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T Rex डायनासोर के अवशेषों में 'घालामीली' करके लेदर बैग बना डाला, कीमत भयानक है!

Netherland के वैज्ञानिकों ने T.rex के Collagen से लेदर हैंड बैग बनाने का दावा किया है. जिसे राजधानी Amsterdam के Art Zoo Museum में 11 मई 2026 तक रखा जाएगा.

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3 अप्रैल 2026 (अपडेटेड: 3 अप्रैल 2026, 10:35 PM IST)
T rex Collagen Teal Color Hand Bag
डायनासोर के कोलेजन से बना लेदर हैंड बैग. (फोटो- रॉयटर्स/ इंडिया टुडे)
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रोजाना हम लेदर से बनी चीजों का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन क्या किसी ने डायनासोर के अवशेषों से बने लेदर का इस्तेमाल किया है? जवाब नहीं में होगा. लेकिन भविष्य में ऐसा सच हो सकता है. दरअसल, नीदरलैंड के वैज्ञानिकों ने डायनासोर (T. rex ) के अवशेषों से लेदर बैग बनाने का दावा किया है. उन्होंने बताया कि यह लेदर बैग उन्होंने अमेरिका में मिले टायरानोसॉरस रेक्स (डायनासोर की एक प्रजाति) के अवशेषों से प्राप्त कोलेजन (एक तरह का प्रोटीन) की मदद से लैब में बनाया है.

टील रंग (नीले-हरे रंग का कॉम्बिनेशन) से बना यह लेदर हैंड बैग नीदरलैंड की राजधानी एम्स्टर्डम में है. जहां उसे एक आर्ट जू म्यूजियम के अंदर एक पिंजरे में रखा गया है. हैंड बैग की कीमत 4 करोड़ 50 लाख से ज्यादा हो सकती है. लोगों को देखने के लिए इस बैग को म्यूजियम में 11 मई 2026 तक रखा जाएगा. बाद में इसकी नीलामी कर दी जाएगी.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बैग को बनाने में तीन कंपनियों ने साथ काम किया है. जिसमें द ऑर्गेनॉइड, वीएमएल और लैब-ग्रोन लेदर लिमिटेड कंपनियां शामिल हैं. द ऑर्गेनॉइड के CEO थॉमस मिशेल ने इस बैग के बारे में रॉयटर्स से बात की. उन्होंने कहा कि इसे बनाने में बहुत सारी टेक्निकल चैलेंजेज थे.

वैज्ञानिकों ने इस बैग को बनाने की प्रक्रिया पर भी बात की. उन्होंने बताया कि हैंड बैग को बनाने के लिए डायनासोर के अवशेषों से निकाले गए पुराने प्रोटीन के टुकड़ों का इस्तेमाल किया गया है. इन टुकड़ों को बाद में एक अन-आईडेंटिफाईड जानवर की सेल (कोशिका) में डाला गया. जिससे कोलेजन बनाया गया. बाद में इसी कोलेजन को लेदर में बदल दिया गया.

'लैब-ग्रोन लेदर लिमिटेड' की CEO चे कोनन ने भी इस यूनिक लेदर हैंड बैग पर बात की. कोनन बैग की तारीफ करते हुए बताती हैं कि यह लेदर एनवायरमेंट के लिए अच्छा है.

हालांकि, कुछ वैज्ञानिकों ने डायनासोर के कोलेजन से बनने वाले इस लेदर पर “संदेह” जाहिर किया है. एम्स्टर्डम के 'व्रिजे यूनिवर्सिटी' की वैज्ञानिक मेलानी ड्यूरिंग ने इस बैग पर आपत्ति जताई है. मेलानी ने कहा,

“डायनासोर की हड्डियों में कोलेजन सिर्फ टूटे-फूटे टुकड़ों के रूप में ही बचा रह सकता है. इन टुकड़ों का इस्तेमाल करके T. rex (डायनासोर) की स्किन या लेदर को दोबारा नहीं बनाया जा सकता.”

वहीं, मैरीलैंड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक थॉमस आर. होल्ट्ज जूनियर ने भी इस बैग पर टिप्पणी की है. उन्होंने कहा, 

“T. rex के अवशेषों में जो भी कोलेजन मिलता है, वह हड्डियों के अंदर से मिलता है, न कि त्वचा से. भले ही प्रोटीन पूरी तरह से मैच करता हो, लेकिन उनमें बड़ी मात्रा में फाइबर का वो ढांचा मौजूद नहीं होगा, जो जानवरों के लेदर को उसकी खास पहचान देता है.”

इन वैज्ञानिकों की टिप्पणी पर द ऑर्गेनॉइड के CEO थॉमस मिशेल का भी जवाब आया. उन्होंने कहा कि जब आप पहली बार कुछ नया करते हैं, तो हमेशा उसकी आलोचना होती है. उन्होंने आगे कहा कि वो इस आलोचना के 'शुक्रगुजार' हैं. 

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