पाकिस्तान को खुफिया जानकारी भेजने के आरोप में पूर्व सैनिक को UP ATS ने धरा
एक साथी गुजरात से भी गिरफ्तार.
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लखनऊ के ADG प्रशांत कुमार और IG ATS जीके गोस्वामी गिरफ्तारियों के बारे में जानकारियां देते हुए. (फोटो- UP Police Twitter)
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उत्तर प्रदेश एंटी टेररिज्म स्क्वाड यानी कि UP ATS ने दो ऐसे लोगों को गिरफ्तार करने का दावा किया है, जो देश की गोपनीय जानकारियां पाकिस्तान भेजने भेज रहे थे. यूपी पुलिस के मुताबिक हापुड़ जिले का रहने वाला पूर्व सैनिक सौरभ शर्मा पैसों के लालच में देश की अहम जानकारियां पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी और अन्य देशों को भेज रहा था.
एटीएस को इस बारे में एक इनपुट मिला था, जिसके बाद 8 जनवरी को इस पूर्व सैनिक को पूछताछ के लिए एटीएस मुख्यालय बुलाया गया. उसने बताया कि वो लगातार वॉट्सऐप पर सूचनाएं लीक कर रहा था. इसके बदले अनस गितैली नाम का शख़्स उसे पैसे भेजता था. अनस को भी गुजरात के गोधरा से गिरफ्तार कर लिया गया है. उसे ट्रांजिट रिमांड लेकर लखनऊ लाया जाएगा. अनस के बड़े भाई इमरान गितैली को कुछ ही दिन पहले हैदराबाद NIA ने जासूसी के मामले में गिरफ्तार किया था.
अनस गितैली और सौरभ शर्मा.
सौरभ शर्मा पर IPC की धारा 120 बी, 123, गोपनीयता अधिनियम की धारा – 3, 4, 5 और 9 के तहत केस दर्ज किया गया है. सौरभ को 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है. पुलिस उससे पूछताछ कर बाकी लोगों के बारे में जानने का प्रयास करेगी.
ADG प्रशांत कुमार ने बताया कि सौरभ 2013 में सेना में भर्ती हुआ था. पठानकोट में तैनाती हुई थी. लेकिन 2014 से ही वो खुफिया जानकारियां पाकिस्तान भेजने लगा. कुछ दिन सेना के अधिकारियों के साथ भी सौरभ की तैनाती रही. 2020 में उसे स्वास्थ्य कारणों के चलते सेवा से बाहर कर दिया गया था.
एटीएस को इस बारे में एक इनपुट मिला था, जिसके बाद 8 जनवरी को इस पूर्व सैनिक को पूछताछ के लिए एटीएस मुख्यालय बुलाया गया. उसने बताया कि वो लगातार वॉट्सऐप पर सूचनाएं लीक कर रहा था. इसके बदले अनस गितैली नाम का शख़्स उसे पैसे भेजता था. अनस को भी गुजरात के गोधरा से गिरफ्तार कर लिया गया है. उसे ट्रांजिट रिमांड लेकर लखनऊ लाया जाएगा. अनस के बड़े भाई इमरान गितैली को कुछ ही दिन पहले हैदराबाद NIA ने जासूसी के मामले में गिरफ्तार किया था.
अनस गितैली और सौरभ शर्मा.सौरभ शर्मा पर IPC की धारा 120 बी, 123, गोपनीयता अधिनियम की धारा – 3, 4, 5 और 9 के तहत केस दर्ज किया गया है. सौरभ को 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है. पुलिस उससे पूछताछ कर बाकी लोगों के बारे में जानने का प्रयास करेगी.
ADG प्रशांत कुमार ने बताया कि सौरभ 2013 में सेना में भर्ती हुआ था. पठानकोट में तैनाती हुई थी. लेकिन 2014 से ही वो खुफिया जानकारियां पाकिस्तान भेजने लगा. कुछ दिन सेना के अधिकारियों के साथ भी सौरभ की तैनाती रही. 2020 में उसे स्वास्थ्य कारणों के चलते सेवा से बाहर कर दिया गया था.

