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ज्ञानवापी केस में मुस्लिम पक्ष के वकील अभयनाथ यादव की हार्ट अटैक से मौत

अभयनाथ यादव ने कहा था, "हिन्दू पक्ष की याचिका को खारिज कर देना चाहिए"

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1 अगस्त 2022 (अपडेटेड: 1 अगस्त 2022, 11:15 AM IST)
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अभयनाथ यादव (फाइल फोटो-आजतक)
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वाराणसी (Varanasi) में श्रृंगार गौरी और ज्ञानवापी केस (Gyanvapi Case) में मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता अभयनाथ यादव (Abhay Nath Yadav) का निधन हो गया है. खबर के मुताबिक उनका निधन हार्ट अटैक की वजह से हुआ. रविवार, 31 जुलाई की रात को अटैक आने पर परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे. वहां डॉक्टरों अभयनाथ यादव को मृत घोषित कर दिया.

केस की सुनवाई के दौरान अभयनाथ यादव ने कुछ तथ्यों और 1991 के उपासना स्थल कानून का हवाला देते हुए कहा था कि हिन्दू पक्ष की याचिका सुनवाई योग्य नहीं है. अभय यादव ने दलील दी थी कि परिसर में शिवलिंग का नामोनिशान नहीं है.

उन्होंने कहा था- 

वहां वजूखाने के हौज में फव्वारा है. शिवलिंग मिलने की अफवाह फैलाई गई है. अफवाह इसलिए फैलाई जा रही है ताकि हिंदू लोगों की भावनाओं को इस मामले के साथ जोड़ा जा सके. नियम 7/11 के तहत हिन्दू पक्ष के सूट को खारिज किया जाना चाहिए. इसे सुनने की भी जरूरत नहीं है.

लल्लनटॉप ने इस पूरे केस की कवरेज के दौरान अभयनाथ यादव से बातचीत की थी, वो बातचीत आप इस लिंक पर जाकर देख सकते हैं  - 

बता दें ज्ञानवापी मामले में वाराणसी में जिला जज एके विश्वेश की अदालत में सुनवाई चल रही है. 4 अगस्त को मुस्लिम पक्ष की ओर से प्रत्युत्तर रखा जाना था, जिसमें मुस्लिम पक्ष के वकील अभयनाथ यादव की अहम भूमिका होती. हिंदू पक्ष से हरिशंकर जैन और विष्णु शंकर जैन पक्ष रख रहे हैं.

खबर है कि मामले में सुप्रीम कोर्ट अक्टूबर महीने के दूसरे हफ्ते में सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा था कि अभी उस मामले में निचली अदालत में सुनवाई चल रही है इसलिए इस पर हम अभी सुनवाई नहीं करेंगे. जस्टिस चंद्रचूड़, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस नरसिम्हा की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है.

क्या है ज्ञानवापी विवाद?

बता दें कि ज्ञानवापी मस्जिद वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर से बिल्कुल सटी हुई है. दावा किया जा रहा है कि प्राचीन विश्वेश्वर मंदिर को तोड़कर उसके ऊपर ये मस्जिद बनाई गई थी. ये मामला 1991 से अदालत में है, लेकिन मां श्रृंगार गौरी का मामला महज 7-8 महीने पुराना है. 18 अगस्त, 2021 को 5 महिलाओं ने वाराणसी की एक अदालत में याचिका दायर कर मां श्रृंगार गौरी के मंदिर में पूजा-अर्चना की मांग की थी.

इसके बाद ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के वजूखाने में एक संरचना मिली जिसको लेकर हिंदू पक्ष का कहना है कि ये शिवलिंग है तो मुस्लिम पक्ष कह रहा है कि यह फव्वारा है. इसकी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वाराणसी जिला कोर्ट में चल रही है.

देखें वीडियो- ज्ञानवापी पर भड़के ओवैसी ने शिवलिंग और फव्वारे पर क्या कहा?

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