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  • Odisha: Gangrape victim made to wait 12 hours in police van for medical test

अस्पताल में महिला डॉक्टर नहीं थी, गैंगरेप के बाद पीड़िता को 12 घंटे तक गाड़ी में घुमाती रही पुलिस

मामला ओडिशा का है.

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21 जनवरी 2023 (अपडेटेड: 21 जनवरी 2023, 06:01 PM IST)
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पुलिस वैन की सांकेतिक तस्वीर
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ओडीशा के क्योंझर ज़िले (Keonjhar) में एक गैंगरेप पीड़िता ने आरोप लगाए हैं कि मेडिकल टेस्ट के लिए उसे 12 घंटों तक पुलिस वैन में बैठाए रखा.

न्यूज़ एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक़, घटना क्योंझर के आनंदपुर सब-डिविज़न की है. पीड़िता 37 साल की है. 19 जनवरी को सोसो पुलिस स्टेशन में गैंगरेप के मामले में मुक़दमा दायर हुआ था. FIR में पीड़िता ने बताया है कि बुधवार, 18 जनवरी को वो अपनी बहन के साथ रिश्तेदार के घर से वापस लौट रही थी. दोनों क्योंझर के गोहीरबाई इलाक़े तक पहुंचे थे, तब ही तीन लोग आए और उन दोनों पर हमला कर दिया. बहन को पीटा और पीड़िता को उठा कर ले गए. पीड़िता की शिकायत के मुताबिक़, तीनों ने एक के बाद उनका रेप किया. मामले की जांच शुरू कर दी गई.

‘12 घंटे बैठाए रखा’

इसी सिलसिले में पीड़िता का मेडिकल टेस्ट होना था. उसे 19 तारीख़ की सुबह ही पुलिस वैन में आनंदपुर सब-डिविज़नल अस्पताल ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने उसका टेस्ट करने से इनकार कर दिया क्योंकि अपराध सलनिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के इलाक़े में हुआ था. इसके बाद महिला के साथ गए पुलिस कर्मी उसे सलनिया स्वास्थ्य केंद्र ले गए. सलनिया में मेडिकल जांच के लिए कोई महिला डॉक्टर नहीं थी, तो पीड़िता को पुलिस वैन में बिठा दिया गया. इसके बाद उसे फिर आनंदपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां अंततः 19 की रात उनका टेस्ट करवाया गया.

महिला के परिजनों का आरोप है कि पुलिस पीड़िता को 19 जनवरी की सुबह आनंदपुर अस्पताल से 40 किलोमीटर दूर सोसो थाने ले गई और अंततः टेस्ट हुआ रात को 9.30 बजे; आनंदपुर अस्पताल में ही.

इस मामले में मीडिया ने क्योंझर के मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी किशोर चंद्र प्रस्टी से संपर्क करने की कोशिश की. पता चला कि वो छुट्टी पर हैं. स्वास्थ्य विभाग के बाक़ी सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस मुद्दे पर कुछ कहने से इनकार कर दिया है. हालांकि, सोसो पुलिस ने इस मसले पर सफ़ाई दी है. सोसो के थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सेठी ने कहा,

"डॉक्टरों ने हमें आनंदपुर के सरकारी अस्पताल में रेफ़र कर दिया क्योंकि वहां कोई महिला डॉक्टर नहीं थी. हम भी ऐसी स्थितियों से गुज़रते हैं, जहां हमारे बस में कुछ नहीं होता. ऐसा नहीं है कि हमने जानबूझकर मेडिकल जांच में देरी की."

सफ़ाई से इतर पुलिस ने ये भी बताया कि इस केस में अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया था.

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