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70 करोड़ लोगों से ज्यादा पैसा 21 अरबपतियों के पास, लेकिन आधे से ज्यादा GST भरे आम आदमी

भारत में बढ़ती गरीबी का ये सर्वे आपको दुखी कर देगा

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16 जनवरी 2023 (अपडेटेड: 16 जनवरी 2023, 01:58 PM IST)
India's richest 1% own more than 40% of total wealth: Oxfam
भारत में अमीर-गरीब के बीच अंतर (फोटो-आजतक)
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भारत में अमीरों और गरीबों के बीच फर्क पर ऑक्सफैम इंडिया की एक नई रिपोर्ट आई है (Oxfam India Latest Report On Rich Poor Gap India). इससे पता चलता है कि देश में अमीर और गरीब के बीच का अंतर तेजी से बढ़ रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे अमीर 21 भारतीय अरबपतियों के पास 70 करोड़ भारतीयों से ज्यादा संपत्ति है. साल 2020 में भारत में अरबपतियों की कुल संख्या 102 थी जो 2022 में बढ़कर 166 हो गई है.

ऑक्सफैम इंडिया की नई रिपोर्ट है "सरवाइवल ऑफ द रिचेस्ट: द इंडिया स्टोरी". 

अमीर और अमीर हो रहे 

कोरोना महामारी के शुरू होने से लेकर नंवबर 2022 तक, भारत में अरबपतियों की संपत्ति में करीब 121 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. यानी हर दिन करीब 3,608 करोड़ रुपये और हर मिनट लगभग 2.5 करोड़ रुपये बढ़े.

गरीबों पर ज्यादा टैक्स

रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्र सरकार अमीरों की तुलना में गरीबों और मिडिल क्लास लोगों पर ज्यादा टैक्स लगा रही है. साल 2021-22 में जीएसटी का लगभग 64% हिस्सा 50% आबादी से जमा हुआ है. ये रकम है 14.83 लाख करोड़ रुपये. हैरानी की बात है कि सबसे अमीर 10 फीसदी लोगों से जीएसटी का सिर्फ 3 फीसदी हिस्सा आता है.

ऑक्सफैम इंडिया के CEO, अमिताभ बेहर ने कहा-

अब समय आ गया है कि धनी वर्ग पर टैक्स बढ़ाकर उनसे उचित हिस्सा लिया जाए. हम वित्त मंत्री से अपील करते हैं कि वो संपत्ति टैक्स व इनहेरिटेंस टैक्स जैसे टैक्स लाएं जिससे ये असमानता कम हो.

1% अमीर के पास देश की 40% संपत्ति

5 फीसदी अमीर भारतीयों के पास देश की संपत्ति का 60 फीसदी हिस्सा है. वहीं नीचे के 50 फीसदी लोगों के पास देश की संपत्ति का सिर्फ 3 फीसदी हिस्सा है. भारत के सबसे धनी व्यक्ति गौतम अडानी की संपत्ति साल 2022 में 46 प्रतिशत बढ़ी है. अमिताभ बेहर बताते हैं-

जहां देश भूख, बेकारी, महंगाई व स्वास्थ्य आपदाओं से जूझ रहा है, वहां भारत के अरबपति अच्छा कमा रहे हैं. भूख से त्रस्त भारतीयों की संख्या साल 2018 मे 19 करोड़ थी जो कि साल 2022 में बढ़कर 35 करोड़ हो गई. 

रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में 5 साल से कम उम्र के 65 फीसदी बच्चों की मौत भूख की वजह से हुई है. रिपोर्ट में लैंगिक असमानता को लेकर कहा गया है कि देश में महिला वर्कर्स को पुरुषों द्वारा कमाए गए हर 1 रुपये पर केवल 63 पैसे मिलते हैं.

वीडियो: ऑक्सफैम रिपोर्ट 2020: महिलाओं की नौकरी के मामले में भारत नीचे से 10वें नंबर पर है!

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