The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • NCPCR notice to Bournvita withdraw misleading ads, packaging labels influencer video

Bournvita को कड़ा नोटिस, NCPCR ने गंभीर आरोप लगाए

बॉर्नविटा बनाने वाली कैडबरी अब क्या करेगी?

Advertisement
NCPCR asks Bournvita to withdraw misleading ads, packaging labels
बॉर्नविटा को NCPCR ने क्या निर्देश दिया? (ट्विटर फोटो)
pic
पुनीत त्रिपाठी
26 अप्रैल 2023 (अपडेटेड: 26 अप्रैल 2023, 12:02 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने बॉर्नविटा (Bournvita) बनाने वाली कंपनी मोंडेलेज़ इंटरनेशनल इंडिया को आदेश दिया है कि वो इस मिल्क सप्लीमेंट से संबंधित सभी ‘भ्रामक’ विज्ञापनों, पैकेजिंग और लेबल को वापस ले और इनकी समीक्षा करे. बॉर्नविटा पहले से ही चर्चा में है. दूध में मिलाकर पिए जाने वाले इस उत्पाद को लेकर विवाद शुरु हुआ एक वीडियो से. खुद को न्यूट्रिशनिस्ट बताने वाले रेवंत हिमतसिंगका नाम के शख्स ने ये वीडियो बनाया था. उन्होंने बॉर्नविटा के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली शुगर की मात्रा को लेकर जानकारी दी थी जिसके बाद मोंडेलेज ने रेवंत को मानहानि नोटिस भेजा था.

नोटिस में क्या है?

लेकिन अब NCPCR ने इस मामले में मोंडेलेज़ को नोटिस भेजा है. आयोग ने कंपनी से कहा है कि वो सात दिनों में NCPCR के पैनल को मामले की विस्तृत जानकारी दे. दरअसल NCPCR को एक शिकायत मिली थी जिसमें आरोप लगाया गया कि बॉर्नविटा खुद को बच्चों की वृद्धि और विकास में सुधार करने वाले 'हेल्थ ड्रिंक' के रूप में प्रचारित करता है, लेकिन इसमें चीनी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. शिकायत में कहा गया कि इस उत्पाद में और भी ऐसे पदार्थ होते हैं, जिनसे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ सकता है.

इसके बाद नोटिस जारी कर NCPCR ने कहा कि भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण (FSSAI) का नियम कहता है कि अगर कोई कंपनी अपने प्रोडक्ट में 100 ग्राम या मिलीलीटर में 10 ग्राम से ज्यादा शूगर एड करती है, तो उसे लेबलिंग और डिसप्ले में लाल रंग से कोडिंग किया जाना चाहिए. नोटिस में NCPCR ने कंपनी के लिए और भी बहुत कुछ कहा है, 

  • आयोग ने इस संबंध में पाया है कि आपकी कंपनी द्वारा बनाया गया प्रोडक्ट अपने उत्पादों की पैकेजिंग और विज्ञापनों के माध्यम से ग्राहकों को गुमराह कर रहा है. आयोग के अनुसार आपके उत्पाद की लेबलिंग, पैकेजिंग, प्रदर्शन और विज्ञापनों के दावे आम जनता को गुमराह करने वाले हैं.
  • FSSAI के मानकों के मुताबिक जब प्रोडक्ट का लाभ भोजन तैयार करने की विधि से संबंधित या उस पर निर्भर होता है, तब इसकी जानकारी प्रोडक्ट के लेबल पर दी जानी चाहिए. अपने दावों में कंपनी को ये भी बताना चाहिए कि लाभ पाने के लिए कितनी बार उस प्रोडक्ट को खाना होगा. आयोग ने देखा कि आपका प्रोडक्ट इन विनियमों का पालन नहीं करता है.
  • आयोग यह भी मानता है कि आप बच्चों पर इस प्रोडक्ट के उपभोग में हानिकारक प्रभाव की कोई जानकारी नहीं देते हैं. ये नियमों का उल्लंघन है. 
  • आपने किसी मान्यता प्राप्त निकाय द्वारा पर्याप्त रूप से और वैज्ञानिक रूप से प्रमाण किए बिना स्वास्थ्य या पोषण संबंधी दावे किए. 
  • आयोग आपको ये जानकारी भी देता है कि इन सभी आरोपों को देखते हुए आयोग ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण के मुख्य आयुक्त को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए भी लिखा है.
Image embed
क्या है पूरा मामला?

बीती 1 अप्रैल को रेवंत हिमतसिंगका ने बॉर्नविटा पर एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया, जो तेज़ी से वायरल हो गया. एक मिनट के वीडियो में रेवंत ने बॉर्नविटा में शुगर की मात्रा पर सवाल उठाए थे. उनका दावा था कि बॉर्नविटा में भारी मात्रा में शुगर है. रेवंत ने ये भी कहा था कि बॉर्नविटा में कैंसरकारी रंग भी मिलाए जाते हैं. उन्होंने कहा था कि बॉर्नविटा को अपनी टैगलाइन 'तैयारी जीत की' से बदलकर 'तैयारी डायबिटीज की' कर लेनी चाहिए. चूंकि बॉर्नविटा बच्चों के लिए हेल्दी ड्रिंक बताकर बेचा जाता है, इसलिए रेवंत के दावे के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई.

कैडबरी का जवाब

मोंडेलेज़ का एक और सब-ब्रैंड कैडबरी बॉर्नविटा बनाती है. उसने रेवंत के खिलाफ लीगल नोटिस जारी किया. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने बयान जारी करते हुए कहा था,

Image embed

कंपनी ने कहा कि उसे बीते 7 दशकों से ग्राहकों का प्यार मिल रहा है. कैडबरी ने दावा किया कि बॉर्नविटा में विटामिन A, C, D, आयरन, जिंक, कॉपर और सेलेनियम न्यूट्रिएंट्स हैं, जो इम्युनिटी बढ़ाते हैं. वहीं रोजमर्रा के इस्तेमाल के हिसाब से शुगर की मात्रा भी काफी कम है. उसके मुताबिक,

Image embed

कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि बॉर्नविटा का फॉर्मूलेशन न्यूट्रिशनिस्ट और फूड साइंटिस्ट की एक टीम द्वारा बेहतर तरीके से "स्वाद और स्वास्थ्य" प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है. कंपनी ने ये भी कहा,

Image embed

रेवंत ने वीडियो डिलीट किया

कंपनी से नोटिस मिलने के बाद रेवंत ने वो वीडियो डिलीट कर दिया. 

Image embed

उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर बयान जारी करते हुए लिखा,

Image embed

वीडियो डिलीट होने तक उसको 1.20 करोड़ व्यूज मिल चुके थे. हालांकि, वो अभी भी सोशल मीडिया पर कई दूसरे अकाउंट्स के जरिए मौजूद है. यानी मामला शांत नहीं हुआ है.

वीडियो: इंस्टा इंफ्लूएंसर ने बॉर्नविटा में केमिकल्स का दावा किया, कंपनी ने वीडियो डिलीट करवा दिया

Advertisement

Advertisement

()