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निर्भया के चार बलात्कारियों को फांसी देने की तारीख आ गई है

घटना के 7 साल बाद जारी हुआ डेथ वारंट.

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7 जनवरी 2020 (अपडेटेड: 7 जनवरी 2020, 11:41 AM IST)
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निर्भया गैंगरेप केस के चारों दोषी. बाएं से दाएं- विनय, पवन, मुकेश और अक्षय. फोटो- इंडिया टुडे.
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निर्भया गैंगरेप मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी कर दिया है. अब 22 जनवरी के दिन सुबह 7 बजे चारों को फांसी होगी. निर्भया के पैरेंट्स ने दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द डेथ वारंट जारी करने के लिए याचिका दायर की थी.

और क्या हुआ कोर्ट में?

चारों दोषी तिहाड़ जेल में बंद हैं. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उनकी पेशी हुई. इंटरनेट कनेक्शन में दिक्कत आ रही थी, इसलिए सुनवाई शुरू होने में वक्त लगा. कोर्ट ने चारों आरोपियों से उनका नाम बोलने के लिए कहा. सुनवाई के दौरान मीडियाकर्मियों को कोर्ट से बाहर जाने का आदेश दिया गया.

कुछ दिन पहले खबर आई थी कि निर्भया के दोषी फांसी को टालने के लिए साजिश रच रहे हैं. इस खबर को दोषी अक्षय ने खारिज किया. कहा कि किसी तरह की कोई साजिश नहीं की जा रही.

फैसले पर निर्भया की मां ने क्या कहा?

आशा देवी ने कहा कि उनकी बेटी को इंसाफ मिल गया है. चारों दोषियों को फांसी होने के बाद देश की महिलाओं को ताकत मिलेगी. इस फैसले से जनता का विश्वास न्याय प्रणाली पर और भी ज्यादा मजबूत हो जाएगा.

निर्भया के पिता बद्रीनाथ सिंह ने कहा, 'मैं कोर्ट के फैसले से बहुत खुश हूं. दोषियों को 22 जनवरी की सुबह 7 बजे फांसी पर चढ़ाया जाएगा. इस फैसले से उन लोगों के मन में डर होगा, जो ऐसे अपराध करते हैं.' वहीं दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा है कि वो इस मामले पर क्यूरेटिव पेटिशन फाइल करेंगे.

इसके पहले क्या हुआ था?

चारों दोषियों के नाम- पवन, विनय, अक्षय और मुकेश है. इनमें से एक दोषी अक्षय ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी. जिसे 18 दिसंबर के दिन कोर्ट ने खारिज कर दिया था. इसके अलावा दोषियों के वकील एपी सिंह ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका लगाकर दावा किया था कि वारदात के वक्त, यानी 2012 में पवन गुप्ता नाबालिग था. इसलिए उस पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए. दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इस याचिका को खारिज कर दिया था.

क्या है मामला?

16 दिसंबर 2012 की रात दिल्ली में चलती बस में एक लड़की का गैंगरेप हुआ था. कुछ दिन बाद उसकी मौत हो गई थी. जमकर विरोध हुआ. विरोध प्रदर्शन हुआ. फिर 6 लोगों की गिरफ्तारी हुई. इनमें से एक नाबालिग निकला और एक ने जेल में ही सुसाइड कर लिया. दिल्ली की निचली अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया और फांसी की सजा सुनाई. दोषी पक्ष ने फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी. हाई कोर्ट ने सजा बरकरार रखी. फिर दोषी पक्ष पहुंचा सुप्रीम कोर्ट. यहां पर भी कोर्ट ने फांसी की सजा बरकरार रखी. चारों दोषियों की सजा का ऐलान तो बहुत पहले हो गया था, लेकिन अभी तक किसी को सजा नहीं मिली है.

निर्भया की मां ने चारों के खिलाफ जल्द से जल्द डेथ वारंट जारी करने के लिए दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दायर की थी. जिस पर कोर्ट ने सुनवाई 7 जनवरी तक के लिए टाल दी थी.


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