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मुन्ना की जान खतरे में है

मुन्ना टाइगर है. कान्हा की शान. लेकिन गांव वाले उसकी जान के पीछे पड़े हैं. और प्रोफेशनल शिकारी भी.

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6 जुलाई 2016 (अपडेटेड: 6 जुलाई 2016, 10:27 AM IST)
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Image: wildfact
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मुन्ना बाघ है. 15 साल उम्र है उसकी. मध्य प्रदेश का कान्हा नेशनल पार्क उसका घर है. मुन्ना की वजह से कान्हा को पहचान मिली. लेकिन अब वहां के गांव वाले उसकी जान के दुश्मन बने हैं. जंगली जानवर और जंगल बचाने वाले दौड़े दौड़े फिर रहे हैं. मुन्ना को कुछ हो न जाए इसकी सब जुगत भिड़ा रहे हैं. एक लेटर में सौ लोगों के दस्तखत कराए हैं. सरकार को देने के लिए. कान्हा फील्ड के जो डायरेक्टर हैं, जेएस चौहान. वो बताते हैं कि "मुन्ना ने कान्हा को वर्ल्ड फेमस बनाया. अब उसकी जान पर बनी है. वो गांव वालों के कुछ जानवरों का शिकार कर गया. इसलिए वो उसका शिकार करना चाहते हैं." समस्या बहुत गंभीर है. 1 जनवरी से अब तक वहां 20 टाइगर मर चुके हैं. गिनती अब भी बढ़ती जा रही है. आदमी की सनक इतनी है कि जंगल खत्म करता जा रहा है. इससे टाइगर अपना इलाका छोड़कर इंसानों के इलाके में आने पर मजबूर हैं. दूसरे हैं शिकारी. प्रोफेशनल वाले. वो खाल और बाकी पार्ट्स के लिए टाइगर मारते हैं. चौतरफा मार पड़ रही है उन पर. उसे खतरा क्यों है दरअसल पास के गांव से तीन लोग मर गए. जंगली जानवरों के हमले में. उनमें से एक के ऊपर बाघ के हमले के निशान थे. गांव वालों का शक है कि मुन्ना ने उन्हें मारा. सब दांत धरे हैं कि उनकी मौत का बदला मुन्ना को मारकर लिया जाए. आसान शिकार है दो वजहें हैं. एक तो जंगल का कम इलाका. जिसकी वजह से वह गांवों तक आ जाता है. दूसरी उसकी बढ़ती उम्र. 15 साल का हो गया है. इतनी ही एवरेज उम्र होती है उसकी. माने बूढ़ा हो गया है तो मारना आसान हो गया है. अब जिम्मेदारी है प्रदेश सरकार की. कि वो आगे आए और मुन्ना ही नहीं, बाकी टाइगर्स को भी बचाने का पूरा प्रयास करे.

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