संसद की कैंटीन से नॉनवेज नहीं हटाया जाएगा, लेकिन मेन्यू से कुछ चीज़ें गायब हो सकती हैं!
लंच और शाम के नाश्ते में 48 फूड आइटम्स परोसी जाती हैं.

संसद की कैंटीन के मेन्यू में बदलाव होने की बात चल रही है. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बताया कि मेन्यू के नए रेट को मार्च से बदला जाएगा. अभी तक संसद में खाना परोसने की ज़िम्मेदारी IRCTC की थी. लेकिन उसके खाने की क्वॉलिटी पर सवाल उठने के बाद नए वेंडर्स बुलाने पर विचार किया जा रहा है. माना जा रहा है कि नए रेट कार्ड में सब्सिडी में कटौती की जाएगी.
इससे पहले खबर थी की संसद के मेन्यू से नॉनवेज हटा दिया जाएगा, लेकिन हिंदुस्तान टाइम्स ने संसद के एक सीनियर अधिकारी के हवाले से लिखा है कि मेन्यू से नॉनवेज नहीं हटाया जाएगा.
रिपोर्ट के मुताबिक, ओम बिरला के मुताबिक, पिछले साल खाने पर 17 करोड़ की सब्सिडी दी गई थी, पर लोकसभा की ऑफिशियल की तरफ से दिए डेटा के मुताबिक, 17 करोड़ सबसिडी में से सिर्फ 24 लाख ही सांसद के खाते पर खर्च हुई और बाकी की बची हुई सब्सिडी सुरक्षाकर्मियों, विजिटर्स, सरकारी अधिकारियों और पत्रकारों के पर. उनके मुताबिक, सदन की कार्यवाही के दौरान करीब 4,500 लोग खाना खाते हैं. उबली सब्जियों से लेकर केसरी भात तक संसद की कैंटीन में 48 फूड आइटम्स लंच और शाम के नाश्ते में परोसे जाते हैं. लेकिन पोहा, मटन कटलेट या बोंडा हमेशा उपलब्ध नहीं होते हैं. इसके अलावा, कैंटीन के अधिकारियों ने बताया कि कैंटीन में मिलने वाली शाकाहारी थाली का दाम 40 रुपये है, जिसमें एक रोटी 2 रुपये में मिलती है, जो पहले एक रुपये की मिलती थी. और इस खाने की मांग ज्यादा रहती है.
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