दो आतंकी एनकाउंटर में मारे गए, उनके पास से मिले दो हजार के नए नोट
कहा जा रहा था कि पुरानी करेंसी के जाली नोट आतंकियों को मदद पहुंचा रहे थे. लेकिन अब नए नोट भी.
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फोटो - thelallantop
8 नवंबर को नोटबंदी का ऐलान हुआ. 500 और 1000 के नोट कागज के टुकड़े बनकर रह गए. फैसले को कुछ ने गलत और जल्दबाजी में लिया गया बताया. तो ये भी दलीलें दी गईं कि ये काले धन पर सर्जिकल स्ट्राइक है. जाली नोट पाकिस्तान और नेपाल से आ रहा था. ये जाली नोट आतंकियों को मदद पहुंचा रहा था. खैर ये सच भी है कि आतंकी इसका फायदा उठा रहे थे. मगर ये कहना कि अब आतंकियों को मदद नहीं मिल पायेगी. ये कुछ ज्यादाहोगा. क्योंकि एनकाउंटर में मारे गए आतंकियों से सरकार के जारी किए गए नए गुलाबी नोट मिले हैं.
उत्तरी कश्मीर के बांदीपुरा में सिक्योरिटी फ़ोर्स के साथ मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए हैं. बोनीखान गांव में आतंकवादियों के छिपे होने की खुफिया जानकारी मिली थी. जैसे ही सेना के जवान आतंकवादियों के ठिकाने के पास पहुंचे, आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी. एक सीनियर पुलिस अफसर के मुताबिक मुठभेड़ दोनों आतंकवादियों के मारे जाने तक जारी रही. माना जा रहा है कि दोनों आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे.
हैरानी की बात ये है कि आतंकियों के पास से 2 हजार के चार नए नोट मिले. इसके अलावा उनके पास से 100-100 के नोट भी मिले हैं. आतंकियों के पास से हथियार भी बरामद किए गए हैं.


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