कमिश्नर ने जबरदस्ती लगवाया था होर्डिंग... अफसरों ने जांच में सब बताया, गिरने से गई थी 17 की जान
Mumbai Ghatkopar Hoarding: अधिकारी ने कहा कि उन्होंने होर्डिंग लगाने की फाइल पर लिखा था कि इसके लिए DGP ऑफिस से अनुमति लेनी होगी. आरोप लगाया कि GRP कमिश्नर ने उन्हें ऐसा लिखने के लिए डांटा और मंजूरी वाले कागज पर साइन करने को कहा.

मुंबई में घाटकोपर होर्डिंग हादसे को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है. गर्वनमेंट रेलवे पुलिस GRP के दो अधिकारियों ने मामले में तत्कालीन GRP कमिश्नर कैसर खालिद के खिलाफ बयान दिया है. आरोप लगाया है कि कमिश्नर ने उन पर होर्डिंग लगाने को लेकर दबाव डाला था. 13 मई को उसी होर्डिंग के ढहने से 17 लोगों की मौत हो गई थी.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई पुलिस की 3299 पेज की जार्जशीट में ACP GRP शाहजी निकम और कानून अधिकारी हृषिकेश शिरसाट के बयान दर्ज किए गए हैं.
दोनों ने क्या आरोप लगाए?होर्डिंग के अप्रूवल पर साइन करने वाले शाहजी निकम का आरोप है कि कमिश्नर कैसर खालिद के दबाव में आकर उन्होंने ऐसा किया. दावा किया कि उन्होंने साइन करते वक्त लिख कर भी दिया था कि वो ये सब कमिश्नर के कहने पर कर रहे हैं.
शाहजी निकम ने बयान में कहा कि नवंबर 2022 में उन्होंने होर्डिंग लगाने की फाइल पर लिखा था कि इसके लिए DGP ऑफिस से अनुमति लेनी होगी. आरोप लगाया कि कमिश्नर ने उन्हें ऐसा लिखने के लिए डांटा और मंजूरी वाले कागज पर साइन करने को कहा.
दूसरी तरफ हृषिकेश शिरसाट ने कहा है कि जब मई 2021 में होर्डिंग पर उनकी कानूनी राय मांगी गई थी तो उन्होंने एक ड्राफ्ट रिपोर्ट पेश की थी जिसमें कहा गया था कि होर्डिंग लगाने के लिए BMC की अनुमति लेनी होगी. आरोप लगाया कि इसके बाद कमिश्नर ने उन्हें अपनी रिपोर्ट को अलग कर नई रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया.
होर्डिंग वाली जमीन का क्या चक्कर है?घाटकोपर में जिस जमीन पर पेट्रोल पंप और होर्डिंग था वो राज्य कल्याण और आवास विभाग ने पुलिस कल्याण के लिए GRP को दे दी थी. GRP राज्य सरकार को रिपोर्ट करती है, इस हिसाब से जमीन राज्य सरकार की हो गई. BMC का नियम कहता है कि 40X40 फीट से बड़ा होर्डिंग नहीं लगाया जा सकता. नियम ये भी है कि होर्डिंग का ऑपरेटर BMC को टैक्स देगा. इन नियमों को लागू किया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
चार्जशीट के मुताबिक, कमिश्नर खालिद ने किसी लॉ फर्म और एक रिटायर्ड जज की राय का हवाला दिया और कहा कि रेलवे एक्ट के मुताबिक, जमीन रेलवे के अंडर आएगी जो कि केंद्र को रिपोर्ट करता है. तय कर लिया गया कि होर्डिंग का साइज बड़ा हो सकता है और BMC को कोई टैक्स नहीं दिया जाएगा. फिर होर्डिंग ऑपरेटर ईगो मीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने हर महीने GRP को ही किराया दिया.
जांच के दौरान पता चला कि जिस लॉ फर्म से राय ली गई थी, उसे GRP ने नहीं बल्कि ईगो मीडिया के डायरेक्टर ने पेमेंट किया था. पुलिस ने बताया कि कानूनी मामलों में कानून और न्याय विभाग या ऐसे अन्य सरकारी विभागों से राय मांगी जाती है ना कि किसी निजी फर्म से.
कमिश्नर ने दी सफाई!मामले पर सफाई देते हुए सस्पेंड हो चुके कमिश्नर कैसर खालिद ने अखबार को बताया,
जांच उस होर्डिंग के बारे में होनी चाहिए जो ढह गया था ना कि इस पर कि वो जमीन किसकी है. रिटायर्ड जज और लॉ फर्म की राय मांगते समय मैंने साफ किया कि जमीन राज्य सरकार की है. इस जानकारी को छिपाने का कोई सवाल ही नहीं है.
दो अधिकारियों के आरोपों पर कैसर खालिद ने कहा कि हर कोई खुद को बचाने के लिए बहाना बना रहा है. खालिद का आरोप है कि उनके तबादले के बाद होर्डिंग का कंस्ट्रक्शन किया गया और किराया भी कमाया गया. बोले,
मेरे उत्तराधिकारी रवींद्र शिसवे के कार्यकाल के दौरान होर्डिंग का निर्माण किया गया था और किराया जमा किया गया था. उनके कार्यकाल के दौरान शिकायतें मिलीं लेकिन उन्होंने कार्रवाई नहीं की.
मामले पर रवींद्र शिसवे ने टिप्पणी करने से मना कर दिया है.
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बता दें, अपनी चार्जशीट में मुंबई पुलिस की SIT ने चार लोगों को नामित किया है. होर्डिंग संचालित करने वाले एगो मीडिया के मालिक भावेश भिंडे, पूर्व मालिक, सुरक्षा प्रमाण पत्र देने वाला आर्किटेक्ट और होर्डिंग का निर्माण करने वाला शख्स. मामले की जांच जारी है. जल्द ही सप्लिमेंट्री चार्जशीट फाइल की जाएगी.
वीडियो: '250 टन का होर्डिंग...', घाटकोपर होर्डिंग हादसे में अब तक क्या पता चला?

