'लग्जरी गाड़ी नहीं भिजवाई तो गवर्नर के बेटे ने अधिकारी को पीटा, जूते चाटने को कहा'
मामला Odisha का है. 7 जुलाई की रात को बैकुंठ प्रधान Puri में तैनात थे. आरोप है कि Governor Raghubar Das (रघुबर दास) के बेटे ललित कुमार और पांच अन्य लोगों ने उन्हें पुरी के राजभवन परिसर में थप्पड़, मुक्का और लातें मारी. उनसे जूते चाटने को भी कहा गया.

ओडिशा के गवर्नर रघुबर दास के बेटे पर राजभवन के एक अधिकारी के साथ मारपीट और बदसलूकी के आरोप लगे हैं (Odisha Governor Son Assaulted Staffer). गवर्नर के बेटे ने कथित तौर पर अधिकारी से जूते चाटने को भी कहा. शिकायत के मुताबिक, ये सब इसलिए किया गया क्योंकि अधिकारी पुरी रेलवे स्टेशन से गवर्नर के बेटे को पिक करने के लिए लग्जरी गाड़ी नहीं भेज पाए.
इंडियन एक्सप्रेस ने मामले पर रिपोर्ट तैयार की है. पीड़ित अधिकारी का नाम बैकुंठ प्रधान है. उम्र 47 साल. वो राजभवन के हाउसहोल्ड सेक्शन में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर ASO के तौर पर काम करते हैं. पत्नी ने बताया कि वो लगभग 20 सालों तक भारतीय वायु सेना में सेवा दे चुके हैं.
शिकायत के मुताबिक, घटना 7 जुलाई की रात की है. बैकुंठ, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की यात्रा की तैयारी की निगरानी के लिए पुरी में तैनात थे. रात पौने 12 बजे राज्यपाल के पर्सनल कुक ने उनसे कहा कि गवर्नर के बेटे ललित कुमार उनसे तुरंत मिलना चाहते हैं.
लग्जरी गाड़ी को लेकर पीटा!आरोप है कि बैकुंठ के पहुंचते ही ललित ने उन्हें डांटना शुरू कर दिया और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया. जब बैकुंठ ने इसका विरोध किया तो उन्हें थप्पड़ मारे गए. आरोप है कि ललित कुमार और पांच अन्य लोगों ने उन्हें पुरी के राजभवन परिसर में थप्पड़, मुक्का और लातें मारी. बैकुंठ प्रधान ने आरोप लगाए,
वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य लोगों ने सब देखा. उन्होंने मुझे थप्पड़ मारा, मेरे चेहरे पर घूंसे मारे, मेरे शरीर के हर हिस्से पर लातें मारीं और मेरे बाएं टखने को मोड़ दिया.
आरोप है कि ललित कुमार, बैकुंठ से इस बात से नाराज थे कि उन्होंने पुरी रेलवे स्टेशन पर उन्हें रिसीव करने के लिए दो लग्जरी गाड़ियां नहीं भेजीं. शिकायत में ये भी आरोप लगाया गया है कि मारपीट के दौरान कुमार ने प्रधान से अपने जूते चाटने के लिए कहा.
जब शिकायत की तो क्या हुआ?10 जुलाई को मामले की लिखित शिकायत राज्यपाल के प्रमुख सचिव को दी गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. जानकारी है कि बैकुंठ ने वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की लेकिन उन्हें ही अपना व्यवहार बदलने के लिए कह दिया गया.
12 जुलाई को भुवनेश्वर में पीड़ित की पत्नी सयोज ने मीडिया को बताया कि वो 11 जुलाई को पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने भी गए थे, लेकिन शिकायत नहीं ली गई. इसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत मेल कर दी. बोलीं,
मेरे पति को राष्ट्रपति की ड्यूटी के लिए तैनात किया गया था ना कि राज्यपाल के बेटे की सेवा के लिए.
खबर लिखे जाने तक मामले को लेकर पुलिस की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है.
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