मुरादनगर हादसाः आरोपी ठेकेदार बोला- हर काम के बदले 28-30 फीसदी कमीशन देता था
कहा- सबको मालूम है किसको-किसको कमीशन देता था.
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गाजियाबाद पुलिस ने मंगलवार को मुरादनगर श्मसान हादसे के मुख्य आरोपी ठेकेदार अजय त्यागी को गिरफ्तार कर लिया. उसने कमीशखोरी की बात कैमरे पर कबूली.
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गाजियाबाद के मुरादनगर के श्मशान में हुए हादसे में कांट्रैक्टर अजय त्यागी को गिरफ्तार कर लिया गया है. त्यागी ने ऑन कैमरा अपना गुनाह स्वीकार किया है. उसने आजतक संवाददाता अरविंद कुमार ओझा को बताया कि वह किसी भी ठेके के लिए 28 से 30 फीसदी कमीशन देता था. जब उससे कमीशन लेने वालों के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि वो सबको पता है. उसने यह बात पुलिस के सामने पत्रकारों के सवालों के जवाब देने के दौरान कबूली. इस दौरान जब पत्रकारों ने उसे 24 मौतों का जिम्मेदार बताया तो उसने कहा कि उसे घटना पर दुख है.
मुरादनगर श्मशान घाट हादसे का मुख्य आरोपी है अजय त्यागी
मुरादनगर श्मशान घाट. यहां एक शेड के गिरने से 24 लोगों की मौत हो गई. इस मामले में पुलिस ने अजय त्यागी और तीन सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में गैर इरादतन हत्या, सरकारी कर्मचारी द्वारा विश्वास तोड़ने, किसी को चोट पहुंचाने की नीयत से काम करने की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. जिन्हें गिरफ्तार किया गया है, उनमें ईओ निहारिका सिंह, जूनियर इंजीनियर चन्दपाल और सुपरवाइजर आशीष शामिल हैं.
घटना के बाद से अजय त्यागी फरार था. पुलिस गाज़ियाबाद एसएसपी ने उस पर 25 हज़ार रुपये का इनाम रखा था. पुलिस ने उसे 5 जनवरी को गिरफ्तार किया.
सीएम योगी ने दिए आरोपियों पर NSA लगाने के आदेश इस मामले में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. साथ ही जिम्मेदार इंजीनियर और ठेकेदार पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई के आदेश दिए हैं. सीएम ने पूरे नुक़सान की वसूली भी आरोपी इंजीनियर और ठेकेदार से करने के भी निर्देश दिए हैं. ठेकेदार अजय त्यागी को ब्लैक लिस्ट करने का भी आदेश दिया है. इसके बाद वो इस तरह का कोई भी कंस्ट्रक्शन नहीं कर सकेगा.
योगी आदित्यनाथ ने इसके अलावा प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई की है. ग़ाज़ियाबाद के डीएम और कमिश्नर को नोटिस जारी किया है. पूछा है कि 50 लाख से ऊपर के निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन करने का स्पष्ट निर्देश सितम्बर में ही दे दिया गया था, तो मुरादनगर में कहां चूक हो गयी?
यूपी सरकार की ओर से मृतक परिवारों को दस-दस लाख की आर्थिक सहायता देने का भी ऐलान किया गया है. इनमें जिन परिवारों के पास घर नहीं हैं, उन्हें आवासीय सुविधा मुहैया करने के भी निर्देश दिए गए हैं.

योगी आदित्यनाथ सभी आरोपियों पर रासुका लगाने की बात कही है.
दाह संस्कार के दौरान हुआ हादसा मुरादनगर में श्मशान घाट पर 3 जनवरी की सुबह ये हादसा उस वक्त हुआ, जब उखलारसी गांव के रहने वाले जयराम (70) के दाह संस्कार के लिए परिजन इकट्ठे हुए थे. बारिश के कारण ज्यादातर लोग श्मशान घाट में बने 70 फीट लंबे कॉरिडोर में खड़े थे. अंतिम संस्कार के बाद इसी जगह दो मिनट का मौन रखा गया. उसी दौरान शेड की छत भरभरा कर गिर गई. करीब 40 लोग मलबे में दब गए. NDRF की टीम ने करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद लोगों को निकाला. अभी तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है.
घटना के बाद से अजय त्यागी फरार था. पुलिस गाज़ियाबाद एसएसपी ने उस पर 25 हज़ार रुपये का इनाम रखा था. पुलिस ने उसे 5 जनवरी को गिरफ्तार किया.
सीएम योगी ने दिए आरोपियों पर NSA लगाने के आदेश इस मामले में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. साथ ही जिम्मेदार इंजीनियर और ठेकेदार पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई के आदेश दिए हैं. सीएम ने पूरे नुक़सान की वसूली भी आरोपी इंजीनियर और ठेकेदार से करने के भी निर्देश दिए हैं. ठेकेदार अजय त्यागी को ब्लैक लिस्ट करने का भी आदेश दिया है. इसके बाद वो इस तरह का कोई भी कंस्ट्रक्शन नहीं कर सकेगा.
योगी आदित्यनाथ ने इसके अलावा प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई की है. ग़ाज़ियाबाद के डीएम और कमिश्नर को नोटिस जारी किया है. पूछा है कि 50 लाख से ऊपर के निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन करने का स्पष्ट निर्देश सितम्बर में ही दे दिया गया था, तो मुरादनगर में कहां चूक हो गयी?
यूपी सरकार की ओर से मृतक परिवारों को दस-दस लाख की आर्थिक सहायता देने का भी ऐलान किया गया है. इनमें जिन परिवारों के पास घर नहीं हैं, उन्हें आवासीय सुविधा मुहैया करने के भी निर्देश दिए गए हैं.

योगी आदित्यनाथ सभी आरोपियों पर रासुका लगाने की बात कही है.
दाह संस्कार के दौरान हुआ हादसा मुरादनगर में श्मशान घाट पर 3 जनवरी की सुबह ये हादसा उस वक्त हुआ, जब उखलारसी गांव के रहने वाले जयराम (70) के दाह संस्कार के लिए परिजन इकट्ठे हुए थे. बारिश के कारण ज्यादातर लोग श्मशान घाट में बने 70 फीट लंबे कॉरिडोर में खड़े थे. अंतिम संस्कार के बाद इसी जगह दो मिनट का मौन रखा गया. उसी दौरान शेड की छत भरभरा कर गिर गई. करीब 40 लोग मलबे में दब गए. NDRF की टीम ने करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद लोगों को निकाला. अभी तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है.

