एक बार कर्ज न चुका पाने वाले माल्या जी को चोर कहना गलत: गडकरी
जो सरकार माल्या को वापस लाने के लिए एड़ियां घिस रही है, उसके एक मंत्री खुलेआम ऐसा बोल रहे हैं.
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10 दिसंबर को एक ब्रिटिश कोर्ट में विजय माल्या प्रत्यर्पण का केस हार गए. उनके पास दिसंबर तक का समय है इस फैसले के खिलाफ अपील करने का. जो भारत सरकार उन्हें भारत लाने के लिए केस लड़ रही है, उसके ही मंत्री हैं नितिन गडकरी. ऐसे में गडकरी का ये बचाव क्या विजय माल्या का केस मज़बूत नहीं करता (फोटो: AP+PTI)
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मुझे विजय माल्या से कुछ लेना-देना नहीं है. 40 साल जब माल्या रेगुलर पेमेंट कर रहा था, ब्याज भर रहा था, तब माल्या का प्राइम अकाउंट था. और 40 साल के बाद, ऐविएशन में जाने के बाद, वो भी मुझे मालूम है हिस्ट्री पूरी, उसके बाद वो अड़चन में आया तो वो एकदम चोर हो गया? जो 50 साल ब्याज भरता है वो ठीक है, पर एक बार वो डिफॉल्ट हो गया तो तुरंत सब फ्रॉड हो गया? ये मानसिकता ठीक नहीं है.नहीं, नहीं. ये विजय माल्या के वकील का बयान नहीं है. ये जिनका बयान है, वो मोदी सरकार में मंत्री हैं. बीजेपी के बड़े नेता हैं. नाम है- नितिन गडकरी. गडकरी उसी सरकार में सीनियर मंत्री हैं, जिस सरकार ने विजय माल्या को भगोड़ा घोषित किया था. एक तरफ मोदी सरकार माल्या को लंदन से भारत लाने में अपनी एड़ियां घिस रही है. दूसरी तरफ उसके अपने मंत्री सार्वजनिक मंच पर माल्या की वकालत कर रहे हैं. टाइम्स नेटवर्क इंडिया इकॉनमिक कॉन्क्लेव हुआ मुंबई में.
इसमें गडकरी भी थे मेहमान. यहां पर मंच से बोलते हुए उन्होंने विजय माल्या का खूब पक्ष लिया. कहा, हर कारोबार में जोखिम होता है. गलतियां भी होती हैं. मतलब विजय माल्या से भी 'गलतियां' हुईं. उन्होंने बैंक का कर्जा नहीं भरा. मगर इसका मतलब ये नहीं कि माल्या चोर हैं.
नितिन गडकरी ने कहा,
अगर विजय माल्या जी या नीरव मोदी ने धोखाधड़ी की है, तो उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए, लेकिन यदि कोई परेशानी में आता है और हम उस पर धोखेबाज का ठप्पा लगा देते हैं, तो हमारी इकॉनमी तरक्की नहीं कर सकती.इस प्रोग्राम में नितिन गडकरी ने विजय माल्या का काफी बचाव किया. काफी कुछ कहा उनके पक्ष में. इकॉनमिक टाइम्स के हवाले से हम तक उनकी जितनी बातें पहुंची हैं, उसका कुछ हिस्सा आप भी पढ़िए-
- जो आदमी अड़चन में आता है, उसको अगर हम ये ठप्पा लगा दें कि वो फ्रॉड है तो हमारी अर्थव्यवस्था आगे नहीं बढ़ेगी.
- एक गलती का सबको अधिकार है, पर वो बोनाफाइड (दिल साफ होना चाहिए) होना चाहिए.
- आजकल हमारा जो अप्रोच है कि हर आदमी चोर है, वो नहीं होना चाहिए.
- एक बार वो डिफॉल्ट (मतलब बैंक का पैसा नहीं भरा) हो गया तो क्या तुरंत फ्रॉड हो गया?

नितिन गडकरी ने विजय माल्या के पक्ष में जो कहा, उसे मीडिया ने रिपोर्ट किया. ऐसी ही न्यूज 18 की एक रिपोर्ट को माल्या ने अपने ट्विटर पर पिन कर लिया है. मतलब ये वाला ट्वीट आपको उनके ट्विटर हैंडल पर सबसे ऊपर दिखेगा. जाहिर है, गडकरी का बचाव करना विजय माल्या को अपने पक्ष में लगा है. वो इसकी वैल्यू कर रहे हैं.
वित्त मंत्री ने क्या कहा था 10 दिसंबर, यानी जिस दिन माल्या ब्रिटेन में प्रत्यर्पण का केस हारे, उस दिन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ट्वीट किया था:
आज भारत के लिए बड़ा दिन है. भारत को ठगने वाला, धोखाधड़ी करने वाला कोई इंसान बचकर नहीं जा सकेगा. UPA की सरकार के दौरान एक कानून तोड़ने वाले शख्स (विजय माल्या) को फायदा मिला. NDA की हमारी सरकार उसे वापस ला रही है.मंत्री वकालत कर रहे हैं तो माल्या को कैसा डर? केंद्रीय मंत्री सार्वजनिक मंच पर बैठकर माल्या का बचाव कर रहे थे. माल्या के ऊपर 8,000 करोड़ का कर्जा है. वो चुपके से देश छोड़कर चले गए. पीछे सैकड़ों कर्मचारियों को बेरोजगार छोड़ गए. उनके नाम भारतीय अदालतों में कई सारे केस दर्ज हैं. CBI उनकी जांच कर रही है. प्रवर्तन निदेशालय में उनके ऊपर मामला चल रहा है. हमारी सरकार, हमारी एजेंसियां लंदन जाकर उन्हें देश लिवा लाने का केस लड़ रही हैं. विजय माल्या चाहें तो खुश हो सकते हैं. जिस सरकार को उनके खिलाफ ऐक्शन लेना है, उसी का एक मंत्री पब्लिक फोरम में उनका पक्ष ले रहा है. उनका वकील चाहे तो गडकरी के इस जुबानी सर्टिफिकेट को अपने फेवर में भी इस्तेमाल कर सकता है.
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