The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • N 95 Or Fabric Which Mask Is Effective Against Air Bone Corona Virus How To Properly Use Mask

हवा में फैल रहे कोरोना वायरस से कौन सा मास्क आपको बचा सकता है?

कैसे लगाएं मास्क और कितने दिन में बदलें, ये जानना भी जरूरी है.

Advertisement
Img The Lallantop
स्टडी
pic
मुरारी
19 अप्रैल 2021 (अपडेटेड: 19 अप्रैल 2021, 04:10 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share
कोरोना वायरस (Corona Virus) की दूसरी लहर पूरे देश में तबाही मचा रही है. इस बीच एक नई स्टडी सामने आई है. इसमें बताया गया है कि कोरोना वायरस का संक्रमण मुख्य तौर पर हवा के जरिए फैल रहा है. ऐसा बताया जा रहा है कि सिर्फ संक्रमित व्यक्ति के छींकने-खांसने से ही नहीं,  बल्कि सांस लेने और बात करने से भी वायरस ड्रॉपलेट्स हवा में तैरने लगती हैं.  यह स्टडी जाने माने मेडिकल जर्नल लैंसेट ने पब्लिश की है. इस स्टडी के आने से पहले कोरोना वायरस संक्रमण (Corona Virus Infection) को लेकर यह धारणा थी कि यह वायरस मुख्य तौर पर संक्रमित सतहों के संपर्क में आने से फैलता है. इस स्टडी में बताया गया है कि वायरस की ड्रापलेट्स उन जगहों पर तीन घंटे तक हवा में रह सकती हैं, जहां वेंटिलेशन यानी हवा के आने-जाने की व्यवस्था तंग है. खासकर इनडोर जगहों पर. ऐसे में इन जगहों पर मौजूद लोगों में संक्रमण का खतरा बहुत ज्यादा है. अब Mask किस तरह से यूज करना पड़ेगा? इस स्टडी के आने के बाद कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए प्रोटोकॉल्स बदलने की बातें होने लगी हैं. खासकर, मास्क पहनने पर जोर बहुत ज्यादा बढ़ गया है. बताया जा रहा है कि बात अब सिर्फ एक मास्क पहनने से नहीं बनेगी. बल्कि लोगों को दो से तीन मास्क भी पहनने पड़ सकते हैं. इस नई स्टडी और मास्क के यूज के बारे में संक्रामक रोग विशेषज्ञ फहीम यूनस ने अपने ट्विवटर पर लिखा-
Image embed
मास्क के यूज के बारे में उन्होंने लिखा-
Image embed
कौन सा Mask बेहतर है? लैंसेट की स्टडी के बाद मास्क किस तरह से लगाए जाएं, इस बारे में हमने एक एक्सपर्ट से भी बात की. उन्होंने बताया कि मास्क लगाने का जो तरीका विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया है, अभी वही लागू है. उन्होंने और क्या कहा, उसके बारे में हम आपको आगे बताएंगे. लेकिन पहले जान लीजिए कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मास्क लगाने का सही तरीका क्या बताया है. यह जानने के लिए हमने विश्व स्वास्थ्य संगठन की बेवसाइट का चक्कर लगाया. यहां हमें पता चला कि मास्क लगाने में जितनी सावधानी बरतने की जरूरत है, उतनी ही उसके स्टोरेज और डिस्पोजल में भी. विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइडलाइंस कहती हैं- - मास्क लगाने से पहले अपने हाथ साफ कर लें. या तो उन्हें सैनिटाइज करें या साबुन से अच्छी तरह से धाएं. मास्क को किसी भी समय पर छूने और उतारने के बाद भी ऐसा करें. - सुनिश्चित करें कि मास्क से आपका मुंह और नाक अच्छी तरह से ढंक जाएं. - जब आप अपना मास्क उतारें, तो उसे एक साफ-सुधरे प्लास्टिक बैग में स्टोर करें. - अगर कपड़े का मास्क यूज कर रहे हैं, तो इसे हर दिन धोएं. मेडिकल मास्क को यूज करने के बाद कूड़ेदान में कवर करके फेंक दें. - वॉल्व वाले मास्क का प्रयोग ना करें. ये तो थीं WHO की गाइडलाइंस. लेकिन ये गाइडलाइंस लैंसेट की स्टडी आने से पहले हैं. ऐसे में इस स्टडी से मास्क लगाने के संबंध में क्या कुछ बदलाव आना चाहिए, इस बारे में हमें हरियाणा सरकार के साथ काम कर रहे कम्युनिटी मेडिसिन में एमडी ने बताया-
Image embed
जैसा कि आपने ऊपर पढ़ा कि नई स्टडी के बाद डबल और ट्रिपल मास्क लगाने की बात हो रही है. साथ ही कपड़े वाले मास्क की जगह N-95 और KN-95 मास्क लगाने पर जोर दिया जा रहा है. हमने एक्सपर्ट से पूछा कि यह कितना जरूरी है. उन्होंने बताया-
Image embed
एक्सपर्ट ने हमें ये भी बताया कि आठ घंटे के अंतराल पर मास्क बदल लेना चाहिए.

Advertisement

Advertisement

()