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अब किम जोंग-उन को क्या हो गया? जापान और साउथ कोरिया की तरफ दागी मिसाइलें

South Korea की सेना ने एक बयान में कहा कि ये मिसाइलें, North Korea के पूर्वी तट पर स्थित सिनपो शहर के पास से दागी गईं. जापान की सरकार ने सोशल मीडिया पर बताया कि कि ये बैलिस्टिक मिसाइलें कोरियाई पेनिनसुला के पूर्वी तट के पास गिरी हैं.

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19 अप्रैल 2026 (पब्लिश्ड: 03:39 PM IST)
north korea fires ballistic missiles towards japan south korea no damage reported fear of nuclear war
नॉर्थ कोरिया के पास मिसाइलों को बड़ा जखीरा है. (AP/Reuters)
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अमेरिका-इजरायल और ईरान में तनातनी के बीच नॉर्थ कोरिया एक बार फिर अपने होने का अहसास करा दिया है. शनिवार, 18 अप्रैल को नॉर्थ कोरिया ने कई बैलिस्टिक मिसाइल्स फायर कीं. ये मिसाइल्स समुद्र में उसी तरफ लॉन्च की गईं, जिस तरफ साउथ कोरिया और जापान हैं. 2026 में यह सातवां मौका है, जब नॉर्थ कोरिया ने बैलेस्टिक मिसाइल्स दागीं, जबकि अप्रैल के महीने में ये नॉर्थ कोरिया का चौथा मिसाइल लॉन्च है.

एक तरफ ईरान-अमेरिका का सीजफायर नाजुक मोड़ पर अटका हुआ है. बार-बार बातचीत फेल होने की वजह से फिर से युद्ध होने का खतरा मंडरा रहा है. दूसरी तरफ नॉर्थ कोरिया के मिसाइल लॉन्च ने वैश्विक शांति को लेकर चिंता और बढ़ा दी है.

लेकिन सवाल ये है कि नॉर्थ कोरिया ऐसा क्यों कर रहा है? क्या ये शक्ति प्रदर्शन है या उकसावे की कार्रवाई? इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके जवाब में साउथ कोरिया की क्यूंगनाम यूनिवर्सिटी (Kyungnam University) में प्रोफेसर लिम ईउल-चुल (Lim Eul-Chul) ने कहा,

क्योंकि अमेरिका का ध्यान ईरान पर है, इसलिए नॉर्थ कोरिया इसे अपनी न्यूक्लियर पावर और मिसाइल कैपेबिलिटी को अपग्रेड करने का सुनहरा समय मान रहा है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साउथ कोरिया के प्रेसिडेंट ऑफिस ने कहा कि उसने एक आपातकालीन सुरक्षा बैठक की है. इस तरह के परीक्षण, नॉर्थ कोरिया के मिसाइल प्रोग्राम के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्तावों का उल्लंघन करते हैं. दूसरी तरफ नॉर्थ कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र के इस प्रतिबंध को खारिज करते हुए है कहा कि यह आत्मरक्षा के उसके संप्रभु अधिकार का हनन है.

साउथ कोरिया की सेना ने एक बयान में कहा कि ये मिसाइलें 18 अप्रैल को नॉर्थ कोरिया के पूर्वी तट पर स्थित सिनपो शहर के पास से सुबह लगभग 6:10 बजे दागी गईं. जापान की सरकार ने सोशल मीडिया पर बताया कि कि ये बैलिस्टिक मिसाइलें कोरियाई पेनिनसुला के पूर्वी तट के पास गिरी हैं. जापानी सरकार ने कहा कि जापान के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन (EEZ) में किसी भी तरह की घुसपैठ की पुष्टि नहीं हुई है.

ये लॉन्च ऐसे समय पर हुए, जब चीन और अमेरिका एक शिखर सम्मेलन की तैयारी कर रहे हैं. इस सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच नॉर्थ कोरिया के मुद्दे पर भी चर्चा होने की उम्मीद है.

वहीं अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने कहा कि नॉर्थ कोरिया ने न्यूक्लियर हथियार बनाने की अपनी क्षमताओं में 'बहुत गंभीर' तरक्की की है. उनके मुताबिक, मुमकिन है कि इसमें एक नई यूरेनियम एनरिचमेंट फैसिलिटी भी शामिल है. इससे पहले मार्च के अंत में, नॉर्थ कोरिया के शासक किम जोंग-उन ने कहा था कि एक न्यूक्लियर पावर के रूप में उनकी स्थिति बदले जाने का सवाल ही नहीं. उनके मुताबिक खुद की सुरक्षा के लिए न्यूक्लियर हथियार बहुत जरूरी हैं.

वीडियो: नॉर्थ कोरिया ने टेस्ट की 'सुपर' मिसाइल इंजन की नई टेक्नोलॉजी, अमेरिका तक मारेगी

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