अल्लाह के 99 नाम, कोई हिंसा नहीं सिखाता: मोदी
वर्ल्ड सूफ़ी फोरम में पहुंचे मोदी. बोले इंडिया में तमाम धार्मिक विश्वास सितार के तारों जैसे.
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फोटो - thelallantop
वर्ल्ड सूफी फोरम में पहुंचे इंडिया के प्राइम मिनिस्टर नरेन्द्र मोदी. ये फोरम गुरुवार को दिल्ली में. यहाँ उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ़ बात करते हुए कहा कि सूफीज़्म विविधता और अनेक रूपता का त्यौहार है. उन्होंने ये भी कहा कि अल्लाह के 99 नाम हैं और उसमें से एक भी नाम आतंकवाद को सपोर्ट नहीं करता.
धर्म पर ही बात करते हुए उन्होंने ये भी कहा कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ हमारी लड़ाई किसी भी धर्म के ख़िलाफ़ लड़ाई नहीं है और दोनों के बीच कोई भी लिंक नहीं होता है.
मोदी जी 'भारत माता की जय' के नारों के बीच अपना भाषण बोलते जा रहे थे. उन्होंने आगे कहा कि इस वक़्त में जब आतंकवाद और कट्टरता विनाश और बिगड़े माहौल के ज़िम्मेदार हैं, ऐसे में सूफीज़्म का मेसेज विश्व स्तर पर मायने रखता है.
उन्होंने कहा कि आतंकवाद की पहुंच साल-दर-साल बढ़ रही है. सिर्फ पिछले एक साल में 90 से ज़्यादा देश आतंकी हमलों के विक्टिम रहे हैं. करीब 100 से ज़्यादा देशों में माँ-बाप अपने बच्चों की सेक्योरिटी के लिए डरे-सहमे रहते हैं. लेकिन इसके साथ ही उन्होंने ये भी आहा कि आतंकवाद के इम्पैक्ट को सिर्फ आंकड़ों में कैद नहीं किया जा सकता है. आतंकवाद हमारी ज़िन्दगी को पूरी तरह से बदल रहा है. हमारे सोचने, रहने के तौर तरीके भी उसी की वजह से खासे प्रभावित हो रहे हैं.
उन्होंने वहां कहा कि उस वक़्त जब खून खराबा और हिंसा चारों और अंधेरा फ़ैलाने पर तुला हुआ है ऐसे में आप सभी नूर यानी आशा की नयी रोशनी बन सकते हैं. उनका कहना था कि सूफीज़्म इंडिया के लिबेरलिस्म और अनेकरूपता की वजह से ही फला फूला है. साथ ही इसने इंडिया के आध्यात्मिक परम्परा के असर से विकास किया है.
सूफी फ़ोरम में 200 से ज़्यादा आध्यात्मिक गुरु, स्कॉलर और अकादमिक लोग मौजूद थे. सूफी फ़ोरम चार दिनों तक चलेगा और इसे ऑल इंडिया उलेमा ऐंड मशाइख बोर्ड ने ऑर्गनाइज़ करवाया है.

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