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चंद्रयान-3 की कामयाबी पर सबसे अहम बधाई अब आई, NASA-ESA ने ISRO के लिए कही बड़ी बात

इस प्रोग्राम में इन दोनों स्पेस एजेंसियों का भी एक अहम योगदान था.

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23 अगस्त 2023 (अपडेटेड: 23 अगस्त 2023, 11:15 PM IST)
NASA, ESA reactions as India's Chandrayaan-3 makes historic moon landing
NASA और ESA ने ISRO से क्या कहा? (तस्वीरें- ट्विटर और पीटीआई)
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चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के साथ ही भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में इतिहास रच दिया. चंद्रयान-3 का लैंडर विक्रम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड हुआ है. इसके साथ ही भारत दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया, जो चांद के इस हिस्से पर पहुंचने में सफल हुआ. ISRO की इस उपलब्धि के बाद दुनिया भर से बधाई संदेश आए हैं. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA और यूरोपियन स्पेस एजेंसी ESA (European Space Agency) का भी रिएक्शन आया है.

NASA प्रमुख बिल नेल्सन ने चंद्रयान-3 की सफलता पर भारत और ISRO को बधाई दी है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा,

'चंद्रयान-3 को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग के लिए ISRO और भारत को बधाई. भारत चंद्रमा पर अंतरिक्ष यान की सफलतापूर्वक सॉफ्ट-लैंडिंग करने वाला चौथा देश बन गया है. हमें इस मिशन में आपका भागीदार बनकर खुशी हो रही है.'

यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) के महानिदेशक जोसेफ एशबैकर ने भी ISRO को बधाई दी. उन्होंने लिखा,

'आज ISRO ने चांद के साउथ पोल पर सफल लैंडिंग की. ऐसा पहली बार हुआ है. इस ऐतिहासिक लम्हे में ESA का भी सपोर्ट था. इससे यूरोप के लोगों को गर्व महसूस होना चाहिए. हमें यहां नहीं रुकना है. हमें यूरोप के लिए अगला बड़ा कदम उठाना है. हमें चांद पर खोज का अगुवा बनना है. ताकि यूरोप की आने वाली पीढ़ियों के लिए ये आर्थिक और वैज्ञानिक रूप से फायदेमंद साबित हो.'

दरअसल, चंद्रयान-3 के लॉन्च के बाद कई बार ऐसा हुआ जब हमारा रोवर हमारे स्पेस ट्रैकिंग स्टेशन एरिया से बाहर था. इस दौरान लगातार NASA और ESA ने ISRO की मदद की और उस तक सही जानकारी पहुंचाई. चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के बाद ब्रिटेन की स्पेस एजेंसी ने भी भारत और ISRO को बधाई दी.

भारत चांद पर सॉफ्ट-लैंडिंग करने वाला चौथा और उसके साउथ पोल में उतरने वाला पहला देश बन गया है. इससे पहले कई देशों ने ये करने की कोशिश की, पर नाकाम रहे. पिछली बार चंद्रयान-2 अपनी गति कंट्रोल न कर पाने, सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी और इंजन में ग्लिच की वजह से चांद की सतह पर गिर गया था. इसके चलते यान का संपर्क ISRO से टूट गया था और ऐन वक्त पर ISRO का मिशन कामयाब होने से चूक गया था. लेकिन इस बार ISRO ने ऐसी किसी चूक की संभावना ही नहीं छोड़ी.

विक्रम लैंडर के चांद पर उतरने के बाद ISRO प्रमुख एस सोमनाथ ने इस कामयाबी के लिए संगठन के वैज्ञानिकों और देश को बधाई दी. वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने इसे नए युग की शुरुआत कहा. 

वीडियो: NASA साइंटिस्ट ने बताया चंद्रयान 3 उतरते ही सबसे पहले क्या करेगा?

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