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छोटे उद्यमियों ने खुद ही सर्वे करके बताया कि नोटबंदी ने भट्टा बिठा दिया

ये सर्वे डिटेल में बताता है कि कैसे नोटबंदी और जीएसटी ने पूरा धंधा चौपट कर दिया है.

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17 दिसंबर 2018 (अपडेटेड: 17 दिसंबर 2018, 11:14 AM IST)
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जीएसटी-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. सांकेतिक फोटो.
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नोटबंदी और जीएसटी देश के कारोबारियों पर गाज़ की तरह गिरे हैं. एक सर्वे के मुताबिक दोनों की वजह से मोदी राज में कारोबारियों का मुनाफा 70 फीसदी तक कम हो चुका है. नोटबंदी और जीएसटी के कारण ट्रेडिंग सेक्टर में 43 फीसदी नौकरियां कम हो चुकी है. मतलब ये है कि कारोबारी, लोगों को नौकरी देने की स्थिति में नहीं हैं. ये सर्वे आल इंडिया मैन्यूफैक्चरर्स ऑर्गनाइजेशन यानी AIMO की ओर से किया गया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक AIMO ने देश भर के कोई 34,700 लघु उद्यमियों के बीच ये सर्वे किया है. AIMO के ये आंकड़े काफी चौंकाने वाले हैं. और मोदी सरकार की उस थ्योरी से उलट हैं, जिसमें कहा गया कि नोटबंदी और जीएसटी से कारोबारियों को कुछ खास नुकसान नहीं हुआ  है.
बेरोजगार. सांकेतिक फोटो.
बेरोजगार. सांकेतिक फोटो.

रोज़गार के मौके बहुत कम हुए सर्वे के मुताबिक कारोबार गिरने से लघु-सूक्ष्म और मध्यम आकार के उद्योगों यानी MSME सेक्टर में भी बड़े पैमाने पर नौकरियों के अवसर कम हुए हैं. सूक्ष्म उद्योग के क्षेत्र में 35 फीसदी तक, लघु उद्योग सेक्टर में 32 और मध्यम उद्योग सेक्टर में 24 फीसदी तक रोजगार कम हुए हैं. रोजगार के मौके कम होने के साथ-साथ उद्यमियों के मुनाफे में भारी गिरावट दर्ज की गई है. माइक्रो स्केल इंडस्ट्री का मुनाफा 43, लघु उद्योग सेक्टर का 35 और मध्यम उद्योग क्षेत्र का प्रॉफिट 24 फीसदी तक गिर चुका है. ये मुनाफा साल 2016 से गिरना शुरू हुआ, जब केंद्र सरकार ने नोटबंदी और जीएसटी जैसे प्रयोग करने शुरू किए. उससे पहले तक उद्योगों की परफॉरमेंस बहुत अच्छी थी. असल में 2014 में नरेंद्र मोदी की अगुवाई में जब सरकार का गठन हुआ, तो लोगों के साथ इंडस्ट्री और कारोबारियों को भी बड़ी उम्मीदें थीं. मगर नोटबंदी और जीएसटी ने सब कुछ बदलकर रख दिया. नतीजा ये हुआ कि जो कारोबार तेजी से ऊंचाई की तरफ जा रहा था, वो नीचे आने लगा. यानी गिरावट दर्ज की जाने लगी.
AIMO क्या है? AIMO देश भर के लघु उद्यमियों का बड़ा संगठन माना जाता है. देश के ज्यादातर लघु उद्योग इस संगठन से जुड़े हैं. इसी ने ये सर्वे किया है. संगठन लघु उद्योगों के प्रतिनिधि के तौर पर काम करता है. इस वक्त इसके अध्यक्ष केई रघुनाथन हैं. रघुनाथन चेन्नई स्थित सोलकर सोलर एनर्जी इंडस्ट्री लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं. संगठन की स्थापना साल 1941 में भारत रत्न एम विश्वेश्वरैया ने की थी. और वही इस संगठन के पहले अध्यक्ष भी थे. विश्वेश्वरैया देश के महान इंजीनियर माने जाते हैं. उनका जन्मदिन आज भी अभियंता दिवस के तौर  पर मनाया जाता है.
आपको याद होगा केंद्र सरकार ने 8 नवंबर, 2016 को देश में 500 और 1000 रुपए के नोट के चलन पर रोक लगा दी थी. इससे देश भर में कारोबार और उद्योग को बड़ा झटका लगा था. जीएसटी यानी गुड्स एंड सर्विस टैक्स पहली जुलाई 2017 को लागू किया गया था. इसके तहत सरकार ने कई इनडायरेक्ट टैक्स और सर्विस टैक्स को खत्म करके एक ही टैक्स यानी जीएसटी लागू कर दिया था. इसकी वजह से भी उद्योगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. सरकार इसमें अब तक कई संशोधन कर चुकी है. इसके बाद भी कारोबारियों की मुसीबतें कम नहीं हो पा रही हैं.


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