The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Notes ban: labourers are making money by sterilization

नोटबंदी की चोट से बचने के लिए गोरखपुरिया मजदूरों ने तरीका निकाला

ये तरीका बुजुर्गों को इंदिरा सरकार की याद ताजा करा देगा.

Advertisement
Img The Lallantop
Image: PTI
pic
आशुतोष चचा
26 नवंबर 2016 (Updated: 26 नवंबर 2016, 09:40 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share
दिहाड़ी मजदूरी करते हैं साब. लेकिन जब किसी के पास पैसा ही नहीं दिहाड़ी देने का तो क्या मजदूरी करें. पेटीएम में तो पेमेंट करा नहीं सकते हर शाम. तो नसबंदी करा रहे हैं. इससे दो फायदे होते हैं. हजार रुपए मिलते हैं. और आराम करने को मिल जाता है. ये जानकारी हिंदुस्तान अखबार के मुताबिक गोरखपुर से आई है. शुक्रवार को मजदूर मार्केट घूमने पर ये इन्फॉर्मेशन निकली. 23 साल के एक लड़के ने बताया कि उसके दो बच्चे हैं. मजदूरी छोड़के घर बैठना मुमकिन नहीं. तो करा डाली नसबंदी. पीसीआई वो टीम है जो नसबंदी करती है. इसके लीडर हैं संदीप पांडे. बताया कि 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक 49 नसबंदी हुईं. कहोगे कि ये तो नॉर्मल बात है. खास बात ये है कि इनमें से 39 की नसबंदी पिछले 15 दिन में हुई है. उनको हजार रुपए कैश, तीन लाख का दुर्घटना बीमा और कुछ दिन का आराम मिला.
ये भी पढ़ें: लोग लाइन में लगे हैं, यहां ब्लैक मनी के नोटों को हवाई यात्रा कराई जा रही हैजनता लाइन में लगी है और ये 27 लाख के नए नोट लेकर घूम रहे थे

Advertisement

Advertisement

()