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रार मिटी! शरीफ-मोदी मुलाकात में होती रही अटल की बात

लाहौर में क्या कर रहे हैं शरीफ, रुको मैं आता हूं मिलने, बधाई देने: मोदी

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विकास टिनटिन
26 दिसंबर 2015 (अपडेटेड: 26 दिसंबर 2015, 01:15 PM IST)
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काबुल में सियासी नाश्ता करने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी शुक्रवार को लाहौर पहंच लिए. नवाज शरीफ के हैप्पी बर्थडे और नातिन की मेंहदी पर बधाई देने के लिए. पर सावधान इंडिया के पेट में कुलबुली उठती है कि अरे मुलाकात में कुछ बात भी हुई या नहीं. हां तो जानिए लीजिए. 25 दिसंबर के दूसरे बर्थडे बॉय अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में शरीफ मोदी ने खूब बातें की. द इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने किसी बड़े मुद्दे पर कोई बात नहीं की. बस हल्की फुल्की बातें की. पर सबसे ज्यादा बात हुई अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में. बेसिकली सेंट्रल आइडिया ये था कि ऊंचे लोगों की हर मीटिंग से कोई काम की बात निकल जाए, ये जरूरी तो नहीं. कैसे मामला हुआ सेट? अफगान संसद का उद्घाटन करने से पहले का वक्त. फोन पर बातचीत.
मोदी: हेलो. हैप्पी बर्थडे नवाज भाई. मैं आज पाकिस्तान के ऊपर से उड़ते हुए इंडिया जाऊंगा. शरीफ: शुक्रिया. मैं लाहौर में हूं. मोदी: अरे लाहौर में क्या कर रहे हैं. शरीफ: नातिन की शादी है. आज (शुक्रवार) मेंहदी सेरेमनी है. मोदी: मैं आपको पर्सनली मिलकर बधाई दूंगा.
आ गले लग जा...
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मोदी ने इंडिया लौटकर नवाज की खूब तारीफ की. बोले- स्वागत से टच हो गया मैं. अटलजी के बारे में कई बातें हईं. शरीफ ने अटल के साथ अपने किस्से बताए. शरीफ ने अटल जी को सलाम बोलने के लिए कहा. नवाज का बर्थडे और नातिन की शादी के प्रोग्राम से मेरी खुशियां डबल हो गईं हैं. याद रहे कि मोदी से पहले अटल बिहारी वाजपेयी साल 2004 में पाकिस्तान गए थे. पहले से फिक्स थी मीटिंग? 1. टेलीग्राफ की खबर के मुताबिक, 25 दिसंबर को दिल्ली में क्रिसमस पार्टी में आने के लिए मोदी ने पहले ही मना कर दिया था. 2. बीते कुछ दिनों से नवाज शरीफ ने अपने लोगों को इंडिया के खिलाफ कुछ भी बोलने से साफ इंकार किया था. 3. पाकिस्तान हाई कमिश्नर अब्दुल बासित बीते एक हफ्ते से इंडिया में नहीं, पाक में थे. 4. बिजनेसमैन सज्जन जिंदल भी लाहौर में थे. माना जा रहा है कि दोनों की मीटिंग कराने में इनका हाथ था. ये वो 4 लॉजिक हैं. जिनकी वजह से ये माना जा रहा है कि दोनों की मीटिंग पहले से तय थी.

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