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NIA का दावा ISIS के मॉड्यूल पर काम कर रहा था 'हरकत उल हर्ब ए इस्लाम'

दिल्ली और यूपी में 17 जगहों पर छापेमारी और गिरफ्तारियां हुईं.

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26 दिसंबर 2018 (अपडेटेड: 26 दिसंबर 2018, 06:14 PM IST)
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आज देश ने एक ख़बर सुनी. ख़बर जिसमें ISIS का नाम भी शामिल था. ये नाम आया यूपी पुलिस, दिल्ली पुलिस और NIA की छापेमारी के बाद. दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 17 जगहों पर छापेमारी और गिरफ्तारियां हुईं. दिल्ली के सीलमपुर, यूपी के अमरोहा, हापुड़, मेरठ और लखनऊ से दिन भर खबरें आती रहीं. लेकिन जब NIA के IG ने प्रेस कांफ्रेंस में खुलासे शुरू किये तो कई कान खड़े हो गए. जो पता चला वो ISIS के नाम से कहीं ज्यादा डरावना है. पता लगा कि देश में ISIS के मॉड्यूल पर एक नया एक्टिव था. नाम है 'हरकत उल हर्ब ए इस्लाम'. फिलहाल ये दिल्ली और उत्तर प्रदेश में आतंकी हमलों की तैयारी कर रहे थे.
NIA, दिल्ली पुलिस और यूपी पुलिस ने दिल्ली और यूपी में कई जगहों पर एक साथ छापेमारी की.
NIA, दिल्ली पुलिस और यूपी पुलिस ने दिल्ली और यूपी में कई जगहों पर एक साथ छापेमारी की.

सबसे पहले जानिए कैसे पकड़े गए ये लोग?
NIA, दिल्ली और यूपी पुलिस ने रात ढाई बजे एक ऑपरेशन शुरू किया. जाफराबाद, अमरोहा और मेरठ की कई जगहों पर इस स्पेशल टीम ने एक साथ छापे डाले. इस टीम में सौ से ज़्यादा लोग शामिल थे. NIA के निशाने पर 16 लोगों का एक ग्रुप था. इसे ही 'हरकत उल हर्ब ए इस्लाम' कहा जा रहा है. एनआईए के मुताबिक़ दिल्ली से उत्तर प्रदेश तक के सारे तार जाकर मिलते हैं मुफ्ती सुहैल से. मुफ्ती सुहैल अमरोहा का रहना वाला है, और इस पूरे ग्रुप का सरगना है. वो दिल्ली के जाफराबाद में काम करता था. उसने दिल्ली में अपने आसपास के लोगों को अपने साथ शामिल किया. उसी ने अमरोहा के कुछ लोगों को भी साथ मिलाया. ये सारे लोग व्हाट्सऐप और टेलीग्राम जैसे ऐप्स के जरिये आपस में बात करते थे. लगभग 3-4 महीने महीने पहले ये मॉड्यूल सक्रिय हुआ था. कुछ दिनों पहले एनआईए को इसकी भनक लगी और आज ये सब पकड़े गए. एनआईए का कहना है, इन सारे लोगों के बीच की कड़ी सिर्फ मुफ्ती सुहैल हो ये जरूरी नहीं. कुछ और भी हो सकता है. जिसकी जांच NIA करेगी.
कौन कौन पकड़ा गया?
NIA ने कुल 16 लोगों को पकड़ा, पूछताछ की और 6 लोगों को अभी के लिए छोड़ दिया है. 10 लोग अभी गिरफ्तार हुए हैं, जिसमें से 5 यूपी  के हैं और 5 दिल्ली के हैं. छूटे हुए लोगों का भविष्य क्या होगा, वो NIA बाद में तय करेगा. इनमें 20 से 30 साल की उम्र के लोग शामिल हैं. पकड़े गए लोगों में दो की वेल्डिंग शॉप है, जबकि एक ऑटो ड्राइवर, एक मौलवी और एक बीए पार्ट-3 का स्टूडेंट है. सबसे खतरनाक बात ये है कि नोएडा की एमिटी यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाला सिविल इंजीनियरिंग का स्टूडेंट भी पकड़े गए लोगों में शामिल है. इनमें एक महिला भी शामिल थी, जिसे पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया.
NIA ने बताया कि इनके निशाने पर रक्षा से जुड़े संस्थान थे.
NIA ने बताया कि इनके निशाने पर रक्षा से जुड़े संस्थान थे.

