रेलवे के बड़े अधिकारी की बेटी के जूते चोरी, दो जोन की पुलिस 'तलाश' में लगाई गई!
एक जोड़ी जूते का इंतजार दो जोन की पुलिस कर रही है!
.webp?width=210)
रेलवे की आमद से लेकर अब तक चीज़ों के खो जाने के लिए ‘ट्रेन में छूट गया’ एक आम मुहावरा रहा है. आम मुहावरा है क्योंकि आम लोगों की चीज़ें खो जाती हैं. ख़ास लोगों की चीज़ें मिल जाती हैं. शिकायत दर्ज होती है. पुलिस और अफ़सर उसकी जांच करते हैं.
ऐसे ही पुलिस अभी डिविज़नल रेलवे मैनेजर (DRM) विनीत सिंह की बेटी मानवी सिंह के क़ीमती जूतों की खोज कर रही है. दो मंडलों की रेलवे पुलिस तलाश में लगी हुई है.
इंडिया टुडे से जुड़े कृष्ण गोपाल यादव की रिपोर्ट के मुताबिक़, 4 जनवरी को उड़ीसा के DRM विनीत सिंह की बेटी मानवी सिंह लखनऊ मेल से जा रही थीं. दिल्ली से लखनऊ. ट्रेन में उसके जूते चोरी हो गए. जूतों की क़ीमत क़रीब 10 हजार रुपये बताई जा रही है. DRM ने मामले की रिपोर्ट संबलपुर सरकारी पुलिस (GRP) में दर्ज कराई. घटना की जानकारी GRP और रेलवे पुलिस फ़ोर्स (RPF) को दे दी गई. मुक़दमे की कॉपी मिलते ही बरेली RPF और GRP जांच में जुट गई.
कार्रवाई तो त्वरित ही होनी थी. नो ऑप्शन!जांच में पता चला कि जूते पास की सीट पर बैठी महिला यात्री ने चुरा लिए थे. आरोपी महिला सुबह बरेली जंक्शन पर उतर गई थी. विनीत सिंह संबलपुर ईस्ट कोस्ट रेलवे के DRM हैं. सो उन्होंने वहां केस दर्ज करवाया. लेकिन घटना तो घटी बरेली के स्टेशन पर. तो केस बरेली में भी होगा.
इसपर बरेली मुरादाबाद मंडल के GRP CO देवी दयाल ने बताया है कि कोई लिखित तहरीर नहीं दी गई है, लेकिन मामला संज्ञान में है. CO ने कहा,
"ये मामला हमारे संज्ञान में आया है कि DRM की बेटी का जूता चोरी हुआ है. इस संबंध में कोई लिखित तहरीर नहीं आई है, लेकिन पता चला है कि दूसरे स्टेट में मुक़दमा पंजीकृत हुआ है. अगर यहां की घटना होगी और वहां से केस ट्रांसफर होगा, तो तत्काल प्रभाव से आगे की कार्रवाई की जाएगी. अभी मेरे पास कुछ भी लिखित में नहीं आया है."
क्लीशे है, लेकिन कॉन्टेक्स्ट समझिए: एक जोड़ी जूते का इंतज़ार दो जोन की पुलिस कर रही है.
वीडियो: राजस्थान के अफसर का आदेश वायरल, सरकारी स्कीम के प्रचार का गंदा रास्ता बताया, सस्पेंड

