संसद में कई बार मोदी सरकार की मदद करने वाली BJD ने दिया झटका, इस बिल पर सपोर्ट से साफ इनकार
Odisha के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की पार्टी मुस्लिमों से जुड़े एक बिल में बदलाव का विरोध करेगी. इससे पहले सदन में तटस्थ रुख रखने वाली नवीन पटनायक की पार्टी कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पास कराने में मोदी सरकार की मदद कर चुकी है.

ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल के अध्यक्ष नवीन पटनायक (Naveen Patnaik) ने 6 सितंबर को बताया कि उनकी पार्टी वक्फ एक्ट (Waqf Act) में बदलाव का विरोध करेगी. नवीन पटनायक पार्टी मुख्यालय में आयोजित अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की बैठक में बोल रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय में इस एक्ट से असुरक्षा की भावना है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, वक्फ संशोधन बिल के तहत वक्फ एक्ट-1995 में कई बदलाव प्रस्तावित हैं. इसमें केंद्रीय वक्फ परिषद और राज्यों के वक्फ बोर्ड में महिलाओं को शामिल करने का प्रावधान है. मौजूदा कानून की धारा-9 और 14 में बदलाव करके परिषद में महिलाओं को शामिल किया जाएगा. इसके अलावा, वक्फ बोर्ड के मैनेजमेंट में दो गैर-मुस्लिम विशेषज्ञों को शामिल किए जाने का भी प्रावधान किए जाने की बात की जा रही है. यह विधेयक अब संसदीय संयुक्त समिति (JPC) को सौंप दिया गया है.
BJD के पास लोकसभा में एक भी सांसद नहीं है. वहीं पार्टी के राज्यसभा में 8 सांसद हैं. राज्यसभा में अभी कुल 237 सांसद हैं. जिनमें BJP के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के पास 119 सांसद हैं. सदन में तटस्थ रुख रखने वाली नवीन पटनायक की पार्टी कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पास कराने में मोदी सरकार की मदद कर चुकी है.
हालांकि 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में BJP से दोहरी हार झेलने के बाद BJD के रुख में बदलाव आया है. इन चुनाव परिणामों के तुरंत बाद नवीन पटनायक ने बताया कि उनकी पार्टी अब BJP को 'मुद्दा आधारित समर्थन' देना बंद करेगी. और संसद में एक मजबूत विपक्ष की भूमिका का निर्वाह करेगी. नवीन पटनायक की इस घोषणा के बाद से BJD विपक्ष के करीब जाती नजर आ रही है.
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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक ओडिशा में 2.17 फीसदी मुस्लिम आबादी है. BJD से जुड़े सूत्रों के मुताबिक वक्फ संशोधन बिल का विरोध करने के पीछे नवीन पटनायक का उद्देश्य अपनी सेकुलर इमेज को बनाए रखना है. उन्होंने आगे बताया कि ओडिशा में नवीन पटनायक के मुख्यमंत्री रहते हमेशा सांप्रदायिक सद्भाव बना रहा. उन्होंने राज्य में सभी धर्मों का ख्याल रखा. और अब विपक्ष में होने के बावजूद नवीन पटनायक ने यह मैसेज देने की कोशिश की है कि वे सभी धर्मों के साथ खड़े हैं.
वीडियो: आख़िरकार नवीन पटनायक ने उत्तराधिकारी पर जवाब दे ही दिया

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