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आयरन रॉड निर्भया की वेजाइना में डाली गई, प्रूव करो, 10 लाख दूंगा - एम एल शर्मा

वकील एम. एल. शर्मा पहले भी डॉक्यूमेंट्री में बयान देकर अपनी फजीहत करा चुके हैं. वैसे निर्भया के पक्ष का कहना है, 'हम प्रूव कर देंगे.'

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29 जुलाई 2016 (अपडेटेड: 5 मई 2017, 12:35 PM IST)
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2012 में हुए निर्भया केस में दोषी करार दिए गए मुकेश और पवन की ओर से जो वकील हैं. नाम है उनका एम. एल. शर्मा. उन्होंने 10 लाख का इनाम उस इंसान को देने की बात कही है, जो ये बात साबित कर दे कि निर्भया की वेजाइना में रॉड डाली गई थी. उनका कहना है कि खुद निर्भया ने मौत से पहले दिए बयान में ऐसी कोई बात नहीं कही है. न ही उसके साथ जो लड़का था, उसने ऐसा कुछ कहा है. निर्भया केस देश भर में आंदोलन का कारण बना था. और साथ ही पूरी दुनिया में भारत में औरतों के खिलाफ क्राइम के कारण क्रिटिसिज्म झेलना पड़ा था. डिफेंस अपनी पूरी कोशिश कर रहा है कि किसी भी तरह से आरोपियों को मौत की सजा से बचाया जाए. इसलिए डिफेंस के लॉयर एम. एल. शर्मा ने पुलिस की इस बात का विरोध किया है, जिसमें पुलिस का कहना है कि पहले आरोपियों ने निर्भया की वेजाइना में लोहे का रॉड डाला और उसके शरीर के अन्दर के अंग बाहर निकाल लिए. ट्रायल कोर्ट 4 एडल्ट आरोपियों को मौत की सजा सुना चुका है. 23 साल का फिजियोथेरेपिस्ट दोस्त जो उस वक्त निर्भय के साथ था. उसका कहना है कि निर्भया को चलती बस में पहले रेप किया गया. फिर उसे बस से फेंक दिया गया. जिसके बाद निर्भया को आई सीरियस इंजरी के चलते उसकी मौत हो गई थी. दिल्ली हाईकोर्ट सभी को सजा सुना चुकी है और अब मामला सुप्रीम कोर्ट के हाथों में है. इस मामले में 6 में से एक एक्यूज राम सिंह ने तीन साल पहले तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली थी. एक दूसरा आरोपी जो इस क्राइम के वक्त नाबालिग था, उसे तीन साल के लिए सुधार गृह भेजा गया था. जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया था. वकील के मुताबिक पुलिस का दावा कुछ ऐसा है, जो मेडिकली पॉसिबल ही नहीं है. आयरन रॉड बार-बार निर्भया की वेजाइना में डाली गई, जिससे उसकी आंतें बाहर निकाल आईं. ये बातें सोमवार को वकील शर्मा ने तीन जजों की स्पेशल ब्रांच के सामने बहस करते हुए कही. इसे जज दीपक शर्मा हेड कर रहे हैं. जहां आखिरी वक्त में निर्भया का इलाज चल रहा था, सिंगापुर के उस हॉस्पिटल ने जो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बनाई है, उसके हिसाब से यूटरस यानी गर्भाशय और आंतों को कोई नुकसान नहीं हुआ है. आदमी का शरीर जैसे बना होता है, उसके हिसाब से देखें तो अगर कोई रॉड वेजाइना से घुसाई जाए, तो यह बिना गर्भाशय को फाड़े आंतों तक नहीं पहुंच सकती है. कोर्ट से बाहर वकील ने ये बात कही और जो इसे प्रूव कर दे उसके लिए 10 लाख के इनाम की घोषणा भी की. जो ये प्रूव कर दे कि बिना ओवरी और यूटरस को फाड़े आंतें निकल सकती हैं. उन्होंने कोर्ट से बाहर आकर कहा,
'मैंने ऑलरेडी बोल दिया है, जो डॉक्टर या कोई और भी ये बात प्रूव कर देगा, उसे मैं दस लाख का इनाम दूंगा. मैं जानता हूं वो ऐसा नहीं कर पाएंगे, पुलिस झूठ बोल रही है. केवल पब्लिक के गुस्से को भड़काने के लिए और मामले को सेंशनलाइज करने के लिए ये थ्योरी दी गई थी.'
वकील ने कोर्ट में कहा,
'16 दिसम्बर 2012 को जब लड़की को रात 11 बजकर 15 मिनट पर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया, तो वो होशो-हवास में थी और उसने अपना बयान दर्ज कराया. जो कुछ उसके साथ हुआ, वो बताते हुए उसने एक बार भी किसी अननेचुरल रेप जैसी कोई बात उसने नहीं बोली.'
वकील एम. एल. शर्मा ने कोर्ट के बाहर ये भी कहा,
'ऐसे में जब विक्टिम खुद ही नहीं बोल रहा हो कि उसके साथ ऐसा कुछ दुखद हुआ है, तो पुलिस को ये कहां से पता चला? लोहे के रॉड की बात उसके बॉयफ्रेंड के बयान में भी नहीं है.'
निर्भया की मां आशा देवी वहां कोर्ट में मौजूद थीं. जब वकील एम. एल. शर्मा ने निर्भया की मौत के वक्त दिया गया बयान पढ़ा, निर्भया की मां रो पड़ीं. निर्भया के परिवार की ओर से इस मामले में कहा गया,
'हम साबित करेंगे. जो रॉड हमें मिली है, वो यूज की गई थी. 2 फीट 9 इंच की एक रॉड दोनों को पीटने के लिए यूज की गई थी. एक दूसरी रॉड 1 फीट 11 इंच की शरीर में घुसाई गई थी. आंतें हाथों का यूज करके बाहर खींच ली गईं थीं.'
निर्भया के परिवार की ओर से वकील जसप्रीत राय ने कहा,
'डिफेंस को जो वो चाहें, कहने का अधिकार है, सही या गलत. मेरे लिए ये सही नहीं होगा कि मैं किसी के कमेंट पर कोई कमेंट करूं. वो भी तब जब केस चल रहा हो. हम कानून के हिसाब से डील करेंगे, जब हमारी बारी आएगी.'
2012 के इस मामले से सारे देश का ध्यान इस ओर गया था और पार्लियामेंट को रेप के कानूनों को और कड़ा करना पड़ा, साथ ही सीरियस क्राइम्स के मामले में सजा की उम्र 18 से घटाकर 16 कर दी गई. मुकेश, पवन, विनय और अक्षय ने ट्रायल कोर्ट के बाद दिल्ली हाई कोर्ट से मिली अपनी मौत की सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी. वैसे बताते चलें कि ये वही वकील एम. एल. शर्मा हैं, जिन्होंने निर्भया के ऊपर बनी डॉक्यूमेंट्री इंडियाज डॉटर में भी निर्भया के रेप पर आरोपियों का बचाव और रेप के पीछे निर्भया की गलती बताने की कोशिश की थी और अपनी भद पिटवा ली थी. ये रहा वीडियो - https://www.youtube.com/watch?v=Esa3R-YzTmo इसके बाद जब बेचारे फंस गए थे, तो यूं बहाने बनाते भी नजर आए थे - https://www.youtube.com/watch?v=gjQYoLXKgaY

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