाले RPF जवान चेतन सिंह के पुराने कांड

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