The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • NGT Said That The Crackers Ban Will Stay In Action For Now. Anyone Suffered From Pollution Can Ask For Compensation From Magistrate

प्रदूषण से पीड़ित हैं तो मजिस्ट्रेट के यहां जाकर हर्जाना मांगिए, NGT ने आदेश जारी कर दिया है

पटाखों पर बैन को अनिश्चित काल तक बढ़ा दिया है

Advertisement
Img The Lallantop
एनजीटी ने एयर क्वालिटी का डाटा उपलब्ध करवाने के लिए हर जिला मुख्यालय में कम से कम एक एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन की स्थापना करने को भी कहा है. (फोटो - इंडिया टुडे)
pic
मयंक
2 दिसंबर 2020 (Updated: 3 दिसंबर 2020, 05:56 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share
हर रोज़ मिलते कोरोना के नए मरीज़ और प्रदूषण को देखते हुए NGT ने बड़ा फैसला किया है. NGT ने आदेश दिया है कि दिल्ली-एनसीआर समेत देश के उन सभी इलाकों में पटाखों पर लगा बैन अनिश्चित काल तक जारी रहेगा, जहां एयर क्वालिटी ख़राब या खतरनाक स्तर पर है. NGT ने ये भी कहा कि प्रदूषण से पीड़ित व्यक्ति डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के यहां जाकर मुआवजा मांग सकते हैं.

आदेश में क्या कहा है?

नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी NGT ने बुधवार, 2 दिसंबर को जारी अपने आदेश में पटाखों पर बैन को आगे बढ़ा दिया. हालांकि जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की बेंच ने क्रिसमस और न्यू ईयर पर रात को 35 मिनट तक पटाखे चलाने की छूट दे दी है. ये छूट ऐसी जगहों पर रात 11:55 बजे से 12.30 तक मिलेगी, जहां हवा की क्वालिटी मॉडरेट स्तर पर है. खराब और बहुत खराब एयर क्वालिटी वाले इलाकों में पटाखे नहीं चलाए जा सकेंगे. पटाखों पर लगा बैन बढ़ाने के आदेश के बाद अब यहां सार्वजनिक स्थानों, किसी समारोह, या शादी में पटाखों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा. इनकी खरीद-बिक्री पर लगी रोक भी बरकरार रहेगी. दूसरे शब्दों में कहें तो दिल्ली-एनसीआर में पटाखे नहीं चलाए जा सकेंगे, क्योंकि यहां हवा की क्वालिटी काफी खराब है. NGT ने ये भी कहा कि एयर क्वालिटी का डाटा उपलब्ध करवाने के लिए हर जिला मुख्यालय में कम से कम एक एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन की स्थापना की जायेगी. बेंच ने तीन महीने के अंदर ये स्टेशन बनाने के निर्देश दिए हैं. कहा कि ऐसे स्टेशन बनाना ज़्यादा मुश्किल नहीं होता, इस पर ज़्यादा खर्च भी नहीं आता. बता दें कि पिछले महीने दीवाली से पहले NGT ने 9 नवंबर को पटाखों के इस्तेमाल, खरीद-बिक्री और स्टोरेज पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था. ये प्रतिबंध 30 नवंबर तक ही था, जिसे अब आगे बढ़ा दिया गया है.

प्रदूषण से पीड़ित हैं तो मजिस्ट्रेट देंगे कंपनसेशन

पटाखों पर रोक के अलावा NGT ने एक अहम बात ये भी कही कि जो व्यक्ति प्रदूषण की मार से प्रभावित हुए हैं, वो डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के यहां जाकर मुआवजे के लिए अप्लाई कर सकते हैं. प्रदूषण से उन्हें क्या नुकसान हुआ, इसका सबूत देना होगा. उसके आधार पर  कंपनसेशन का आदेश जारी किया जाएगा. NGT ने ये भी कहा कि जो लोग पटाखों पर प्रतिबंध का पालन नहीं करेंगे, उनसे जुर्माना वसूला जाए. इस जुर्माने से हासिल राशि को प्रदूषण से प्रभावित लोगों को मुआवजा देने में इस्तेमाल किया जा सकता है. NGT का कहना था कि अगर 6 महीने तक इस रकम का इस्तेमाल कंपनसेशन में नहीं हो पाता, तो इसे डिस्ट्रिक्ट एनवायरमेंटल कंपनसेशन फंड में ट्रांसफर कर दिया जाएगा. सभी मजिस्ट्रेटों से इस बैन का सख्ती से पालन करवाने और जुर्माना वसूलने को कहा गया है.

Advertisement

Advertisement

()