बंदूक का लाइसेंस लेने के लिए मुसलमान बना हिंदू, मुसीबतें शुरू
फुरकान नाम का ये आदमी 6 साल से चक्कर काट रहा था. बंदूक का लाइसेंस लेने के लिए. काम नहीं बना तो SDM के सामने खोपड़ी चांद कराके तिलक लगा लिया.
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फोटो - thelallantop
दूसरे धर्म के लड़के-लड़की से शादी करने के लिए धर्म परिवर्तन करने के बारे में तो सुना था. लेकिन बागपत में एक मुसलमान ने बंदूक का लाइसेंस बनवाने के लिए धर्म परिवर्तन कर लिया. बागपत के फुरकान अहमद अब फूल सिंह हो गए हैं.
फूल सिंह उर्फ फुरकान बागपत के बड़े से गांव किरठल के रहने वाले हैं. पिछले 6 साल से बंदूक का लाइसेंस बनवाने के लिए अफसरों के दर पर चक्कर लगा रहें हैं. उन्होंने 2010 में इसके लिए एप्लाई किया था. लेकिन आज तक उनका लाइसेंस नहीं बना.
फूल सिंह नोएडा में ई-रिक्शा चलाते हैं. रिक्शा के मालिक को पर डे 200 का किराया देने के बाद उनके पास दो-ढाई सौ ही बचता है. इस कमाई से अपने 6 बच्चों की परवरिश करना उनके लिए मुश्किल है. वो चाहते हैं कि उनको लाइसेंस मिल जाए तो वो गार्ड की नौकरी कर सकते हैं.
फूल सिंह ने बताया कि वो 2010 से 2014 तक लाइसेंस बनवाने के लिए अफसरों के चक्कर लगाते रहे. 2014 में उन्हें बताया गया कि उनकी फाइल नहीं मिल रही है. फिर उन्होंने दूसरी एप्लिकेशन डाली.
फूल सिंह को लगता है कि अफसर उन्हें जानबूझकर परेशान करते हैं क्योंकि वो मुसलमान हैं. इसी खुन्नस में उन्होंने हिंदू धर्म अपना लिया. अपना सिर मुंडवा कर चोटी बना ली और तिलक भी धर लिया.
वो जब भी अपने एप्लिकेशन के बारे में पूछने के लिए कलेक्ट्रेट जाते हैं उनसे कहा जाता हे कि उनका लाइसेंस 15 दिन में मिल जाएगा. फूल सिंह ने स्क्रॉल को इंटरव्यू दिया. बताया कि जब 19 अप्रैल को वो डीएम के पास गए तो डीएम साहब बिगड़ गए. गुस्सा के बोले कि, तुम्हारे जैसे पागल को लाइसेंस दे देंगे तो पता नहीं क्या करोगे.
तो फुकरान ने भी धमकी दे डाली कि 24 घंटे में उनका लाइसेंस नहीं बना तो वो अपना धर्म बदल लेंगे. अगले दिन पहुंच गए कलेक्ट्रेट. उनसे दो-तीन दिन और इंतजार करने के लिए कहा गया. वो बोले कि वो 6 साल से इंतजार ही कर रहे हैं. फिर एसडीएम और बाकी अधिकारियों के सामने ही अपना सिर मुड़वा लिया और माथे पर तिलक लगा लिया.
उन्होंने नमाज़ पढ़ना छोड़ दिया है. उनके इस कदम से गांव के मुसलमान उनके खिलाफ हो गए हैं. उनको धमकी दी जा रही है कि या तो वापस इस्लाम कबूलो या फिर परिवार के साथ गांव छोड़ दो.
फूल सिंह कहते हैं कि हिंदुस्तान में मुसलमान होने में दिक्कत है. ऊपर से गरीब हो तो और भी बुरा है.
स्टोरी दी लल्लनटॉप के साथ इंटर्नशिप कर रही आकांक्षा ने एडिट की है.
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