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नितिन गडकरी का बड़ा बयान - "अधिकारी सिर्फ यस सर बोलें, सरकार मंत्रियों से चलती है"

नौकरशाहों पर गडकरी का एक पुराना बयान भी नोट करते जाइए!

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10 अगस्त 2022 (अपडेटेड: 10 अगस्त 2022, 07:52 PM IST)
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नितिन गडकरी. (फाइल फोटो- इंडिया टुडे)
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का एक बयान काफी चर्चा में है. उन्होंने मंगलवार को कहा कि नौकरशाहों को मंत्री जो कुछ भी कहते हैं उसे तुरंत मान लेना चाहिए और लागू करना चाहिए क्योंकि सरकार उनके (मंत्रियों) मुताबिक ही काम करती है.

इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, नितिन गडकरी नागपुर में महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज़ के एक कार्यक्रम में बोल रहे थे. इस दौरान उन्होंने 1995 में महाराष्ट्र में मनोहर जोशी की सरकार के दौरान का एक किस्सा सुनाया. उन्होंने बताया कि,

"उस सरकार में जब मैं मंत्री था तब मैं हमेशा अधिकारियों से कहता था कि आप जो कहेंगे, उसके मुताबिक सरकार काम नहीं करेगी. आपको केवल "यस सर" कहना है. हम (मंत्री) जो कह रहे हैं, उसे आपको लागू करना होगा. सरकार हमारे हिसाब से काम करती है.'

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने महात्मा गांधी का भी जिक्र किया. गडकरी ने कहा कि गरीबों के कल्याण के लिए कोई कानून आड़े नहीं आता. उन्होंने कहा,

"महात्मा गांधी ने कहा था कि, मैं जानता हूं कि गरीबों के कल्याण में कोई भी कानून आड़े नहीं आता, अगर ऐसे कानून को 10 बार भी तोड़ना पड़े तो हमें संकोच नहीं करना चाहिए."

इस बीच केंद्रीय मंत्री ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि 1995 में गढ़चिरौली और मेलघाट में कुपोषण के कारण हजारों आदिवासी बच्चों की मौत हो गई क्योंकि गांवों में सड़कें नहीं थीं और वन कानून सड़कों के विकास के रास्ते में आ रहे थे.

ये पहला मामला नहीं है जब नितिन गडकरी नौकरशाही पर इस तरह के बयान देते हुए नजर आए. हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक 2020 में भी एक बार नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया(NHAI) के अधिकारियों को फटकार लगाने का वीडियो काफी वायरल हुआ था. तब उन्होंने कहा था कि दिल्ली के द्वारका में एक बिल्डिंग बनाने में NHAI के अधिकारियों ने 11 साल लगा दिए. 

अपने बयान में गडकरी ने कहा था, 

‘’नालायक, निकम्मे और भ्रष्ट'. ऐसी ‘नकारात्मक’ नौकरशाही ने अपने सालाना परफॉर्मेंस मूल्यांकन में अच्छे ग्रेड कैसे ले लेते है.'

गडकरी ने जोर देकर कहा कि उन सिविल सर्वेंट्स को बाहर करने का समय आ गया है जो अपने मंत्रियों की भी नहीं सुनते हैं.

वीडियो: नितिन गडकरी ने क्या राजनीति छोड़ने की बात कह दी, क्यों मचा हल्ला?

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