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उस दिन वो पाकिस्तानी अफसर नहीं होता तो फ्लाइट लेफ्टिनेंट नचिकेता शर्तिया मारे जाते

अभिनंदन से पहले पाकिस्तान से सही-सलामत लौट आने वाले फ्लाइट लेफ्टिनेंट नचिकेता की कहानी.

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1 मार्च 2019 (अपडेटेड: 1 मार्च 2019, 11:10 AM IST)
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27 फरवरी 2019, ये वो तारीख है तब विंग कमांडर अभिनंदन को पाकिस्तान ने अपने कब्ज़े में ले लिया था. इस खबर के सामने आने के बाद भारत में अभिनंदन की रिहाई को लेकर कार्रवाई तेज़ हो गई. विंग कमांडर अभिनंदन के साथ लोगों ने कारगिल युद्ध के फ्लाइट लेफ्टिनेंट नचिकेता की भी बात की. लोगों ने कहा कि जिस तरह से पाकिस्तान को 8 दिन के बाद ही सही छोड़ना पड़ा, उसी तरह विंग कमांडर अभिनंदन को भी छोड़ना पड़ेगा. अब अच्छी खबर ये है कि अभिनंदन भी वापिस लौट आए हैं
पाकिस्तान की कैद से छूटने के बाद वाघा के रास्ते देश लौटे थे नचिकेता. पाकिस्तान की कैद से छूटने के बाद वाघा के रास्ते देश लौटे थे नचिकेता.

टाइम्स ग्रुप ने फ्लाइट लेफ्टिनेंट नचिकेता से बात की. क्योंकि वो भारत से बाहर थे, इसीलिए उन्होंने फोन पर ही कारगिल युद्ध से जुड़ी बातें शेयर की. उन्होंने बताया कि कैसे वो पाकिस्तान में फंस गए थे और पाकिस्तान में लोगों ने उन्हें जान से मारने की कोशिश की थी. तब, जब वो गलती से पाकिस्तान वाले इलाके में लैंड कर गए थे. उन्होंने बताया कि अभिनंदन के बारे में पता चलने के बाद वो भी काफी शॉक्ड हो गए. उन्होंने बताया कि उनकी फैमिली इस वक्त सबसे कठिन समय से गुजर रही होगी. क्योंकि जब नचिकेता पाकिस्तान में फंसे थे, उस वक्त उनकी फैमिली भी बहुत बुरे दौर से गुजरी थी.
विंग कमांडर अभिनंदन (फाइल तस्वीर)
विंग कमांडर अभिनंदन (फाइल तस्वीर)

पुरानी बातें याद करते हुए उन्होंने बताया कि जिस मिग 27 को वो उड़ा रहे थे, जुलाई 1999 में वो पीओके के स्कार्दू में क्रैश कर गया था. क्रैश करने से पहले वो विमान के कॉकपिट से इजैक्ट कर गए थे. उनकी लैंडिंग पीओके वाले इलाके में ही हुई. लैंडिंग के बाद वो पाकिस्तानी आर्मी के हत्थे चढ़ गए. जिन्होंने उनकी बहुत बुरी तरह से पिटाई की थी. पाकिस्तान आर्मी उन्हें जान से मार देना चाहती थी, क्योंकि वो आसमान से उनके ठिकानों पर हमला कर रहे थे. जब वो मार खा रहे थे तभी एक पाकिस्तानी ऑफिसर कैसर तुफैल आते हैं. पाकिस्तानी जवानों से वो उन्हें बड़ी मुश्किल से बचाते हैं. जिसके बाद उनकी जान बच जाती है.
कैसर तुफैल ने ही नचिकेता को टॉर्चर से बचाया था.
कैसर तुफैल ने ही नचिकेता को टॉर्चर से बचाया था.

नचिकेता आंध्र प्रदेश के मूल निवासी है. उनके पिता केआरके शास्त्री और मां लक्ष्मी शास्त्री दिल्ली में रहते हैं. 2017 में वो वायुसेना से रिटायर हो गए. अभी प्राइवेट कंपनी के लिए काम करते हैं. उन्होंने पाकिस्तान पर भी टिप्पणी करते हुए कहा- 'अभी जो भी फोटो और वीडियो आ रहे हैं, वो पाकिस्तान की ही तरफ से आ रहे हैं. दुनिया में अच्छी इमेज बनाने के लिए पाकिस्तान ऐसा कर रहा है. अभिनंदन के वापिस आने के बाद पाकिस्तान की असली सच्चाई सभी के सामने आएगी.

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