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नेशनल हेराल्ड केस: AJL की 750 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करेगी ED

कांग्रेस ने ED की इस कार्रवाई को असल मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला बताया है.

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21 नवंबर 2023 (पब्लिश्ड: 11:31 PM IST)
congress national herald case ed issue order in money laundering case to attach properties worth crores
नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी ने कसा शिकंजा. (फाइल फोटो- इंडिया टुडे)
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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नेशनल हेराल्ड मामले में एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) से जुड़ी 750 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त करने का आदेश जारी किया है. मंगलवार, 21 नवंबर को ED ने अपने आधिकारिक X हैंडल से इसकी जानकारी दी. इसमें ED ने अपनी जांच के आधार पर लिखा है कि उसने Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत दर्ज केस में ये कार्रवाई की है.

ED ने बताया कि AJL के पास देश के कई शहरों (जैसे दिल्ली, मुंबई, लखनऊ) में ‘आपराधिक आय’ के रूप में 661.9 करोड़ रुपये की कई अचल संपत्तियां हैं. वहीं यंग इंडियन के पास 90.21 करोड़ रुपये की ‘आपराधिक आय’ है जो उसने AJL के इक्विटी शेयरों में निवेश करके के कमाई है.

‘मकसद असल मुद्दों से ध्यान भटकाना है’

कांग्रेस ने ED की इस कार्रवाई को असल मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला बताया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अभिषेक मनु सिंघवी ने कांग्रेस का आधिकारिक बयान जारी किया. उन्होंने लिखा,

"बीजेपी की मौजूदा विधानसभा चुनावों में हार होने वाली है, जिसके डर से केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया है. PMLA कार्रवाई केवल विशिष्ट या मुख्य अपराध के लिए की जा सकती है. किसी भी अचल संपत्ति का कोई ट्रांसफर नहीं हुआ है. पैसों का कोई आवागमन नहीं हो रहा है. देखा जाए तो ऐसा कोई शिकायतकर्ता नहीं है जो यह दावा करे कि उसे धोखा दिया गया है. यह बीजेपी की हताशा को सामने लाता है."

सिंघवी ने कहा कि ‘बदले की भावना से की गई इस कार्रवाई’ से कांग्रेस डरने वाली नहीं है.

भारत के पहले पीएम जवाहरलाल नेहरू ने 1938 में नेशनल हेराल्ड अखबार शुरू किया था. इसके लिए उन्होंने 1937 में AJL बनाई थी. धीरे-धीरे अखबार की बिक्री घटती गई और कंपनी कर्ज के बोझ तले दबती गई. साल 2008 में AJL ने अखबार नहीं छापने का फैसला किया. लेकिन तब तक कंपनी पर 90 करोड़ रुपये का कर्ज चढ़ चुका था. 

इसकी भरपाई के लिए बनाई गई एक और कंपनी. इसका नाम रखा गया यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड. इस कंपनी के अधिकतर शेयर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पास थे. आरोप लगा कि महज 50 लाख रुपये देकर AJL की 2000 करोड़ रुपये की संपत्ति हड़प ली गई. इसके बाद YIL ने AJL के बाकी बचे कर्जे को माफ कर दिया. इस मामले में ED सोनिया गांधी और राहुल गांधी को बुलाकर पूछताछ भी कर चुकी है.

वीडियो: जिसे पुलिस पकड़ ले गई उस पर क्या खुलासा हो गया

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