1.दिल्ली में 17 साल के एक लड़के को 19 साल की एक शादीशुदा लड़की से प्यार था. शादी केपहले से ही. वो लड़की की शादी में भी आया था. और लड़की के ससुराल वाले समझते थे कि वोलड़की का कजिन है. एक दिन लड़की अपने पति के साथ बाइक पर मायके आई. दोनों वापसी केलिए घर से विदा लेकर निकले. रुखसत होते ही लड़की के मां-बाप को बाहर से शोर आतासुनाई पड़ा. दोनों बाहर भागे तो देखा पति ज़मीन पर पड़ा कराह रहा है. और लड़की बाइक केनीचे दबी चीख रही है. 17 साल के प्रेमी ने लड़की के पति पर 3 बार वार किया था. यानी3 बार चाकू घोंप कर उसकी जान ले ली थी. मौके से तो वो भाग गया था. लेकिन उसके बादपकड़ा गया. लड़की बताती है कि पहले वो उस लड़के से प्रेम करती थी. रिलेशनशिप में थी.फिर उसकी शादी तय हुई और उसने पिछला रिश्ता तोड़ दिया. पर लड़का नहीं माना. ये'पजेसिवनेस', रिजेक्शन झेल पाने की अक्षमता अगर न हो, तो इश्क के नाम पर किए गएबहुत से गुनाह शायद न हुए होते. लड़के ने गोली चलाने के पहले कहा था, 'तुम सिर्फमेरी हो.'2.सड़क के किनारे छोटी-मोटी चीजें बेचने वाला मदन रात को काम कर अपने घर लौट रहा था.उम्र महज 36 साल थी. ऐसी उम्र जिसमें लोग अपने बच्चों को बड़ा होते देख रहे होतेहैं, मदन को सड़क चलते हुए एक गाड़ी ने कुचल दिया. गाड़ी यूपी के रूरल डेवलपमेंट केस्टेट मिनिस्टर ओमकार सिंह यादव की थी. बड़ी सी SUV. ड्राइवर पकड़ा गया है. गाड़ी सेशराब की बोतल मिली है. प्रशासन ने मदन के परिवार को 5 लाख का मुआवजा देने का वादाकिया है. मगर किसी की जान कैसे वापस आएगी?3.55 साल का मुन्ना दिल्ली में गार्ड का काम करता था. रात को काम से घर लौटते हुए एकडीटीसी बस ने उसे कुचल दिया. बस सर के ऊपर से चढ़कर निकल गई. मुन्ना की मौत हो गई.ये सब कुछ दिल्ली गेट की रेड लाइट के पास हुआ. बस का ड्राइवर इंद्रजीत गिरफ्तार होचुका है. लेकिन उसके पहले उसके हाथों एक बूढ़े गार्ड की जान जा चुकी है.4.सोमपाल दिल्ली में रेहड़ी लगाता है. उसके ऊपर 3 चोरियों के केस दर्ज थे. जब उसपरचौथी बार चोरी का मामला दर्ज हुआ, उसे आदर्श नगर पुलिस थाने में पूछताछ के लिएबुलाया गया. मामला चप्पल चोरी का था. सोमपाल को पुलिस ने बातचीत के बाद पीटा.सोमपाल जाने बेहाल था या दुखी, वो फर्स्ट फ्लोर से नीचे कूद गया. मौत हो गई. जरूरपीटने की चोट इतनी ज्यादा होगी. वरना फर्स्ट फ्लोर से कूदकर किसी की जान नहीं जाती.और जाती भी, तो पुलिस हिरासत में सुसाइड क़त्ल होता है. उस वक़्त थाने में SHO नहींथे. जब SHO साहब आए, पूरी कहानी जानकार पुलिस वालों की बेरहमी के खिलाफ कोई एक्शननहीं लिया. बल्कि उसकी डेड बॉडी को ठिकाने लगाने में लग गए. उसे पुलिस की गाड़ी मेंभरकर दूर एक पार्क में फेंक आए. सबूत मिटाने के लिए गाड़ी धो दी गई. फिलहाल मामले कीजांच चल रही है. फाइलें इधर से उधर खिसक रही होंगी. चार लोगों को घूस खिलाई जाएगी.एक सिंगल कॉलम रिपोर्ट छपेगी अखबार के सबसे छोटे कोने में. और इस तरह एक गरीब को मरकर भी न्याय नहीं मिलेगा.