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गोलीबारी में मारे गए 13 लोग, नगालैंड BJP ने इसे नरसंहार बताया

असम राइफल्स के जवानों पर एक्शन और परिवार के लिए मुआवजा मांगा.

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बाएं से दाएं. Nagaland BJP की तरफ से नागरिकों की हत्या की निंदा करते हुए जारी किया गया पत्र और सुरक्षाबलों पर आरोप लगाने वाले मोन जिला बीजेपी अध्यक्ष. (फोटो: ट्विटर/फेसबुक)
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मुरारी
5 दिसंबर 2021 (अपडेटेड: 5 दिसंबर 2021, 01:51 PM IST)
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नगालैंड गोलीबारी की घटना पर राज्य बीजेपी ने रोष प्रकट किया है. नगालैंड बीजेपी की तरफ से जारी किए गए आधिकारिक बयान में निर्दोष नागरिकों की हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की गई है. नगालैंड बीजेपी अध्यक्ष तेमजेन इम्ना एलोंग ने इसे नरसंहार बताया है. न्यूज पोर्टल ईस्ट मोजो की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य बीजेपी की तरफ से जारी किए गए बयान में कहा गया है,
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इस बयान में आगे कहा गया,
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राज्य बीजेपी की तरफ से जारी इस बयान में यह भी पूछा गया कि जब नगालैंड के बेटे देश के लिए बलिदान दे रहे हैं, तो आखिर राज्य के दूसरे बेटों को क्यों मारा जा रहा है. इसके साथ ही केंद्र सरकार से यह मांग की गई है कि वो मृतकों के परिजनों को मुआवजा दे. स्टेट बीजेपी के बयान को बीजेपी के नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने भी शेयर किया है. सोशल मीडिया पर ये बयान चारों तरफ फैल जाने के बाद अब नगालैंड बीजेपी की तरफ से इस बयान के संबंध में किया गया ट्वीट डिलीट कर लिया गया है. हमारे पास इसका स्क्रीनशॉट है-
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Nagaland BJP की तरफ से किया गया ट्वीट, जो अब डिलीट कर लिया गया है. (फोटो: ट्विटर)
BJP नेता के सैनिकों पर आरोप वहीं नगालैंड गोलीबारी (Nagaland Firing) मामले में बीजेपी के एक नेता ने सनसनीखेज दावा किया है. इनका नाम  न्यावांग कोन्याक है. कोन्याक, नगालैंड के मोन जिले के बीजेपी अध्यक्ष हैं. न्यूज पोर्टल स्क्रॉल की रिपोर्ट के मुताबिक, कोन्याक का दावा है कि सुरक्षाबलों ने उनकी गाड़ी पर गोलीबारी की. इस दौरान उनके साथ मौजूद एक व्यक्ति मारा गया. रिपोर्ट के मुताबिक, कोन्याक ने बताया कि ये पूरा घटनाक्रम तब हुआ, जब वो अपने जिले में उन पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे थे, जिनके परिजनों की गोलीबारी में मौत हो गई. इससे पहले खबर आई थी कि नगालैंड के मोन जिले के ओटिंग इलाके में सुरक्षाबलों की गोलीबारी में कम से कम 13 नागरिकों और एक सैनिक की मौत हो गई. वहीं गुस्साए लोगों ने सुरक्षाबलों की गाड़ियों में आग लगा दी. इस पूरे मामले में राज्य के मुख्यमंत्री नेफियो रियो ने उच्चस्तरीय SIT का गठन करते हुए लोगों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है. वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी कमोबेश यही बात कही है.
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Nagaland के मोन जिले के बीजेपी अध्यक्ष Nyawang Konyak (फोटो: फेसबुक)

ओटिंग में हुई इस गोलीबारी की घटना को लेकर असम राइफल्स ने खेद प्रकट किया है. असम राइफल्स की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि इस पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जांच की जा रही है और दोषियों को कानून के मुताबिक सजा दी जाएगी. बयान में यह भी कहा गया कि ऑपरेशन एक पक्की सूचना के आधार पर शुरू किया गया था, जिसमें ओटिंग इलाके में विद्रोहियों की हलचल की जानकारी मिली थी. यह पूरा घटनाक्रम चार दिसंबर की शाम चार बजे का है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोन जिले में स्थित कोयला खदान में काम करने वाले मजदूर शाम के वक्त अपने घर लौट रहे थे. वो एक पिकअप ट्रक में सवार थे. तभी उनके ऊपर गोलीबारी शुरू हो गई. 'शांति की अपील करने जा रहा था' बीजेपी नेता न्यावांग कोन्याक ने बताया कि शाम को जब उन्हें सूचना मिली कि उनके गांव के छह लोग गोलीबारी मारे गए हैं, तो उन्होंने तुरंत गांव जाने का फैसला किया. उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें ये भी सूचना मिली की गांव के लोगों ने सैनिकों पर जवाबी हमला शुरू कर दिया है. ऐसे में वे वहां पहुंचकर शांति की अपील करना चाहते थे. कोन्याक ने आगे बताया कि वो अपने ड्राइवर, भतीजे और पड़ोसी के साथ गांव के लिए निकले. इस बीच उन्हें एक रेस्ट कैंप पर रोका गया. सैनिकों ने उनसे पूछताछ की. क्योंकि वे कोन्याक बोली में बात कर रहे थे, ऐसे में सैनिकों ने उनके ऊपर बिना सोचे समझे गोली चलानी शुरू कर दी. न्यावांग कोन्याक के मुताबिक, इस गोलीबारी में उनके साथ मौजूद अन्य तीन लोग घायल हो गए. आखिर में उनके पड़ोसी की मौत हो गई.
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Assam Rifles के मुताबिक, Nagaland के Oting में विद्रोहियों की हलचल होने की एकदम पक्की सूचना मिली थी.

कोन्याक ने इस बात पर अपनी निराशा जाहिर की है कि सैनिकों ने उनकी गाड़ी पर बीजेपी का झंडा देखने के बाद भी गोलियां चलाईं. उन्होंने सवाल उठाया कि भारत की सेना इस तरह से नागरिकों को कैसे मार सकती है. इस बीच नगालैंड में हुए इस पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आई हैं. देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा सांसद राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा,
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इसी तरह टीएमसी सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट किया,
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इस बीच नगालैंड सरकार ने मोन जिले में इंटरनेट और एसएमएस सुविधाओं पर अगले आदेश तक बैन लगा दिया है. वहीं घटनाक्रम के प्रति अपना गुस्सा जताते हुए नगालैंड के कई आदिवासी समूहों ने कोहिमा में चल रहे हॉर्नबिल त्योहार में शामिल ना होने की घोषणा की है.

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