टाटा को नया बॉस मिल गया है. साइरस मिस्त्री को ‘टाटा’ कहने के लगभग ढाई महीने बादइस ग्रुप ने अपना नया मुखिया चुन लिया है. 149 साल के इतिहास में पहली बार टाटापरिवार ने किसी गैर-पारसी शख्स को सर्वोच्च पद पर बिठाया है. अब एन चंद्रशेखरनहोंगे टाटा ग्रुप के नए चेयरमैन. अक्टूबर से जारी उठापटक खत्म करते हुए टाटा ग्रुपने भारत की सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनी TCS के सीईओ नटराजन चंद्रशेखरन को अपनी कमानसौंपी है. अब चंद्रा- जैसा कि उन्हें पुकारा जाता है – देश की सबसे बड़ी कंपनी कोलीड करेंगे. वो 21 फ़रवरी से ये ज़िम्मेदारी संभालेंगे. फिलहाल रतन टाटा अंतरिमचेयरमैन के तौर पर कामकाज देख रहे हैं. कंपनी के लंबे इतिहास में चंद्रशेखरन पहलेनॉन-पारसी चेयरमैन हैं और तीसरे ऐसे शख्स जो ‘टाटा’ नहीं हैं. इससे पहले के दोनॉन-टाटा चेयरमैन नौरोजी सकलटवाला और हाल ही में बर्खास्त किए गए साइरस मिस्त्रीथे. टाटा समूह की प्रमुख कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के चेयरमैन के तौरपर चंद्रशेखरन ने 2009 से लेकर 2016 तक काम संभाला और कंपनी को बुलंदियों परपहुंचाया. उनके कार्यकाल में कंपनी के मुनाफे में तीन गुना का जंप आया. साइरसमिस्त्री को हटाने के फ़ौरन बाद उन्हें ‘टाटा संस’ में डायरेक्टर बनाया गया था. तबही से अटकलें लगाई जा रही थी कि उन्हें टाटा ग्रुप की कमान सौंपी जा सकती है. पिछलेसाल 24 अक्टूबर को टाटा ग्रुप के चेयरमैन पद से साइरस मिस्त्री को हटा दिया गया था.उसके बाद बोर्ड ने रतन टाटा को अंतरिम चेयरमैन चुना और नया चेयरमैन चुनने के लिए एकसेलेक्शन कमिटी बनाई. इस कमिटी में पांच लोग शामिल थे. प्रभु कुमार भट्टाचार्य,अमित चंद्रा, वेणु श्रीनिवासन, रोनेन सेन और खुद रतन टाटा. इस कमिटी को चार महीनेका वक़्त दिया गया था नए चेयरमैन को चुनने के लिए. कमिटी ने अपना काम तयशुदा वक़्त सेपहले ही कर दिखाया और नटराजन चंद्रशेखरन के रूप में अपना नया मुखिया चुन लिया.नटराजन चंद्रशेखरन के बारे में वो सब जो जानना चाहिए * चंद्रशेखरन 1963 में पैदा हुए. वो अपनी पत्नी ललिता और बेटे प्रणव के साथ मुंबई में रहते हैं. * चंद्रशेखरन ने कोइम्बतूर इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी से एप्लाइड साइंसेज में बैचलर्स डिग्री हासिल की और त्रिची, तमिलनाडु के रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज से एमसीए (MCA) किया. * 1987 में उन्होंने टाटा ग्रुप जॉइन किया. * टीसीएस, जो टाटा ग्रुप के लिए सबसे ज़्यादा रेवेन्यू जनरेट करती है, में लंबे समय तक उन्होंने चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) के तौर पर काम किया. 2009 में उन्हें सीईओ बनाया गया जिसके बाद टीसीएस ने कमाई के मामले में अभूतपूर्व छलांग लगाई. * उन्ही के कार्यकाल में टीसीएस देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी. इसकी मार्केट वैल्यू 70 अरब डॉलर आंकी गई. * चंद्रशेखरन 2012-13 में नासकॉम (NASSCOM: National Association of Software and Services Companies) के चेयरमैन भी रह चुके हैं. * चंद्रशेखरन को फोटोग्राफी का शौक है. * उन्हें दौड़ना अच्छा लगता है. वो लंबी दूरी की कई दौड़ों में हिस्सा ले चुके हैं. मुंबई, न्यूयॉर्क, टोक्यो, बर्लिन, एम्स्टर्डम, बोस्टन जैसे कई शहरों में वो मैराथन दौड़ चुके हैं.चंद्रशेखरन की नियुक्ति का कॉर्पोरेट और आईटी जगत ने दिल खोल के स्वागत किया है.इनफ़ोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा: “टीसीएसमें चंद्रशेखरन ने दिखाया है कि उनके पास काबिलियत है, क्षमता है. उनकी ज़िद, धीरज,हौसला और फोकस का मैं सम्मान करता हूं. वो एक कम्प्लीट पैकेज हैं. मुझे पूरा यकीनहै आज पूरी इंडस्ट्री जश्न मना रही होगी”.--------------------------------------------------------------------------------इसे भी पढ़िए:जबराट लीडर रतन टाटा ने अभी जो काम किया है, लोग युगों तक याद रखेंगे!साइरस मिस्त्री हटे क्योंकि रतन टाटा की नजर पर शुरू से चढ़े थे!भारत-चीन युद्ध की वजह से नहीं हो पाई थी रतन टाटा की शादी!