ट्रेन में 4 हत्याएं करके नफरती लेक्चर देने वाला शख्स चेतन सिंह ही था या नहीं, साफ हो गया
घटना से जुड़े वीडियो और ऑडियो सैंपल की फोरेंसिक जांच में क्या पता चला?

जयपुर-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस में हुई फायरिंग से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए. इनमें आरोपी RPF कॉन्सटेबल चेतन सिंह कथित तौर पर सांप्रदायिक टिप्पणी करता दिखा. हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई थी कि वीडियो में दिख रहा शख्स आरोपी चेतन सिंह ही है या नहीं और आवाज उसी की है या नहीं है. लेकिन अब इसकी पुष्टि हो गई है.
इंडियन एक्सप्रेस से जुड़े विजय कुमार यादव की रिपोर्ट के मुताबिक वारदात से जुड़े वायरल वीडियो में दिखे व्यक्ति और आरोपी चेतन सिंह की आवाज के सैंपल और तस्वीरों को मैच करने के लिए फोरेंसिक जांच कराई गई थी. इसकी रिपोर्ट के आधार पर GRP ने बताया है कि फोरेंसिक रिपोर्ट में पुष्टि हो गई है कि वीडियो में दिख रहा शख्स और सुनाई दे रही आवाज आरोपी RPF कॉन्सटेबल के ही हैं.
GRP के जांचकर्ताओं ने 7 अगस्त को अदालत को बताया था कि उन्होंने उन यात्रियों का पता लगा लिया है जिन्होंने चेतन सिंह का वीडियो रिकॉर्ड किया था. वही वीडियो जिसमें वो आपत्तिजनक और नफरती टिप्पणियां करते हुए दिखाई दिया था. GRP अधिकारियों ने बाकी यात्रियों के बयान भी दर्ज किए. रिपोर्ट के मुताबिक उन यात्रियों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि चेतन सिंह ने ट्रेन में चार लोगों की हत्या के बाद 'सांप्रदायिक भाषण' दिया था. घटना वाले दिन ड्यूटी पर तैनात दो अन्य RPF जवानों, ट्रेन मैनेजर, लोको पायलट, सहायक स्थानीय पायलट, टिकट चेकर, कोच अटेंडेंट के भी बयान दर्ज किए गए हैं.
वीडियो क्लिप की फोरेंसिक जांच और पूछताछ के बाद अब केस में आरोपी के खिलाफ धारा 153A भी जोड़ दी गई है.
मानसिक हालत ‘खराब’चार हत्याओं के आरोपी चेतन सिंह के वकील अमित मिश्रा ने उसकी मानसिक स्थिति सही नहीं होने का दावा किया है. उसके परिवार वालों ने भी यही बात कही है. उनका कहना है कि वो तनाव में रहता था, उसके दिमाग में खून का थक्का था और दिमागी हालत कुछ ठीक नहीं थी. हालांकि रेलवे पुलिस के एक बयान में इन बातों को खारिज किया गया था. उस बयान को सरकारी एजेंसी पीआईबी ने जारी किया था, जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया.
चेतन सिंह हाथरस के मीतई गांव का रहने वाला है. उसके परिवार में पत्नी रेनू सिंह, आठ साल का बेटा और छह साल की बेटी है. वो तीनों मथुरा में किराए पर रहते हैं. वहीं चेतन की मां वृद्धाश्रम में हैं. उसका भाई लोकेश मथुरा में ट्रक ड्राइवर का काम करता है. चेतन के पिता बच्चू सिंह RPF में ASI थे. मार्च 2007 में उनका निधन हो गया. तब वो मध्य प्रदेश के महू में तैनात थे. पिता की मौत के बाद चेतन को अनुकंपा के आधार पर 2009 में RPF में नौकरी मिली थी.
वीडियो: जयपुर-मुंबई ट्रेन फायरिंग के चश्मदीद ने RPF जवान चेतन सिंह के बारे में क्या बताया?

