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NEET UG का पेपर लीक हुआ, लेकिन रीटेस्ट नहीं होगा, सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला

NEET UG 2024 परीक्षा लीक मामले में Supreme Court ने फैसला सुनाते हुए कहा कि दोबारा परीक्षा कराए जाने की जरूरत नहीं है. जानें कोर्ट ने इसकी क्या वजह दी है.

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23 जुलाई 2024 (अपडेटेड: 23 जुलाई 2024, 06:05 PM IST)
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NEET परीक्षा पर सुप्रीम कोर्ट का रिजल्ट आया. (PTI)
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NEET UG 2024 की परीक्षा दोबारा नहीं कराई जाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने नीट पेपर लीक मामले में ये फैसला सुनाया है (Supreme court verdict on NEET leak). कोर्ट ने साफ कहा कि परीक्षा रद्द नहीं होगी. चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने फैसला देते हुए कहा कि दोनों पक्षों को सुनकर ये साफ होता है कि परीक्षा की शुचिता (Sanctity) भंग ‘नहीं’ हुई है इसलिए दोबारा परीक्षा कराए जाने की जरूरत नहीं है.

इससे पहले मामले में हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार कहा था कि परीक्षा की शुचिता का उल्लंघन साबित होने पर ही रीटेस्ट का आदेश दिया जाएगा.

मंगलवार, 23 जुलाई को CJI चंद्रचूड़ ने अपने फैसले में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं को रेखांकित किया है. इन बिंदुओं पर एक नज़र डालते हैं.

1.  इस बात में कोई संदेह नहीं है कि NEET UG 2024 परीक्षा लीक हुई है.

2. केस CBI को ट्रांसफर किया गया. कुल 6 केस दर्ज किए. अब तक की जांच के मुताबिक पटना और हजारीबाग के अलग-अलग एग्ज़ाम सेंटर्स पर कुल 155 छात्रों को पेपर लीक का फायदा मिला.

3. अभी तक ऐसा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया है जिससे यह निष्कर्ष निकाला जा सके कि परीक्षा के परिणाम में गड़बड़ी हुई है या परीक्षा की शुचिता भंग हुई है. कोर्ट के रिकॉर्ड में आया अब तक का डेटा पेपर के सिस्टमेटिक लीक होने का संकेत नहीं देता है जिससे लगे कि परीक्षा की पवित्रता नष्ट हुई है.

यह भी पढ़ेंं: क्या है NEET परीक्षा का सवाल नंबर 19, जिसके जवाब के लिए SC को IIT की कमेटी बनानी पड़ी!

4. कोर्ट यह स्पष्ट करता है कि अगर जांच में लीक का फायदा उठाने वालों की संख्या में बढ़ोतरी का पता चलता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

5. कोर्ट इस तथ्य से अवगत है कि नए सिरे से NEET UG का निर्देश देने से परीक्षा में शामिल होने वाले 2O लाख छात्रों पर गंभीर असर होगा. जिनमें मेडिकल कोर्स में एडमिशन लेने की पूरी प्रकिया बिगड़ जाएगी. दूसरा, पूरी मेडिकल एजुकेशन के कोर्सेज़ पर असर पड़ेगा. भविष्य में मेडिकल प्रोफेश्नल्स की उपलब्धता प्रभावित होगी. और समाज में हाशिए के छात्रों के लिए गंभीर नुकसान हो सकता है.

6. रीनीट या पूरी नीट यूजी 2024 परीक्षा को रद्द करने का आदेश देना उचित नहीं होगा.

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