डेढ़ साल के बच्चे की सांस की नली में फंस गया मटर का दाना, मौत हो गई
बच्चे के परिवार वाले जब तक उसे अस्पताल ले गए, उसकी मौत हो गई. घटना झारखंड के लोहरदगा की है.

सर्दियां लगभग खत्म हो चुकी हैं, लेकिन मटर का सीज़न अभी खत्म नहीं हुआ. लेकिन यही मटर एक बच्चे की मौत का कारण बन जाएगी, ये किसी ने सोचा नहीं होगा. झारखंड के लोहरदगा में एक दुखद घटना सामने आई है. डेढ़ साल के बच्चे की मटर का दाना गले में अटकने से मौत हो गई. यह घटना कैरो थाना क्षेत्र के गुड़ी करंज टोली की है. आजतक के जुड़े सतीश की खबर के मुताबिक खुदी उरांव का बेटा शिवम उरांव को अपने परिजनों के साथ खेत गया था. खेलते-खेलते उसने मटर का पौधा उखाड़ लिया और घर ले आया. घर आकर उसने मटर की फली तोड़ी और दाने मुंह में डाल लिए. इसी दौरान एक दाना सांस की नली में फंस गया, जिससे बच्चा तड़पने लगा. जब परिजनों ने यह देखा, तो वे उसे तुरंत सदर अस्पताल ले गए. लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया.
आजतक से बात करते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. गणेश प्रसाद ने बताया कि
खाने की नली और सांस की नली एक-दूसरे के पास होती हैं. आमतौर पर खाना खाते समय सांस की नली बंद हो जाती है. लेकिन जल्दबाजी में कई बार यह खुली रह जाती है और खाना उसमें फंस सकता है. छोटे बच्चों के साथ ऐसा अक्सर होता है.
डॉ. प्रसाद ने बताया कि पहले भी एक तीन साल के बच्चे की सांस की नली में इमली का बीज फंसने से मौत हो गई थी. अगर समय पर ब्रोंकोस्कोपी जैसी सुविधाएं मिलें, तो ऐसे मामलों में जान बचाई जा सकती है. लेकिन छोटे शहरों और गांवों में यह सुविधा नहीं होती. डॉक्टर ने सलाह दी कि बच्चे जब कुछ खा रहे हों, तो उन पर ध्यान रखना बहुत जरूरी है, ताकि कोई अनहोनी न हो.
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