1.अमेठी से 40 किलोमीटर दूर एक महोना गांव है. वहां एक 45 साल के आदमी ने परिवार की10 औरतों/लड़कियों का क़त्ल कर खुद को फांसी लगा ली. पुलिस बता रही है कि जमालुद्दीनने अपने पूरे परिवार को कुछ पिला दिया. जिससे सभी बेहोश हो गए. उसके बाद उन सबकेगले काट दिए. और सबके गले काटकर खुद को फांसी लगा दी. जमालुद्दीन ने जिन लोगों कोमारा उनमें उसकी पत्नी जाहिदा और एक शादीशुदा बेटी अफसर शामिल थीं. उसकी चारबेटियों के अलावा अपने बड़े भाई की पत्नी, एक और भाई की पत्नी और 2 भतीजियां भीशामिल थीं. संयोग से केवल घर की महिलाएं मरी हैं. 2 लड़के थे, वो भाग निकले औरफ़िलहाल उनका इलाज चल रहा है. जमालुद्दीन की एक बैटरी रिपेयर की दुकान थी. 16 लोगोंके बीच वो अकेला कमाने वाला व्यक्ति था. इन मौतों से लोग सकते में हैं. और विरोधकरने के लिए एक पत्रकार की कार जला दी है. जाने एक पत्रकार जला कर उन्हें क्या मिलगया. जाने वो किस तरह के इंसाफ की मांग कर रहे हैं. क्योंकि जमालुद्दीन का तो पूरापरिवार ही साफ़ हो गया है.2.बाबू साहेब पिछले एक महीने से दिल्ली के मयूर विहार में बन रही एक बिल्डिंग मेंमजदूरी कर रहा था. बिल्डिंग ऊंची थी. बाबू रोज अपने ठेकेदार से कहता कि मजदूरों केलिए जाली लगवा दी जाए. उन्हें हेलमेट दे दिए जाएं. ताकि अगर कोई दुर्घटना होने वालीहो तो ताल सके. बाबू की उसके ठेकेदार ने नहीं सुनी. क्योंकि मजदूर ही हैं. उन्हेंतो आदत होती है इस तरह काम करने की. फिर वैसे भी एक मजदूर को कभी चोट आ भी गई, तोकौन सी मजदूरों की कमी है. दूसरा ले आएंगे. शायद यही सोचा उस ठेकेदार ने. यही सोचकरउसने शायद बाबू की नहीं सुनी और बीते सोमवार उसका पांचवे फ्लोर से पांव फिसला. वोनीचे गिरा और उसकी मौत हो गई. कॉन्ट्रैक्टर पकड़ा जाएगा. फिर घूस खिलाकर छूट जाएगा.नहीं भी छूटेगा तो क्या होगा. मजदूर के घर वालों को मुआवजा मिल जाएगा. लेकिन मजदूरकी जान वापस नहीं आएगी. न ही मजदूरों की स्थिति सुधरेगी.3.दिल्ली के मुखर्जी नगर एरिया में मेड का काम करने वाली एक औरत की मौत हो गई.क्योंकि औरत को उसके मालिक ने बेरहमी से पीटा था. ये औरत कुछ समय पहले पश्चिम बंगालसे दिल्ली आई थी. जिसको गणेश नाम का एक एजेंट लाया था. इसमें औरत की रिश्तेदारसरस्वती ने मदद की थी. जब औरत के मालिक ने उसके पीटा, तब सरस्वती उसे घर ले आई.सरस्वती को असल में टीबी था. उसकी हालत जब बिगड़ने लगी, उसे अस्पताल ले गए. जहांउसकी मौत हो गई. मालिक पर क़त्ल का मुकदमा चल रहा है.