क्या क्या हुआ बरामद?
NIA ने बताया कि इनके पास से 8 पिस्टल, देशी तरीके से बनाया हुआ एक रॉकेट लॉन्चर,  100 से ज़्यादा फोन और 135 सिमकार्ड मिले हैं. NIA के मुताबिक़ अव्वल तो इनका प्लान था. रिमोट कंट्रोल से फटने वाला बम बनाना. तैयारी कुछ इस कदर थी कि इन लोगों ने 120 अलार्म क्लॉक खरीद रखीं थीं. अगर वो तरीका न चलता तो ये आत्मघाती हमला करना चाहते थे, खुद को उड़ाने के लिए इन्होने सुसाइड वेस्ट बनाने की कोशिश भी की थी. इसके अलावा गिरफ्तार लोगों के पास से पोटेशियम नाइट्रेट, 25 किलो पोटेशियम क्लोरेट, सुगर पेस्ट, सल्फर 150 राउंड गोलियां और कई भड़काऊ किताब भी मिले हैं. साढ़े सात लाख रूपए नगद भी इनके पास से बरामद हुआ है.
कहां से होती है इनकी फंडिंग?
एनआईए ने बताया कि खुद ही पैसे इकट्ठे कर रहे थे. कुछ लोगों के बारे में बताया कि उन्होंने अपने ही घर में चोरी की. अपने घर से सोना चुराया, बाज़ार में बेचा और उससे बम धमाकों का सामान खरीदा. जांच में ये भी पता चला कि विदेश में बैठे एक हैंडलर से भी इन लोगों की बातें हुआ करती थी. वो हैंडलर कौन है? किस देश से है? क्या पाकिस्तानी है, क्या वो भी इनको पैसे भेजता था. ऐसे सवालों के जवाब अभी NIA ने नहीं दिए हैं, इसलिए कयास भी नहीं लगाने चाहिए. जांच पूरी होने का इंतजार करना चाहिए. रहा सवाल ये कि क्या इन्होने दूसरे देश में जाकर आतंकी शिविरों में हमलों के लिए कोई ट्रेनिंग ली है तो जवाब है नहीं! इन्होने लोकल लेवल पर ट्रेनिंग ली है.
गिरफ्तार लोगों के तार विदेश में कहां कहां से जुड़े हैं, अभी इसका पता नहीं चल पाया है.
गिरफ्तार लोगों के तार विदेश में कहां कहां से जुड़े हैं, अभी इसका पता नहीं चल पाया है.

क्या था इनका टारगेट?
ये लोग रक्षा संस्थानों पर हमला करना चाहते थे. भीड़ भरी जगहों पर बम धमाका करना चाहते थे. एनआईए ने बताया कि इनके निशाने पर कई राजनैतिक और दूसरे VIP थे. सुबह से कयास लगाए जा रहे थे कि इनके निशाने पर दिल्ली पुलिस का हेडक्वार्टर और आरएसएस के कई नेता थे, लेकिन एनआईए ने अभी इस अटकलबाज़ी को ये कहकर रोक दिया है कि ये सारी बातें जांच और वेरीफिकेशन के बाद ही दावे से कही जा सकती हैं.
धमाके क्यों करना चाहते थे ये लोग?
अब सवाल उठता है इनका उद्देश्य क्या था? देश में रहकर देश में ही धमाके क्यों करना चाहते थे ये लोग? इसका जवाब साफ़ है, ये लोग ISIS से प्रेरित थे. उसी की तर्ज़ पर काम कर रहे थे. NIA इनके विदेशी हैंडलर के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रही है. इसके बारे में पता चलते ही इनका मोटिव और क्लियर हो जाएगा. फिलहाल NIA ने जो जानकारी दी है उससे तो ये साफ हो जाता है कि ये लोग हाईली रेडीक्लाइज्ड थे.
भारत में ISIS की मौजूदगी के कयास काफी समय से लगाए जाते रहे हैं.
भारत में ISIS की मौजूदगी के कयास काफी समय से लगाए जाते रहे हैं.

ISIS का नाम भारत के लिए चिंता का कारण क्यों है?
सीधी सी बात है, क्योंकि ISIS दुनिया का सबसे खूंखार आतंकी संगठन है. और जाहिरन इसकी नज़र भारत पर लगी हुई है. ख़तरा इस तथ्य से बढ़ता है कि ISIS से जुड़े 100 से ज़्यादा लोग देश में पकड़े गए हैं. इन्हें NIA और अलग-अलग राज्यों की पुलिस ने पकड़ा है. अगर आपको याद हो तो कुछ समय पहले देश में ISIS की HR का बड़ा ज़िक्र हुआ था. यास्मीन मुहम्मद जाहिद नाम था उसका. सऊदी अरब में रहती थी. शादी के बाद उसे केरल के एक स्कूल में टीचर की नौकरी मिली. इसी नौकरी के दौरान उसकी पहचान अब्दुल रशीद अब्दुल्ला से हुई केरल में हो रहे ISIS रिक्रूटमेंट का मास्टरमाइंड था. बाद में यास्मीन पकड़ी गई थी और उसे 7 साल की जेल हुई.  यहां से ये बात जानकारी में आई थी कि ISIS भारत में अपने पांव पसार रहा है और यहां अपने एजेंट्स के जरिए लोगों को ISIS में भर्ती कर रहा है.
आज के खुलासे इसलिए ज़्यादा चौंकाते हैं
क्योंकि ये सांप्रदायिकता के ज़हर से निकले हुए लोग हैं, अभी तक इनके विदेशी कनेक्शंस का पक्का पता नहीं है. इनके दिमाग में ज़हर भरा गया और ये ज़हर इतना फैला कि ये लोगों की जान लेने निकल पड़े. देश की राजधानी में जब महीनों से ऐसे लोग रह रहे हैं, जो बम धमाके करने की एडवांस स्टेज पर हों. तो ये चीज बहुत-बहुत ज़्यादा डराती है. इनके पास से वीडियो निकला, जिसमें इनका सरगना बम बनाने के बारे में बता रहा था. इन लोगों में कॉलेज के बच्चे शामिल हैं, इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे लड़के शामिल हैं. जो लोग हमारी उम्मीदें बन सकते थे, उन्हें धर्म के नाम पर भड़काना और फिदायीन बनने के लिए तैयार करना कितना आसान हो गया है.


 
वीडियो देखें:  मिर्जापुर से प्रेरित ये डॉक्यूमेंट्री आपको हिलाकर रख देगी!

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