देश के लोकतंत्र को लेकर ये क्या बोल गए नीति आयोग के CEO, जिस पर सवाल उठ रहे हैं
सवाल उठे तो अमिताभ कांत ने कहा, मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा था
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एक वेबिनार में नीति आयोग के CEO अमिताभ कांत के कथित बयान पर सोशल मीडिया में सवाल उठाए जा रहे हैं.
नीति आयोग के CEO अमिताभ कांत अपने एक कथित बयान को लेकर विवाद में आ गए हैं. वह एक वेबिनार में हिस्सा ले रहे थे. दूसरे देशों के मुकाबले में भारत को खड़ा करने के इंडस्ट्री प्लान पर बात कर रहे थे. उन्होंने भारत के लघु व मध्यम उद्योग (MSME) के बदलाव पर अपने सुझाव रखे. इसी दौरान एक सवाल के जवाब में उन्होंने भारत के लोकतंत्र को लेकर बयान दे दिया.
नीति आयोग के CEO से सवाल किया गया था-
क्या प्रकृति ने हमें कोविड और चीन के साथ तनाव के रूप में एक मौका दिया है, ताकि हमें खुद को खड़ा करने का दूसरा बड़ा चांस मिले?
वायरल हो रहे विडियो के मुताबिक, इस पर अमिताभ कांत ने कथित तौर पर कहा -
अमिताभ कांत एक वेबिनार में अपने विचार रख रहे थे.
ट्विटर पर बयान से मुकरे
नीति आयोग के CEO के इस बयान को लेकर ट्विटर पर बवाल शुरू हो गया. जिस अखबार ने इस खबर को ट्वीट किया था, उसे रीट्ववीट करके लोग सवाल पूछने लगे. कुछ ही देर में अमिताभ कांत ने उस खबर को कोट करते हुए ट्वीट किया
अमिताभ कांत ट्विटर पर अपने बयान से बदल गए.
किसानों के मुद्दे पर भी बोले
वेबिनार में नीति आयोग के CEO ने कई सवालों के जवाब दिए. इसमें कृषि सुधार का मसला भी था. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा पंजाब और हरियाणा के किसान ही मुख्य रूप से सरकार के नए किसान कानूनों का विरोध कर रहे हैं. उन्होंने कहा, इस पूरी बातचीत में अमिताभ कांत ने ये भी कहा कि सुधारों की अगली लहर केंद्र के बजाय राज्य सरकारों की तरफ से आनी चाहिए. अगर 10-12 राज्य अपने हिसाब से तेजी से आगे बढ़ेंगे तो कोई कारण नहीं है कि भारत तेजी से आगे नहीं बढ़ पाएगा.
हालांकि अमिताभ कांत की इन सब बातों पर उनका लोकतंत्र पर दिया बयान भारी पड़ रहा है. उनकी लाख सफाई के बावजूद ट्विटर पर लोग वह वीडियो शेयर हो रहा है, जिसमें वह we are too much of democracy बोलते साफ दिखाई दे रहे हैं.
नीति आयोग के CEO से सवाल किया गया था-
क्या प्रकृति ने हमें कोविड और चीन के साथ तनाव के रूप में एक मौका दिया है, ताकि हमें खुद को खड़ा करने का दूसरा बड़ा चांस मिले?
वायरल हो रहे विडियो के मुताबिक, इस पर अमिताभ कांत ने कथित तौर पर कहा -
अमिताभ कांत एक वेबिनार में अपने विचार रख रहे थे.
ट्विटर पर बयान से मुकरे
नीति आयोग के CEO के इस बयान को लेकर ट्विटर पर बवाल शुरू हो गया. जिस अखबार ने इस खबर को ट्वीट किया था, उसे रीट्ववीट करके लोग सवाल पूछने लगे. कुछ ही देर में अमिताभ कांत ने उस खबर को कोट करते हुए ट्वीट किया
अमिताभ कांत ट्विटर पर अपने बयान से बदल गए.
किसानों के मुद्दे पर भी बोले
वेबिनार में नीति आयोग के CEO ने कई सवालों के जवाब दिए. इसमें कृषि सुधार का मसला भी था. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा पंजाब और हरियाणा के किसान ही मुख्य रूप से सरकार के नए किसान कानूनों का विरोध कर रहे हैं. उन्होंने कहा, इस पूरी बातचीत में अमिताभ कांत ने ये भी कहा कि सुधारों की अगली लहर केंद्र के बजाय राज्य सरकारों की तरफ से आनी चाहिए. अगर 10-12 राज्य अपने हिसाब से तेजी से आगे बढ़ेंगे तो कोई कारण नहीं है कि भारत तेजी से आगे नहीं बढ़ पाएगा.
हालांकि अमिताभ कांत की इन सब बातों पर उनका लोकतंत्र पर दिया बयान भारी पड़ रहा है. उनकी लाख सफाई के बावजूद ट्विटर पर लोग वह वीडियो शेयर हो रहा है, जिसमें वह we are too much of democracy बोलते साफ दिखाई दे रहे हैं.

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