समीर वानखेड़े ने निकाह करने की क्या वजह बताई?
नवाब मलिक ने समीर वानखेड़े की पहली शादी का निकाहनामा शेयर किया था.
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(बाएं) समीर वानखेड़े और शबाना कुरैशी की शादी की तस्वीर. (दाएं) शादी का मैरिज सर्टिफिकेट. दोनों तस्वीरें नवाब मलिक के ट्विटर अकाउंस से ली गई हैं.
इब्तिदा-ए-इश्क़ है रोता है क्या
आगे-आगे देखिए होता है क्या
उर्दू के अजीम शायर मीर तकी मीर का शेर है. महाराष्ट्र के कैबिनेट मिनिस्टर नवाब मलिक ने 26 अक्तूबर की रात को ये शेर ट्वीट किया और अगली सुबह के लिए लोगों के भीतर कौतुहल मचा दी. क्योंकि पिछले कई दिनों से वे मुंबई क्रूज ड्रग्स केस की जांच कर रहे NCB के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े पर व्यक्तिगत हमले करने की वजह से चर्चा में हैं. समीर वानखेड़े का निकाहनामा शेयर किया बुधवार 27 अक्टूबर को नवाब मलिक ने ट्विटर पर एक निकाहनामा की तस्वीर शेयर की. दावा किया कि ये समीर 'दाऊद' वानखेडे़ और उनकी पहली पत्नी शबाना कुरैशी का निकाहनामा है. उन्होंने लिखा,'ये समीर दाऊद वानखेड़े और डॉक्टर शबाना कुरैशी की पहली शादी का निकाह नामा है.’
इसके बाद उन्होंने एक अन्य ट्वीट में तंज कसते हुए एक और तस्वीर शेयर की. ये समीर वानखेड़े और शबाना कुरैशी के निकाह की तस्वीर थी. इस पर एनसीपी नेता ने कहा,This is the 'Nikah Nama' of the first marriage of 'Sameer Dawood Wankhede' with Dr. Shabana Quraishi pic.twitter.com/n72SxHyGxe
— Nawab Malik نواب ملک नवाब मलिक (@nawabmalikncp) October 27, 2021
‘स्वीट कपल समीर दाऊद वानखेड़े और डॉक्टर शबाना कुरैशी का फोटो.’
Photo of a Sweet Couple Sameer Dawood Wankhede and Dr. Shabana Qureshi pic.twitter.com/kcWAHgagQy — Nawab Malik نواب ملک नवाब मलिक (@nawabmalikncp) October 27, 2021एनसीबी के जोनल डायरेक्टर के खिलाफ नए इल्जाम लगाने के बाद नवाब मलिक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने कहा,
"मैं जो समीर दाऊद वानखेड़े को एक्सपोज कर रहा हूं, उसमें उनके रिलिजन को लेकर कोई टिप्पणी नहीं है. मैं ऐसा इसलिए कर रहा हूं, क्योंकि समीर ने धांधली से कास्ट सर्टिफिकेट बनवाया जिससे वे सरकारी नौकरी पा सके. वैसा ही हुआ. इंडियन रेवेन्यू सर्विस में कास्ट के बदौलत ही उनका चयन हुआ. जिसके चलते एक दलित और पिछड़े वर्ग के उपयुक्त छात्र का चयन नहीं हुआ होगा. उसके हक को समीर वानखेड़े ने छीन लिया. जो गलत है."एनसीपी नेता ने आगे कहा,
"अगर मेरे द्वारा शेयर किया गया कास्ट सर्टिफिकेट गलत है तो समीर सही सर्टिफिकेट शेयर क्यों नहीं करते? मैंने जो भी सर्टिफिकेट शेयर किए वो BMC के ऑफिशियल डॉक्यूमेंट्स है. हमारे कानून में ऐसा है कि जब व्यक्ति एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन करता है तो उसको उस धर्म से मिल रहे लाभ का भी त्याग करना होता है. मेरा काम है कि अगर कोई आंख पर पट्टी बांध ले, तो उसको खोलना मेरा फर्ज़ है."क्या है निकाहनामे में? निकाहनामे के मुताबिक समीर वानखेड़े और डॉ. शबाना कुरैशी की शादी की तारीख थी 7 दिसंबर 2006. उस दिन रात को करीब 8 बजे अंधेरी, मुंबई के लोखंडवाला इलाके में दोनों का विवाह संपन्न हुआ. दस्तावेज़ पर दोनों के हस्ताक्षर भी हैं. निकाहनामे के मुताबिक मेहर के 33 हजार रुपए भी अदा किए गए थे. साथ ही निकाह के विटनेस के तौर पर समीर वानखेड़े की बहन यास्मीन के पति के हस्ताक्षर भी हैं. इसमें उनका नाम 'अजीज खान' लिखा हुआ है. निकाह कराने वाले काज़ी ने क्या कहा? नवाब मलिक के ट्वीट के बाद वो काजी भी सामने आए जिन्होंने समीर वानखेड़े और शबाना कुरैशी का निकाह कराया था. इन काजी का नाम है मुजम्मिल अहमद. उन्होंने निकाहनामे को सही ठहराते हुए समीर वानखेड़े और उनके परिवार को मुसलमान बताया. उन्होंने कहा,
