काबुल में सियासी नाश्ता करने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी शुक्रवार को लाहौर पहंचलिए. नवाज शरीफ के हैप्पी बर्थडे और नातिन की मेंहदी पर बधाई देने के लिए. परसावधान इंडिया के पेट में कुलबुली उठती है कि अरे मुलाकात में कुछ बात भी हुई यानहीं. हां तो जानिए लीजिए. 25 दिसंबर के दूसरे बर्थडे बॉय अटल बिहारी वाजपेयी केबारे में शरीफ मोदी ने खूब बातें की. द इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, दोनोंदेशों के प्रधानमंत्रियों ने किसी बड़े मुद्दे पर कोई बात नहीं की. बस हल्की फुल्कीबातें की. पर सबसे ज्यादा बात हुई अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में. बेसिकली सेंट्रलआइडिया ये था कि ऊंचे लोगों की हर मीटिंग से कोई काम की बात निकल जाए, ये जरूरी तोनहीं. कैसे मामला हुआ सेट? अफगान संसद का उद्घाटन करने से पहले का वक्त. फोन परबातचीत. मोदी: हेलो. हैप्पी बर्थडे नवाज भाई. मैं आज पाकिस्तान के ऊपर से उड़ते हुएइंडिया जाऊंगा. शरीफ: शुक्रिया. मैं लाहौर में हूं. मोदी: अरे लाहौर में क्या कररहे हैं. शरीफ: नातिन की शादी है. आज (शुक्रवार) मेंहदी सेरेमनी है. मोदी: मैं आपकोपर्सनली मिलकर बधाई दूंगा. आ गले लग जा... मोदी ने इंडिया लौटकर नवाज की खूब तारीफकी. बोले- स्वागत से टच हो गया मैं. अटलजी के बारे में कई बातें हईं. शरीफ ने अटलके साथ अपने किस्से बताए. शरीफ ने अटल जी को सलाम बोलने के लिए कहा. नवाज का बर्थडेऔर नातिन की शादी के प्रोग्राम से मेरी खुशियां डबल हो गईं हैं. याद रहे कि मोदी सेपहले अटल बिहारी वाजपेयी साल 2004 में पाकिस्तान गए थे. पहले से फिक्स थी मीटिंग?1. टेलीग्राफ की खबर के मुताबिक, 25 दिसंबर को दिल्ली में क्रिसमस पार्टी में आनेके लिए मोदी ने पहले ही मना कर दिया था. 2. बीते कुछ दिनों से नवाज शरीफ ने अपनेलोगों को इंडिया के खिलाफ कुछ भी बोलने से साफ इंकार किया था. 3. पाकिस्तान हाईकमिश्नर अब्दुल बासित बीते एक हफ्ते से इंडिया में नहीं, पाक में थे. 4. बिजनेसमैनसज्जन जिंदल भी लाहौर में थे. माना जा रहा है कि दोनों की मीटिंग कराने में इनकाहाथ था. ये वो 4 लॉजिक हैं. जिनकी वजह से ये माना जा रहा है कि दोनों की मीटिंगपहले से तय थी.