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पुणे की औरतों में फैल रहा अजीब ब्रेस्ट इन्फेक्शन

न ब्रेस्ट कैंसर, न टीबी है. पर जो भी है, औरतें इससे परेशान हैं.

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प्रतीक्षा पीपी
29 मार्च 2016 (Updated: 29 मार्च 2016, 09:05 AM IST)
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पुणे में कुछ औरतों को एक अजीबोगरीब बीमारी हो रही है. जिसमें उनके स्तनों पर एक ऐसा इन्फेक्शन हो रहा है जिसमें गांठें या पस की शिकायत हो रही है. डॉक्टरों के मुताबिक ये कैंसर नहीं है, जिसका इलाज उपलब्ध हो. बल्कि एक ऐसा खतरनाक इन्फेक्शन है जिसका कारण और अंजाम दोनों ही उन्हें पता नहीं है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक 28 साल की प्राजक्ता जाधव (बदला हुआ नाम) को पिछले अक्टूबर अपने बाएं स्तन में एक गांठ दिखी. जिसमें दर्द होता था. उसमें सूजन थी और पस निकल रहा था. प्राजक्ता ने कुछ पेन किलर लिए, इस उम्मीद में कि गांठ छोटी पड़ जाएगी. लेकिन प्राजक्ता और बीमार होती चली गईं. पस निकलवाने के लिए उन्हें सर्जरी करवानी पड़ी. लेकिन आज तक प्राजक्ता समझ नहीं पाईं की असल में उन्हें हुआ क्या था. "न ही मैं लैक्टेट कर रही हूं. और खुद की साफ़ सफाई का भी ध्यान रखती हूं." इसी तरह 25 साल की आशा मुले को भी अपने बाएं निप्पल के ऊपर सूजन सी महसूस हुई. कुछ दिनों बाद उनके बाएं स्तन का आकर ही बदलने लगा. साथ की लाली और कड़ापन आने लगा. कैंसर होने के डर से उन्होंने डॉक्टर को दिखाया. तो पता चला ये कैंसर नहीं, इन्फेक्शन है. जिसकी दवाइयां वो 5 महीनों से खा रही हैं. इन्फेक्शन होने पर अधिकतर औरतें घबरा जाती हैं. क्योंकि इसके सभी लक्षण ब्रेस्ट कैंसर जैसे दिखते हैं. https://www.youtube.com/watch?v=r7lH48mbd50 ये इन्फेक्शन पहले दूध पिलाने वाली औरतों में देखा जाता था. यानी जिनकी डिलीवरी हुए ज्यादा समय नहीं बीता होता था. ब्रेस्ट इन्फेक्शन का सबसे बड़ा कारण होता है दूध पीते बच्चे के मुंह से मां के निप्पल में बैक्टीरिया का चले जाना. https://www.youtube.com/watch?v=X5q8cak9KBA या फिर टीबी और डायबिटीज के मरीजों में. पर अब ये इन्फेक्शन जवान लड़कियों में देखा जा रहा है, जिनके खानदान में भी पहले कभी इस बीमारी को देखा नहीं गया था. डॉक्टरों का मानना है कि पिछले 5 सालों में ये केस 50 फीसदी के रेट से बढ़ गए हैं. आलम ये है कि हर महीने पुणे शहर में इस तरह के 6 नए केस रिपोर्ट हो रहे हैं. पहले जहां ये बीमारी 40 की उम्र पार कर चुकी औरतों को होती थी, अब 20 से 30 साल की लड़कियों में देखी जा रही है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट से पता चलता है कि डॉक्टर इस इन्फेक्शन के बारे में खुद ही कन्फ्यूज हैं. उन्हें बस इतना मालूम है कि ये कैंसर नहीं है. न ही ब्रेस्ट-टीबी है. कुछ डॉक्टरों का मानना है कि ये हॉर्मोन्स का संतुलन बिगड़ने की वजह से है. पर ये सिर्फ अनुमान है.

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