"निकाहनामा सही है. इस पर मेरा दस्तखत भी मौजूद है. निकाह के वक्त समीर और उनके परिवार के सभी लोग मुसलमान ही थे. अगर समीर मुस्लिम नहीं होते तो ये निकाह होना संभव ही नहीं था."काज़ी मुजम्मिल अहमद ने दावा किया कि उन्होंने ही इस शादी की सारी तैयारियां करवाई थीं औ 15 मिनट में ही पूरा निकाहनामा पढ़ दिया था. उन्होंने ये भी कहा,
"ये शादी पूरे इस्लामिक रिवाज के तहत की गई थी. मुझे अगर पता होता कि समीर एक हिंदू है तो मैं ये शादी कभी नहीं करवाता. ये शरिया के खिलाफ है और ये शादी अमान्य हो जाती."समीर वानखेड़े ने फिर सफाई दी नवाब मलिक के इन ट्वीट्स के बाद एक बार फिर समीर वानखेड़े ने सफाई दी. इसमें उन्होंने कहा,
"मैं जन्म से हिन्दू हूं. एक दलित परिवार से आता हूं. मैंने कभी धर्म नहीं बदला. भारत सेक्युलर देश है. मुझे इस पर अभिमान है. मेरे पिता हिन्दू हैं और मां मुस्लिम थीं. मैं दोनों से प्यार करता हूं. मेरी मां मुस्लिम थीं और वो चाहती थीं कि मैं मुस्लिम रिवाज से शादी करूं. इसलिए मैंने मां की खुशी के लिए निकाह किया, लेकिन उसी महीने मैंने स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी रजिस्टर करवाई. क्योंकि जब दो अलग धर्मों के लोग शादी करते हैं तो उसे स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत रजिस्टर किया जाता है. इसमें धर्म नहीं बदलता. बाद में कानूनी तौर पर तलाक भी हुआ है. अगर मैंने कोई धर्म बदला है तो नवाब मलिक उसका सर्टिफिकेट दिखाएं."समीर के पिता क्या बोले? नवाब मलिक के आरोपों पर पहले समीर वानखेड़े सफाई दे रहे थे. बाद में उनकी दूसरी पत्नी क्रांति रेडकर और पिता ज्ञानदेव वानखेड़े भी सामने आए. एनसीपी नेता के नए दावे के बाद ज्ञानदेव वानखेड़े ने कहा,
"नवाब मलिक हमारी निजी जिंदगी पर हमला कर रहे हैं. इसी तरह से अगर वो हमें टारगेट करते रहेंगे तो हम उनके खिलाफ मानहानि का केस करेंगे. हम कोर्ट जाएंगे. जब से उनके दामाद को ड्रग के केस में अरेस्ट किया गया था, तब से वो हमारे परिवार को टारगेट कर रहे हैं. यहां तक कि बात हमारी जान पर बन आई है. नवाब मलिक एक पहुंचा हुआ व्यक्ति है और वो रावण की तरह ही है. जिसके 10 हाथ हैं, 10 मुंह हैं, अनगिनत पैसे हैं. नवाब मलिक कुछ भी कर सकते है. हम सब, यहां तक कि मेरे पूर्वज भी हिंदू थे. मैं एक दलित हिंदू हूं, मेरा बेटा मुसलमान कैसे हो सकता है? मेरी पत्नी मुस्लिम थीं."पत्नी ने भी रखी बात वहीं इस पूरे विवाद के बीच समीर की दूसरी पत्नी क्रांति रेडकर भी मीडिया के सामने आईं. ANI से बात करते हुए उन्होंने कहा,
"जो सच है हमने उसको सच बोला. लेकिन जो झूठ है, जिसे नवाब मलिक हमारे माथे मढ़ रहें है, हम लोग उस चीज को सहन नहीं कर सकते. समीर वानखेड़े हिंदू हैं, जिसके कारण उनको स्पेशल मैरिज ऐक्ट के तहत शादी करनी पड़ती और वो समीर ने की. लीगल डॉक्यूमेंट्स हैं हमारे पास. जिस पर लिखा है कि दो बालिग लोग शादी कर रहे हैं और दोनों के रिलिजन अलग-अलग हैं. उस पेपर पर दोनों के दस्तखत हैं. तो इसमें फर्जीवाड़ा कहां हुआ? ये साफ-साफ लिखा हुआ है इस पेपर पर कि समीर हिंदू हैं."क्रांति ने कहा कि उन्हें नहीं लगता किसी को फंसाने कि बात निकल रही है. उनके मुताबिक समीर ने कभी भी अपनी जाति या रिलिजन के बारे में झूठ नहीं बोला है और इस पूरे विवाद से सबसे उभर कर निकलेंगे.
(ये स्टोरी हमारे यहां इंटर्नशिप कर रहीं अश्विनी ने लिखी है.)

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