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मद्रास हाई कोर्ट की बात पहले मानी, अब MBBS कोर्स में 'वर्जिनिटी' समेत ये मुद्दे NMC ने फिर जोड़ दिए

NMC issued New Medical Curriculum: कोर्स में ये बदलाव मद्रास हाईकोर्ट के 2022 में दिए गए दिशानिर्देशों के बाद लागू किए गए थे. मगर National Medical commission ने अब उन विषयों को दोबारा फॉरेंसिक मेडिसिन सिलेबस में शामिल कर लिया है.

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MBBS के फॉरेंसिक मेडिसिन के सिलेबस में किया गया बदलाव (फोटो: PTI)
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रविराज भारद्वाज
4 सितंबर 2024 (अपडेटेड: 4 सितंबर 2024, 04:29 PM IST)
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राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (National Medical commission) ने अंडर ग्रेजुएट मेडिकल स्टूडेंट्स (MBBS) के फॉरेंसिक मेडिसिन सिलेबस को संशोधित किया है. जिसके मुताबिक 'सोडोमी और लेस्बियनिज्म' (Sodomy and Lesbianism) को अप्राकृतिक यौन अपराध कैटेगरी में रखा गया है. इस सिलेबस में अब छात्रों को हाइमन (Hymen) के महत्व, वर्जिनिटी (Virginity) की परिभाषा और Defloration के चिकित्सकीय और कानूनी महत्व के बारे में पढ़ाया जाएगा.

2022 में मद्रास हाई कोर्ट (Madras High Court) के दिशानिर्देशों पर मॉड्यूल को संशोधित किया गया था. इन सभी टॉपिक्स को संशोधन के समय सिलेबस से हटा दिया गया था. - संशोधित पाठ्यक्रम में सहमति से समलैंगिक व्यक्तियों और एडल्टरी के दौरान बने यौन संबंधों और रक्तसंबंधियों और पशुओं के साथ सेक्स के अपराध के बीच का फ़र्क मिटा दिया गया है. LGBTQ+ समुदाय के लिए पढ़ाई को ज्यादा सहज बनाने के लिए NMC ने 2022 में इन टॉपिक्स को मॉड्यूल में शामिल किया था.

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आयोग ने 2022 में साइकेट्री मॉड्यूल के सिलेबस में भी बदलाव किया था. ताकि स्टूडेंट्स को सेक्स, जेंडर आइडेंटिटी और सेक्सुअल ओरिएंटेशन के बारे में समझने में ज्यादा मदद मिले. हालांकि सेक्स, जेंडर आइडेंटिटी और कुछ कॉमन मिथ जैसे विस्तृत विषयों का उल्लेख नहीं करता है, लेकिन इसे पूरी तरह से वापस नहीं लिया गया है. साइकेटरी मॉड्यूल इस बात पर भी जोर नहीं देता कि छात्रों को 'जेंडर आइडेंटिटी डिसऑर्डर' (gender identity disorders) के बारे में भी पढ़ाया जाना चाहिए.

इस सिलेबस में रेप, चोट और यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा जैसे मामलों के लिए उचित प्रावधानों का भी उल्लेख है. फोरेंसिक मेडिसिन के संशोधित पाठ्यक्रम में छात्रों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के नए कानूनों और प्रावधानों के बारे में भी पढ़ाया जाएगा. इस सिलेबस में रेप, चोट और यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा जैसे मामलों के लिए उचित प्रावधानों का भी उल्लेख है. पाठ्यक्रम में जो बदलाव हुए हैं वो NMC की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं. हालांकि ये संशोधन किस वजह से हुए हैं, इसके पीछे कोई विशेष कारण नहीं बताया गया है.

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