कभी सोनिया गांधी के साथ बंदूक लेकर चलता था ये बंदा, पार्टी ने इनाम दिया!
ऐसा इनाम वो भी 4 बार!

कभी सोनिया गांधी (sonia gandhi) के सुरक्षाकर्मी थे, आज विधायक हैं. और फिर एक दफे चुनावी मैदान में अपने काम और किस्मत आज़माने उतरे हैं, नंद लाल. हिमाचल (himachal pradesh) के शिमला जिले की रामपुर सीट से तीन बार के MLA नंद लाल को चौथी बार कांग्रेस ने टिकट दिया है. 2007 से लगातार इसी सीट से जीतते आ रहे हैं. इस बार उनका मुकाबला बीजेपी के युवा उम्मीदवार और पहली बार चुनाव लड़ रहे कौल नेगी से है.
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, रामपुर सीट को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है. पिछले 40 साल से ये सीट कांग्रेस के पास है. नंद लाल से पहले सिंघी राम यहां 1982 से 2007 तक विधायक रहे. सिंघी राम कांग्रेस सरकार में मंत्री भी रहे. कांग्रेस के लिए रामपुर इसलिए भी खास है क्योंकि यहीं पर दिवंगत मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का घर, ‘पद्म पैलेस’ भी है.
बात अगर नंद लाल के चुनावी आंकड़ों की करें तो 2007 में उन्होंने बीजेपी के ब्रिज लाल को 6,470 वोटों से हराया था. 2012 में नंद लाल ने बीजेपी के प्रेम सिंह को 9,471 वोटों से हराया. 2017 उन्होंने प्रेम सिंह को ही 4,037 वोटो से हराया था.
लेकिन कहा जाता है रामपुर यानी नंद लाल की सीट पर वीरभद्र सिंह का खासा प्रभाव था. 'राजा साहब' की एक रैली चुनावों के समीकरण को बदल देती थी. लेकिन इस बार वो नहीं हैं. वीर भद्र सिंह का पिछले साल देहांत हो गया था. इस चुनाव में हिमाचल की कमान उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह के पास है. लेकिन प्रतिभा सिंह की एक भी रैली रामपुर में नहीं हुई. और ना ही उनके विधायक बेटे विक्रमादित्य ने नंद लाल के समर्थन में कोई रैली की.
बताया जाता है कि नंद लाल को कांग्रेस हाईकमान के आदेश पर हिमचाल प्रदेश के 2007 विधानसभा चुनाव में टिकट दिया गया था. जिसके बाद से उनका पॉलिटिकल ग्राफ नीचे नहीं आया.
इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए नंद लाल ने कहा कि वीरभद्र सिंह की कमी को पूरा करना तो मुश्किल है. लेकिन उन्हें इस बात की खुशी है कि बाकी लोग उनके लिए प्रचार कर रहे हैं. नंद लाल ने कहा कि वो एक बार फिर चुनाव जीतेंगे और रामपुर की सीट से चौथी बार विधायक चुनें जाएंगे.
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