The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • New York Times gets trolled for calling Pulwama terror attack an explosion

न्यूयॉर्क टाइम्स को पुलवामा अटैक पर अपना ट्वीट डिलीट करना पड़ गया

कुछ ऐसा लिखा था, जो नहीं लिखा जाना चाहिए था. फिर लोगों ने खिंचाई शुरू की.

Advertisement
pic
12 मार्च 2019 (अपडेटेड: 12 मार्च 2019, 08:23 AM IST)
Img The Lallantop
दुनिया के सबसे बड़े अखबारों में गिनती होती है न्यू यॉर्क टाइम्स की. इसने पुलवामा अटैक पर एक ट्वीट किया और खूब ट्रोल हुआ. दाहिनी तरफ वो ट्वीट, बाईं तरफ पुलवामा हमले की फोटो (तस्वीर: रॉयटर्स)
Quick AI Highlights
Click here to view more
अमेरिका का सबसे बड़ा अखबार- न्यू यॉर्क टाइम्स. शॉर्ट में NYT. 11 मार्च को इसने नरेंद्र मोदी, लोकसभा चुनाव और पुलवामा अटैक पर एक स्टोरी की. फिर अपने ट्विटर हैंडल से इस स्टोरी के लिंक के साथ एक ट्वीट किया. इसमें अखबार ने पुलवामा अटैक को अटैक नहीं, एक्सप्लोज़न लिखा था. अटैक मतलब तो होता है हमला. जो कि ये अटैक था भी. एक्सप्लोज़न मतलब हुआ धमाका. अटैक को धमाका कहना मतलब घटना की गंभीरता को कम करना. इसको हमला मानने से इनकार करना. ये हमला था कि नहीं था, इस पर शक करना. कई सारे मतलब निकल सकते हैं इसके. इस बात पर लोगों ने NYT को खूब ट्रोल किया. लोग पूछने लगे. कि बताओ जरा, 9/11 हमला था या बस विमान दुर्घटना हुई थी?
इतनी ट्रोलिंग हुई कि NYT ने अपना वो ट्वीट डिलीट कर दिया. उस स्टोरी की हेडिंग भी बदली. इसमें अटैक को बॉम्बिंग लिखा. 
इस खबर के अंदर लिखा है कि एक समय बेहद मजबूत स्थिति में रहे नरेंद्र मोदी कुछ दिनों पहले कमजोर हालत में लग रहे थे. मगर पुलवामा में हुए 'बम धमाके' और इसके बाद पाकिस्तान के साथ बढ़े तनाव ने उन्हें फायदा पहुंचाया है.
ये है उस ट्वीट का स्क्रीनशॉट.
ये है New York Times के उस ट्वीट का स्क्रीनशॉट.

कितना दोहरापन है ट्रोलिंग अलग बात है. मगर ये सवाल जायज है. क्या NYT 9/11 को प्लेन क्रैश लिख सकता है? नहीं. अमेरिका के लिए ये हमला उनके अस्तित्व पर हमला था. उन्होंने इस अटैक के बाद रिऐक्ट भी ऐसे ही किया. इसके पीछे अल-कायदा का हाथ था. वो छुपा था अफगानिस्तान में. तो अमेरिका ने अफगानिस्तान पर हमला कर दिया. पूरा देश बर्बाद कर दिया. 2001 से 2019 आ गया. मगर अफगानिस्तान की बर्बादी पर फुलस्टॉप नहीं लगा है अब तक. इस अटैक में मारे गए लोगों की कुल संख्या थी 2,996. इनमें हाइजैकर्स भी शामिल थे. अमेरिका के लिए 9/11 बहुत भावुक, बहुत दर्द वाला जिक्र है. होना भी चाहिए. सबको तकलीफ होनी चाहिए निर्दोषों के मरने पर. मगर ये क्या बात हुई. खुद पर आए, तो आतंकवाद पर नो टॉलरेंस. मगर दूसरे देशों की बात हो, तो आतंकवादी हमले को 'ब्लास्ट' कहकर सिंपलीफाई कर दो!
ये अपडेट होने के बाद वाली स्टोरी है. एक्सप्लोज़न को बॉम्बिंग लिख दिया गया है.
ये अपडेट होने के बाद वाली स्टोरी है. एक्सप्लोज़न की जगह बॉम्बिंग लिख दिया गया है.

आतंकी हमले को हमला कहने में क्यों दिक्कत है? पुलवामा हमले में CRPF के 40 जवान मारे गए. इसके बाद भारत ने बालाकोट में एयर स्ट्राइक की. इसमें भारत ने जितने आतंकियों को मारने का दावा किया है, उस पर सवाल उठे हैं. इंटरनैशनल मीडिया ने कई खबरें की हैं इसपर. ये सवाल समझ आते हैं. मगर एक टेरर अटैक को अटैक बोलने में झिझक हो, ये कतई समझ नहीं आता.


बालाकोट स्ट्राइक का एयरफोर्स ने दिया सॉलिड प्रूफ

बालाकोट में आतंकियों के मरने के आंकड़े पर आया पीएम मोदी और राहुल गांधी का जवाब

Advertisement

Advertisement

()