अफगान गर्ल यानी शरबत गुल पाकिस्तान की कैद में हैं. इल्जाम है कि फर्जी पाकिस्तानीपहचान पत्र रखा था. ये वही औरत है जिसका फोटो पेशावर के एक शरणार्थी शिविर मेंनेशनल ज्योग्राफिक के फोटोग्राफर स्टीव मकरी ने खींचा था. उस वक्त ये छोटी बच्चीथी. और ये फोटो 1985 में मैगजीन में छपी थी. और फेमस हो गई. बाद में उसपरडॉक्यूमेंट्री भी बनी. लोग उनको 'अफगान वॉर की मोनालीसा' कहने लगे. अफगान गर्ल ने30 साल शरणार्थी के तौर पर पाकिस्तान में गुज़ारे. फर्जी शिनाख्ती कार्ड बनवाने केइल्जाम में पकड़ी गईं और कोर्ट ने 15 दिन की कैद सुना दी. साथ ही एक लाख 10 हजाररुपये का जुर्माना भी. इसको लेकर पाकिस्तान में दो धड़े नजर आए एक वो जो कोर्ट केफैसले से खुश थे. दूसरे वो जो शरबत गुल के फेवर में थे. जो इस सजा का विरोध कर रहेहैं उनका कहना है अगर शरबत गुल भी कोई आतंकी टाइप होती तो पाकिस्तान उसको सर आंखोंपर बैठाता. इस पूरी मामले में अच्छी खासी बहस चल रही है. वैसी जैसे हमारे यहांसर्जिकल स्ट्राइक या इंकाउन्टर पर चलती है. वैसे ताज़ी खबर ये है कि पाकिस्तान सरकारने उसे देश से वापस भेजना का फैसला टाल दिया है. फ़िलहाल वो पाकिस्तान में हीरहेंगी. बाकी लोगों ने किस तरह भड़ास निकाली वो पढ़ लो. ये उर्दू में है तो क्या,फ़िक्र नॉट, हम हैं न. आप नीचे इस पोस्टर का तर्जुमा हिंदी में पढ़ लो. फोटो के साथही है. ये मीम फेसबुक पर वायरल हो रहा है.मैं दुनिया का सबसे खतरनाक मशहूर दहशतगर्द था. मैं छह साल बड़ी सहूलियत के साथपाकिस्तान मिलिट्री अकेडमी के साथ रहता था. फिर अमेरिकियों ने दाखिल होकर मुझे क़त्लकर दिया.मैं एक अमन पसंद मुहाजिर थी. मैं अफ़ग़ानिस्तान की ख़ूबसूरती की एक निशानी थी. जंग सेप्रभावित बेवा औरत थी. मैं अपने काम से काम रखती थी. मैं अब पाकिस्तान की कैद हूं.क्योंकि मैं इस मुल्क की शहरियत (नागरिकता) इख़्तियार करना चाहती थी. जहां मैंनेबतौर मुहाजिर (शरणार्थी) अपनी जिंदगी के 30 साल गुजारे थे.अब इस बात पर हुई तू-तू मैं-मैं भी पढ़ लोमुबीन उल्लाह ने लिखा, 'अगर आप दुनिया के किसी मुल्क को अपनी मर्ज़ी से चुन लें. औरफिर आप फ्रॉड से या रिश्वत देकर पासपोर्ट या कोई और दस्तावेज हासिल करने की वजह सेगिरफ्तार हो तो, क्या वहां के कानून के मुताबिक आपको सजा नही होगी. शेख बिलाल नेलिखा, ' अफसोस ओसामा जैसा दुनिया का बड़ा दहशतगर्द पाकिस्तान से निकला और पाकिस्तानका नाम पूरी दुनिया में बदनाम हुआ. ऐसे ही दुनिया पाकिस्तान को दहशतगर्दी का गढ़नहीं कहती. मुल्ला मंसूर ड्रोन हमलों में मारा गया. पाकिस्तानी आईडी कार्ड औरपासपोर्ट पर सफ़र करता था. कराची में प्रॉपर्टी थी उसकी. वाह क्या बात है हमारीआईएसआई की. अशर हफीज ने लिखा, अफसोस पाकिस्तान पर! हम जिस मुल्क में भी जाएं, वहांकी राष्ट्रीयता के लिए दरख्वास्त दे दें. लेकिन कोई हमारे मुल्क में 30 साल रहे औरवो हमारी देशवासी न बने? क्या जज्बात लेकर ये खातून अफगानिस्तान जाएगी. क्या इसकेखानदान का कोई भी आदमी पाकिस्तान के लिए अच्छे खयाल रख सकता है? अब दुश्मन बनाकरउसे भेज रहे हैं. leon king नाम से कमेंट किया गया, 'भाई अमन पसंदों में कोई जगहनहीं. हां अगर ये खातून किसी किसी संगठन की मेंबर होती तो उसको सर आंखों पर बैठायाजाता. पुलिस और रेंजर्स के चौकस दस्ते उसकी हिफाज़त कर रहे होते. राजा मोहम्मद पारसने लिखा, 'कानून, कानून होता वो फर्जी डॉक्यूमेंट के साथ पकड़ी गई है.' वशदिल बलोचने लिखा, ' कोई भी है. है तो औरत. और वो भी मजबूर और बेवा. उसके साथ ऐसा नहीं होनाचाहिए था. एक साथ सजा और जुर्माना. वो भी एक लाख 10 हजार. क्या कानून सिर्फ उस बेवाअफगान औरत के लिए है?' ऐसा नहीं कि लोगों ने सिर्फ इसके पक्ष और विपक्ष में हीबातें लिखी हो. ओसामा का नाम आया और कई पाकिस्तानी भड़क गए. जिसने ये पोस्ट किया एकसे बढ़कर एक गालियों से भी उसे नवाज दिया. मां बहन की गालियां. ये गालियां देनेवालों की औकात दिखा रही थीं. वो क्या है न कि गालियां जिसे दी जाती हैं उसका कुछनहीं होता. हां देने वाले की नस्ल और तरबियत जरूर ऐलान कर देती हैं.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ेंअफ़गान गर्ल के नाम से मशहूर लड़की पाकिस्तान में अरेस्ट'अफगान गर्ल' को फेमस करने वाले स्टीव, तुमने मेरे जैसे फैन्स के साथ छल किया है