ओली तो बहुत बुरा हारे, नेपाल के बाकी पूर्व प्रधानमंत्रियों का चुनाव में क्या हुआ?
Nepal Election Result: बीती 5 मार्च को हुए नेपाल के आम चुनाव में तीन पूर्व प्रधानमंत्रियों ने ताल ठोकी थी. इनमें केपी शर्मा ओली, पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' और माधव कुमार नेपाल शामिल हैं.
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नेपाल में 2025 के जेन-जी विद्रोह के बाद हुए चुनावों के नतीजों में बालेन शाह के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी को बड़ी लीड मिल रही है. तकरीबन तय लग रहा है कि काठमांडु के मेयर रहे बालेन शाह नेपाल के अगले प्रधानमंत्री होंगे. इस बीच लोगों की दिलचस्पी ये जानने मेें भी है कि नेपाल के पिछले प्रधानमंत्रियों का क्या हुआ? कितने चुनाव लड़े और कितने नहीं लड़े? जो लड़े, उनका जनता की अदालत में क्या फैसला हुआ?
बीती 5 मार्च को हुए नेपाल के आम चुनाव में तीन पूर्व प्रधानमंत्रियों ने ताल ठोकी थी. इनमें केपी शर्मा ओली, पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' और माधव कुमार नेपाल शामिल हैं. ओली झापा-5 सीट से, प्रचंड रुकुम पूर्व से और माधव नेपाल रौतहट-1 सीट से चुनाव लड़े.
एक और पूर्व प्रधानमंत्री और प्रगतिशील लोकतांत्रिक पार्टी के नेता डॉ. बाबूराम भट्टराई ने पहले गोरखा-2 से अपनी उम्मीदवारी दाखिल की थी, लेकिन बाद में उन्होंने इसे वापस ले लिया. इनके अलावा दो अन्य पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और झालानाथ खनाल इस बार चुनाव नहीं लड़े. 7 बार चुनाव जीतने वाले देउबा को तो पार्टी से टिकट ही नहीं मिला. वहीं, खनाल ने खुद फैसला किया कि वो चुनाव नहीं लड़ेंगे.
अब आते हैं, जिन लोगों ने चुनाव लड़ा उनके हाल पर.
केपी शर्मा ओलीसबसे पहले बात करते हैं उस पूर्व प्रधानमंत्री की जिसे जेन-जी विद्रोह ने कुर्सी से उतार दिया था. खड्ग प्रसाद शर्मा उर्फ केपी शर्मा ओली झापा-5 सीट से चुनाव लड़ रहे थे. यह सीट नेपाल चुनाव की सबसे हॉट सीट थी. क्योंकि सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली को खुली चुनौती देते हुए राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के पीएम उम्मीदवार बालेन शाह ने उनके खिलाफ पर्चा भर दिया था. इस चुनाव में ओली को बुरी तरह से हार मिली. 7 मार्च को आए नतीजों में 4 बार के प्रधानमंत्री रहे केपी शर्मा ओली को सिर्फ 18 हजार 734 वोट मिले. 68,348 वोट पाकर बालेन शाह ने पूर्व पीएम को 49,614 वोटों से करारी शिकस्त दे दी.
पुष्प कमल दहल प्रचंडदूसरे पूर्व प्रधानमंत्री हैं पुष्प कमल दहल प्रचंड. गणतंत्र नेपाल के पहले प्रधानमंत्री प्रचंड रुकुम पूर्व-1 सीट से नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार थे. 7 मार्च 2026 को घोषित नतीजों में प्रचंड 6 हजार 778 वोटों से चुनाव जीत गए. उन्हें 10 हजार 240 वोट मिले. सीपीएन-यूएमएल के लीलामनी गौतम को कुल 3 हजार 462 वोट मिले और वह दूसरे स्थान पर रहे.
प्रचंड नेपाल के तीन बार प्रधानमंत्री रहे हैं. पहली बार वह 2008 में, फिर 2016 में और तीसरी बार 25 दिसंबर 2022 को प्रचंड प्रधानमंत्री बने. इससे पहले उन्होंने नेपाल में 10 साल तक चले ‘जनयुद्ध’ का नेतृत्व किया, जिसका टारगेट राजशाही को समाप्त करना था.
माधव कुमार नेपालअब बात करते हैं उस पूर्व प्रधानमंत्री की जिसके नाम में ही नेपाल लगा है. नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (यूनिफाइड सोशलिस्ट) के नेता माधव कुमार नेपाल साल 2009 से 2011 तक प्रधानमंत्री रहे. इस बार के चुनाव में वह रौतहट-1 निर्वाचन क्षेत्र से खड़े थे. 7 मार्च को घोषित नतीजे में उन्हें बुरी तरह हार मिली है. चुनाव में उन्हें तीसरा स्थान भी नहीं मिला. सिर्फ 7 हजार 669 वोट पाकर वह चौथे स्थान पर खिसक गए. इस सीट से राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के राजेश कुमार चौधरी को जीत मिली. उन्हें कुल 28 हजार 946 वोट मिले. उन्होंने सीपीएन-यूएमएल के अजय कुमार गुप्ता को तकरीबन 18 हजार वोटों के अंतर से हराया. अजय को 10 हजार 693 वोट मिले.
नेपाल चुनाव के नतीजेबता दें कि नेपाल चुनाव में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें मिलती दिख रही हैं. काठमांडु पोस्ट के मुताबिक, 68 सीटों पर तो उसे जीत मिल गई है. 54 सीटों पर पार्टी आगे चल रही है. नेपाली कांग्रेस दूसरे नंबर पर जिसे 10 सीटों पर जीत मिली है. 9 सीटों पर वह आगे है. सीपीएन-यूएमएल को कुल 11 सीटें मिलने की संभावना है. इसमें से 4 पर वह जीत गई है. 7 पर आगे है. नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी को कुल 8 सीटों पर बढ़त मिली है. राष्ट्रीय प्रजातंत्र नाम की पार्टी के खाते में सिर्फ एक सीट आई है.
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